बिहार चुनाव: माले के स्टार प्रचारकों में दीपंकर, कविता, बालाजी समेत 15 नाम

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भाकपा-माले ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी व महागठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की अपनी सूची जारी कर दी है। चुनाव आयोग के नए दिशा-निर्देश के तहत आज फिर से प्रचारकों की सूची आयोग को दी गई, जिसमें 20 की बजाए 15 नेताओं के नाम शामिल हैं।

भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य के साथ-साथ देश की चर्चित महिला नेत्री व पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य कविता कृष्णन, जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष व आइसा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष एनसाईं बाला जी, आरा से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके और पार्टी की केंद्रीय कमिटी के सदस्य राजू यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव व ओबरा के पूर्व विधायक राजाराम सिंह का नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।

इन नेताओं के अलावा पार्टी के वरिष्ठतम नेता स्वेदश भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, पार्टी के यूपी के प्रभारी रामजी राय, बगोदर से भाकपा-माले के विधायक विनोद सिंह, पार्टी के पूर्व सांसद व खेग्रामस के सम्मानित अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद, पार्टी के पूर्व बिहार राज्य सचिव रामजतन शर्मा, उत्तरप्रदेश के जुझारू छात्र नेता शैलेश पासवान आदि भी पार्टी के स्टार प्रचारक होंगे।

चुनाव संचालन के लिए पार्टी ने नेताओं की जवाबेदही का भी बंटवारा किया है। वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य भोजपुर के तीनो विधानसभा क्षेत्रों, राज्य सचिव कुणाल डुमरांव, धीरेन्द्र झा सिवान के तीनों विधान सभा क्षेत्रों, पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर अरवल, घोषी, पालीगंज, फुलवारी व दीघा, रामजी राय भोरे और पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के सचिव प्रभात कुमार चैधरी समस्तीपुर के वारिसनगर व कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्रों की कमान संभालेंगे।

चुनाव प्रचार में राज्य के बाहर के छात्र-युवा नेता भी शामिल होने के लिए पटना पहुंचने लगे हैं।

विदित हो कि पहले चरण के चुनाव में भाकपा-माले के 8 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। ये सीटें हैं – तरारी, अगिआंव, आरा, डुमरांव, काराकाट, अरवल, पालीगंज और घोषी।

भाकपा-माले के संस्थापक नेता नागभूषण पटनायक स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि सभा 

भाकपा-माले के संस्थापक नेताओं में रहे  नागभूषण पटनायक को उनके 22 वें स्मृति दिवस पर आज भाकपा-माले राज्य कार्यालय में श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को आगे बढ़ाने व सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।

बेहद गंभीर बीमारियों का सामना करते हुए अंततः 1998 में आज ही के दिन उनकी मृत्यु हुई थी। विदित है कि उन्हें अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा जेल में बीताना पड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने भाकपा-माले (लिबरेशन) के साथ अपने को एकाकार किया और फिर उनके नेतृत्व में आईपीएफ देश के दलित-मजदूरों व शोषित-वंचित तबके की मजबूत आवाज बनकर उभरा।

श्रद्धाजंलि के कार्यक्रम में माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, पार्टी के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य व अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, समकालीन लोकयुद्ध के कार्यकारी संपादक संतोष सहर, तरारी से माले के निवर्तमान विधायक सुदामा प्रसाद, पार्टी की राज्य कमिटी के सदस्य उमेश सिंह व अन्य नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए।


भाकपा माले, बिहार राज्य कार्यालय सचिव, कुमार परवेज द्वारा जारी

 


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