बिहार विधानसभा चुनाव 2020 – दूसरे चरण का मतदान – एनडीए के प्रभाव वाले इलाके में बस 54.44% मतदान?

जगन्नाथ
बिहार Published On :


बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज संपन्न हो गया. पहले चरण में जहाँ 55.68 फ़ीसदी मतदान हुआ था, वहीं दूसरे चरण में कुल महज़ 54.44 फ़ीसदी ही हुआ. राजधानी पटना के नौ विधासनभा सीटों पर कुल 48.23% सहित कुल 17 जिलों में मतदान पूरा हुआ. जिसमें पश्चिम चंपारण की तीन विधानसभा सीटों पर 59.69 प्रतिशत, पूर्वी चंपारण के छः सीटों पर 56.75%, शिवहर के एक सीट पर 56.04%, सीतामढ़ी के तीन सीटों पर 57.40%, मधुबनी के चार सीटों पर 54.67%, दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के पांच-पांच विधानसभा सीटों पर क्रमशः 54.15%, 59.98% तथा 56.02%, बेगूसराय के सात सीटों पर 58.82%, खगड़िया के चार सीटों पर 56.10% और वैशाली के छः विधानसभा सीटों पर कुल 54.52 फ़ीसदी मत डाला गया. जबकि गोपालगंज के छः सीटों पर 55.09%, सीवान के आठ सीटों पर 54.50%, सारण के दस सीटों पर 54.15%, भागलपुर के पांच सीटों पर 54.85% और नालंदा के सात विधानसभा सीटों पर कुल 51.06 फ़ीसदी मतदान हुआ.

चुनाव आयोग के मुताबिक पश्चिम चंपारण के चनपटिया विधानसभा सीट पर सबसे जयादा 63.62 फ़ीसदी और सबसे कम पटना के दीघा  सीट पर महज़ 34.50 % मत डाला गया.

गौरतलब हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 1463 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. जिनमें महज़ 146 महिला और एक ट्रान्सजेण्डर उम्मीदवार शामिल हैं. सबसे ज्यादा 27 उम्मीदवार महाराजगंज और सबसे कम 4 उम्मीदवार दरौली सीट पर हैं. इस चरण में सबसे ज्यादा 56 सीटों पर राजद लड़ रही है. इसके साथ, कांग्रेस- 24 और वामपंथी दल 14 सीटों पर मैदान में है. जबकि एनडीए खेमे से भाजपा 46, जदयू 43 और वीआईपी 5 सीटों पर लड़ रही हैं.

मतदान बहिष्कार भी रहा जारी

पूर्वी चम्पारण जिले के मधुबन विधानसभा में सबली बूथ नंबर 158 पर शाम 5 बजे तक एक भी मत नहीं डाले जाने की ख़बर है. ग्रामीणों का कहना हैं कि रोड नहीं तो वोट नहीं. हालाँकि स्थानीय स्तर के अधिकारी सुबह से मतदाताओं को मनाने में लगे हैं लेकिन अब तक कोई मतदान नहीं हुआ. ऐसा ही मामला सिवान और महाराजगंज के जगदीशपुर का भी है. वहाँ के लोगों ने भी- सड़क नहीं तो वोट नहीं- का नारा देते हुए मतदान करने से इंकार कर दिया हैं.  बेगूसराय में भी पुल न बनने से नाराज़ ग्रामीणों ने मतदान करने से बहिष्कार किया हैं.

इससे पहले भी 28 अक्टूबर को 16 जिलों में हुए प्रथम चरण के चुनाव के दौरान कई क्षेत्रों में सड़क, पानी जैसे मुद्दों पर क्षेत्रवासियों ने मतदान का बहिष्कार किया था.

ईवीएम तोड़ने की भी ख़बर

पश्चिमी चंपारण के नौतन विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ  पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा ईवीएम मशीन तोड़े जाने की ख़बर है. इस तोड़-फोड़ की वजह से लगभग दो घण्टे तक मतदान बाधित रहा. हालांकि बाद में इस घटना की सूचना मिलने पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने लोगों पर जमकर लाठीचार्ज किया है.

