गोरखपुर: दलित टोले पर राजपूतों ने किया हिंसक हमला, गर्भवती महिला समेत कई घायल !

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योगी राज में दलित-पिछड़े-वंचित समुदाय पर सामंती हमले की बाढ़ सी आ गई है। अब ताजा मामला गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के पोखरी गांव का है, जहां 13 जून को सवर्ण सामंती दबंगों ने गांव के दलित टोले पर दिन दहाड़े हमला बोल दिया। इस हमले में गर्भवती महिला समेत आधा दर्जन लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। दबंगों ने दलितों की कई बाइक में तो तोड़फोड़ की ही, गर्भवती महिला और पशुओं को भी नहीं बख्शा, उन पर भी हमला किया गया।

इस मामले की जानकारी प्रशासन को हई, तो वह मामले को मैनेज करने में लग गया, बड़ी कोशिश के बाद भी पीड़ित लोगों का इलाज भी नही हो पाया। जन दबाव के बाद पीड़ितों को गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर किया गया और उनका इलाज हो सका। लोगों के दबाव के बाद FIR भी दर्ज हो सकी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अभी तक किसी अपराधी की गिरफ्तारी नही हो पाई है। जबकि दबंग ठाकुरों की तरफ से लगातर मुकदमा वापस लेने और जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है।

दलितों पर हमले के बाद इंकलाबी नौजवान सभा की जांच टीम पोखरी गांव पहुंची और पीड़ितों से बात की। इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने जांच टीम के हवाले से बताया, कि यह मामला सवर्ण सामंती दबंगई का सबसे बड़ा उदाहरण है। राजपूत जाति से आने वाले पोखरी गांव के सुरेंद्र चंद, शेलेन्द्र चंद, शेरू चंद, पिंटू चंद के नेतृत्व में आस पास के कई गांव के राजपूत बिरादरी के लगभग 25/30 की संख्या में आपराधियों ने दलित टोले पर हथियारों से लेस होकर हमला बोल दिया।

 

अपराधियों ने दलित टोले के रामगती, पुत्र गब्बू, उम्र 55 वर्ष, अभिषेक, अतुल, पुत्र रामगति, पुत्री अंकिता पत्नी मीरा, रामसिंगार, संतोष, तथा एक गर्भवती महिला सहित कई लोगो पर जानलेवा हमला किया, तथा घर के बाहर खड़ी 4 मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रॉनिक ऑटो को भी पूरी तरह से छतिग्रस्त कर दिया, दंबगों ने पशुओं तक को भी नही बक्शा। दरवाजे पर बधी गाय, भैंस को भी बुरी तरह से मारा पिटा। भैंस जो आठ महीने गाभिन थी, दबंगों के हमले में उसका गर्भपात हो गया।

 

इंकलाबी नौजवान सभा की जांच टीम का कहना है कि गांव के प्रधान शेलेंद्र चंद्र और कोटेदार सुरेश चंद्र के बीच पहले से विवाद चल रहा है। दोनों ही राजपूत जाति से हैं। ग्राम प्रधान शैलेंद्र मनरेगा के तहत रोड बनवा रहे थे। 29 अप्रैल को दलित टोले के रामगति रोड़ बनाने के काम में मजदूरी कर रहे थे तभी कोटेदार सुरेश चंद्र आए और कहा कि मेरे खेत से रोड पर मिट्टी नहीं फेंकी जाएगी। रामगति ने कोटेदार से ​कहा कि मैं तो मजदूरी कर रहा हूं, आप ग्राम प्रधान से कहिए। इतना सुनते ही कोटेदार सुरेश चंद्र ने दलित रामगति गालियां देनी शुरू कर दीं और काम बंद करा दिया। गाली-गलौज किये जाने से नाराज रामगति ग्राम प्रधान के साथ थाने चले गये, मगर थानेदार ने मुकदमा नहीं लिखा और समझौता करने को कहा।

जांच टीम का कहना है कि दलितों और राजपूतों में चल रही ये तनातनी 12 जून को और बढ़ गई। दरअसल गांव में काली मेला लगा था। मेले में राजपूत जाति के लड़के दलित युवकों को गालियां बकने लगे। जिसके बाद झगड़ा हुआ और राजपूत जाति के लड़कों को संख्या कम होने कारण वहां से भागना पड़ा। लेकिन इसी दिन शाम को राजपूत जाति के कुछ लड़के पकड़ी चौराहे पर दलित रामगति के बेटे के अंडे के ठेले के पास पहुंचते हैं और उसे मारने लगते हैं। लेकिन यहां भी दलित जाति नौजवान जुट जाते हैं और राजपूत लड़कों को भागना पड़ता है।

दलितों से लड़ाई में दो बार भागने के बाद राजपूतों ने इसे इज्जत का सवाल बना लिया। और दलितों पर हमले की तैयारी बनाई। जांच टीम का कहना है कि जाति की इज्जत का मामला बनते ही ग्राम प्रधान और कोटेदार एक हो गए। और दोनों ने मिलकर कई गावों से राजपूत लड़कों को बुलाया और दलित टोले पर हमला कर दिया।

 

राकेश सिंह कहा यदि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर अपराधियों के खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही नही करता है, तो मोके वारदात पर स्थिति विस्फोटक हो सकती है। प्रशासन तत्काल मुख्य अभियुक्तों की अबिलम्ब गिरफ्तारी कर कानूनी कार्यवाही करे, पीड़ित लोगों को समुचित इलाज की व्यवस्था व उन्हें सुरक्षा प्रदान की करे एवं दलित टोले में हुए नुकसान भरपाई सामंती दबंगो से कराई जाए।

राकेश सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में जब से योगी सरकार आई है, दलित-गरीबों पर सामंती दबंगो-अपराधियों के हमले जारी हैं। ऐसा लगता है कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। बीते वर्ष जिस तरह से सामंती आपराधियों ने सहारनपुर जनसंहार को अंजाम दिया, तबसे लेकर अब तक गोरखपुर के अस्थोला, सोपारा, रघुपुर, लाखुन, झगहा, ओझोली, सहित विभिन्न गांवों में सामंती-अपराधियों की दबंगई के मामले सामने आये हैं। जिसमें से लेकर दलितों की बर्बर पिटाई, महिलाओं के बलात्कार, अपराध की घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। प्रदेश की योगी सरकार इन घटनाओं को नियंत्रित करने बजाय सवर्ण सामंती अपराधियों को संरक्षण देने का काम रही है। जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं।

जांच टीम में इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के अलावा भाकपा माले गोरखपुर जिला कमेटी के सदस्य श्याम चरन, बांसगांव ब्लाक कमेटी सदस्य तसामूल और भोला प्रसाद शामिल थे।


गोरखपुर की घटना की ख़बर इंकलाबी नौजवान सभा द्वारा जारी तात्कालिक रिपोर्ट पर आधारित

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