एक पत्रकार की सरेबाज़ार पिटाई पर जनता तमाशबीन क्‍यों बनी रहती है?

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एक पत्रकार की सरेबाज़ार आंध्र प्रदेश में डंडों, लात और घूंसों से पिटाई हुई। जनता खड़ी देखती रही। एकाध ने प्रतिवाद करने की कोशिश की। यह घटना दिनदहाड़े हुई है। सब चुपचाप देख रहे हैं और गुज़र रहे हैं। पीटने वाला स्‍थानीय विधायक का भाई है। पीटा इसलिए क्‍योंकि पत्रकार ने अपने अख़बार में विधायक की भ्रष्‍ट करतूतों का खुलासा किया था।

आंध्र प्रदेश की पुलिस ने सत्‍तारूढ़ तेलुगुदेसम पार्टी के विधायक अमांची कृष्‍ण मोहन के सगे भाई के खिलाफ दिनदहाड़े चिराला में एक पत्रकार की पिटाई करने के आरोप में एक मामला दर्ज किया है।

घटना रविवा की है जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसकी प्रतिक्रिया में राज्‍य भर के पत्रकारों का आक्रोश सामने आया और सोमवार को प्रकासम जिले के विराला में सैकड़ों पत्रकारों ने रैली निकालकर विधायक के भाई और उसके गुर्गों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि चिराला विधानसभा से टीडीपी के विधायक का भाई अमांची स्‍वामुलु नायुडु नागार्जुन रेड्डी नामक एक पत्रकार का पीछा कर के उसे पीट रहा है। रेड्डी एक टीवी चैनल में अंशकालिक रिपोर्टर हैं और एक स्‍थानीय तेलुगु पत्रिका भी निकालते हैं।

स्‍वामुलु डंडे से रेड्डी को पीट रहा है जबकि उसके गुर्गे लात घूंसों से मार रहे हैं। घटना गांधी प्रतिमा के पास की है। इस दौरान कुछ पुलिसवाले शांत खड़े हैं जबकि दो अन्‍य नागरिकों ने जब पत्रकार को बचाने की कोशिश की तो उन्‍हें धकेल कर हटा दिया गया।

बताया जा रहा है कि रेड्डी ने अपनी पत्रिका ”मत्‍ती चेतुला बासा” (वंचितों की भाषा) के ताजा अंक में ”चिरालाकु चीड़ा पुरुगु” (चिराला पर कीट का हमला) शीर्षक से एक लेख छापा था जिसमें बताया गया था कि स्‍थानीय विधायक किस तरह भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त है जिसमें अवैध रेत खनन, जमीन पर कब्‍ज़ा और गरीबों के लिए सरकारी कर्ज के फर्जीवाड़े में लिप्‍त है।

रेड्डी की शिकायत के बाद स्‍वामुलु और उसके गुर्गों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। इस घटना की आंध्र प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कड़ी निंदा की है और स्‍थानीय प्रशासन समेत राज्‍य सरकार को कठोर कार्रवाई करने के लिए आवेदन किया है।

 


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