इस घटना के सम्बन्ध में स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों से जिस जगह पर बैठकर मतदान के लिए पर्ची कटती रही है, उस जगह पर नौतन के थानाध्यक्ष आए और बिना पूछे लाठी चलाने लगे. जिससे कई लोगों को चोट आई है. इसी से गुस्साएं कुछ लोगों ने बूथ के अंदर जाकर ईवीएम मशीन के साथ तोड़-फोड़ की हैं.

मतदान के बीच नेताओं की सभाएं

एक तरफ जहाँ आज दूसरे चरण की मतदान चल रहा था- वहीं दूसरी ओर, तीसरे चरण में मतदान होने वाले सीटों पर सभी दलों की ताबड़तोड़ रैलियां चल रही थी. एनडीए प्रत्याशी के लिए जहाँ पीएम मोदी सहरसा, अररिया और फारबिसगंज में सभाएं की, तो वहीं कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने भी कटिहार और किशनगंज में जनसभा कर केन्द्र और राज्य सरकार पर जबरदस्त हमला बोला. उन्होंने कहा कि आज देश मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है. कोरोना से निपटने में केन्द्र सरकार पूरी तरह विफल रही. कोरोना को 22 दिन में खत्म करने वाले पीएम ने लोगों से थाली बजवाई, मोबाइल फोन की लाइट जलवाई, लेकिन कोरोना बढ़ता गया. लाखों मजदूर मुंबई , दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे, लेकिन उनके लिए सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गयी.

प्रधानमंत्री मोदी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में जंगलराज लाने वालों के साथियों को भारत माता से दिक्कत है. कभी एक टोली कहती है कि भारत माता की जय के नारे मत लगाओ, कभी दूसरी टोली को भारत माता की जय से सिरदर्द होने लगता है. ये भारत माता के विरोधी अब एकजुट होकर बिहार के लोगों से वोट मांग रहे हैं. पीएम को सांप्रदायिक होने से भी कोई गुरेज़ नहीं हुआ, उन्होंने विपक्ष पर श्रीराम का विरोधी होने का आरोप भी लगा दिया। ऐसा लगने लगा है कि पीएम ख़ुद मानने लगे हैं कि बिहार चुनाव में, जनता उनके काम पर शायद, एनडीए को वोट न दे।

सीएम नीतीश कुमार पर फेंका गया पत्थर-प्याज़

तीसरे चरण में होने वाले मतदान को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बची सीटों पर लगातार सभाएं कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज उन्होंने मधुबनी के हरलाखी विधानसभा में एक सभा को संबोधित किया. जिसके दौरान उनके ऊपर भीड़ के बीच से पत्थर और प्याज़ फेंका गया. जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को सीएम को कवर करना पड़ा। हालांकि सुरक्षाकर्मियों को युवकों को हिरासत में लेने से सीएम ने रोक दिया।

हालाँकि बाद में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इसको लेकर प्रतिकिया दी. विपक्ष पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने ऐसा क्या काम नहीं किया, जिससे बिहारियों को गर्व नहीं हो रहा है?  प्याज फेंकना जंगलराज के समर्थकों का काम है.

तेज-तेजस्वी के खिलाफ़ चुनाव आयोग में शिकायत

दूसरे चरण में जारी मतदान के बीच जेडीयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री नीरज कुमार राजद नेता तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचे. जहां उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे यानी तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव ने अपने चुनावी हलफनामे में जो जानकारी दी है, वह गलत है और इसकी जांच की जाए क्योंकि उन्होंने अपनी संपत्ति की सही जानकारी छिपाई है.

चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद जदयू नेता नीरज कुमार ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि जब तरुण और तेजस्वी एक ही हैं तो उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में इस प्रॉपर्टी की चर्चा क्यों नहीं की. हमने शिकायत कर दी है और चुनाव आयोग ने हमें भरोसा दिलाया है कि इस संबंध की जानकारी केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष रखी जाएगी उसके बाद विधि सम्मत कार्रवाई भी की जाएगी.


जगन्नाथ, दिल्ली विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर हैं और Media Vigil की बिहार चुनाव टीम का हिस्सा हैं। 


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