SBDBA: योगी के इशारे पर नागरिकों का दमन कर रही UP पुलिस

मीडिया विजिल मीडिया विजिल
उत्तर प्रदेश Published On :


लखनऊ पुलिस के द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी साहब समेत 8 नामजद और कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किए जाने पर यूपी मे एंटी CAA NRC NPR के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान (SBDBA) के द्वारा कड़ी भर्त्सना की गई। इस अभियान के कन्वीनर अमीक़ जामेई ने कहा कि दमन का प्रतीक बन चुकी धारा 144 को पूरे देश से खत्म किया जाना चाहिए।

रविवार शाम पूर्व राज्यपाल श्री अजीज कुरैशी तमाम लोगों के साथ नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकाल रहे थे। इसी मामले को लेकर श्री अजीज कुरैशी समेत 8 लोगों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में धारा 144 सीआरपीसी के तहत केस दर्ज किया गया।

संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान के चेयरमैन प्रो. रमेश दीक्षित ने लखनऊ पुलिस पर संविधान की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार नागरिकों का संविधानिक अधिकार है। जिस तरह से योगी की पुलिस दमन करने पर उतारू है उससे सीएए , एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बन्द नहीं होने वाले।

संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान के कन्वीनर अमीक़ जामेई ने कहा कि जिस प्रकार सीएम योगी 144 के बहाने विरोध के स्वरों को कुचलना चाहते हैं उससे ब्रिटिश राज की याद आती है। अंग्रेजों ने भी ऐसे ही अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबाया था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्रिटिश राज की याद दिलाने वाली इस धारा 144 को पूरे देश से समाप्त करने की मुहिम चलनी चाहिए। सबसे पहले इस धारा 144 को उन प्रदेशों से खत्म किया जाना चाहिए जहां पर गैर भाजपाई सरकारें हैं।

उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ खाकर मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ विरोध करने वालों को गोली मारने की बात कहकर अपने पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वो भाजपा के नहीं बल्कि प्रदेश के नागरिकों के मुख्यमंत्री हैं। नागरिकता संशोधन बिल देश की एकता अखंडता और भाईचारे के खिलाफ है। इसका विरोध पूरे देश में हो रहा है। संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान ऐसे सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन करता है जो कि सीएए, एनआरसी, एनपीआर जैसे भेदभाव पैदा करने वाले काले कानून के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।


विज्ञप्ति: SBDBA द्वारा जारी 


मीडिया विजिल जनता के दम पर चलने वाली वेबसाइट है। आज़ाद पत्रकारिता दमदार हो सके, इसलिए दिल खोलकर मदद कीजिए। अपनी पसंद की राशि पर क्लिक करके मीडिया विजिल ट्रस्ट के अकाउंट में सीधे आर्थिक मदद भेजें।

Related



मीडिया विजिल से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।