हम ने सनम को ख़त लिखा…प्रधानमंत्री मोदी का बिहार के नाम खुला ख़त!

निर्मल पारीक निर्मल पारीक
बिहार Published On :


बिहार चुनाव के अंतिम चरण का प्रचार गुरुवार शाम को समाप्त हो गया है। अंतिम चरण का मतदान 7 नवम्बर को होगा। गुरुवार शाम को प्रधानमंत्री ने बिहारवासियों के लिए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से चार पन्नों का खुला पत्र लिखा है।
बिहार चुनाव के अंतिम दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार के लोगों से भावनात्मक जुड़ाव करने की कोशिश की है। और बिहार में अपनी मौजूदगी दिखाने की कोशिश की है। पत्र में पीएम मोदी ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों का बखान किया है। और आने वाले समय में बिहार के लिए क्या काम किया जाएगा इसको लेकर एक आश्वासन दिया है।

‘सुशासन पर मतदान करने की अपील’-

पीएम मोदी ने बिहार के लोगों से कुशासन नहीं, सुशासन पर मतदान करने की अपील की है। और “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्नास है” जैसा नारा भी दे रहे हैं। पत्र में लिखा है कि बिहार मे वोट जात पात पर नहीं, बल्कि विकास पर पड़ रहा है। यह वोट झूठे वादों पर नहीं, बल्कि पक्के इरादों और सुशासन पर है।

‘बिहार के लोगों का जीवन सरल बनाने की भी बात की है’-

पीएम मोदी ने अपने चार पन्नों के पत्र में बिहार में ‘ईज ऑफ लाइफ’ यानि बिहारवासियों के जीवन में सुख-सुविधाएं और बढ़ाए जाने की बात कही है। पीएम मोदी ने कहा “मैं जानता हूं कि बिहारवासी स्वामित्व योजना का भी बहुत उम्मीद के साथ इंतजार कर रहे हैं। इन मजबूत कदमों से आम लोगों का सशक्तिकरण होगा और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन मिलेगा।”

‘आत्मनिर्भर बिहार बनाने का संकल्प की बात की है’-

प्रधानमंत्री मोदी अपने खत में लिखते हैं “बिहार को आधुनिक बनाने में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्टर का बड़ा योगदान होगा। यही नहीं उन्होंने यह भी लिखा है कि बिहार में दुकान या फैक्ट्री चलाने वाले, डॉक्टर इंजीनियर से लेकर रेहड़ी पटरीवाले तक, हर कोई भयमुक्त होकर काम कर रहा है।” आज जब बिहार के लोग आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं तो इसके पीछे एनडीए सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की ठोस बुनियाद है।

‘2005 के बाद से बिहार बदला है’-

बिहारवासियों के नाम लिखी में पीएम मोदी ने कहा है कि अव्यवस्था और अराजकता के वातावरण में नव-निर्माण असंभव होता है। वर्ष 2005 के बाद से बिहार में माहौल भी बदला और नव-निर्माण की प्रक्रिया भी आरंभ हुई। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून का राज, ये सामाजिक और आर्थिक संपन्नता के लिए अनिवार्य हैं। बिहार को ये दोनों एनडीए ही दे सकता है।

‘सशक्त और गरिमापूर्ण जीवन’-

प्रधानमंत्री मोदी जी लिखते हैं कि बिहारवासि “स्वामित्व योजना” का भी बहुत उम्मीद कर रहे हैं। इन मजबूत कदमों से आम लोगों का सशक्तिकरण होगा और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन मिलेगा।
प्रधानमंत्री बिहार में  वोट किस आधार पर पड़ रहा यह बताते हुए लिख रहे हैं-
“जात-पात पर नहीं विकास पर
झूठे वादों पर नहीं, पक्के इरादों पर
कुशासन पर नहीं, सुशासन पर
भ्रष्टाचार नहीं, ईमानदारी पर
अवसरवादिता पर नहीं, आत्मनिर्भरता के विजन पर”
और पत्र के अंत में बिहारवासियों से अपील करते हुए लिखते हैं कि, “बिहार के विकास में कोई कमी न आए, विकास की योजनाएं अटके नहीं, भटके नहीं, इसलिए मुझे बिहार में नीतीश सरकार की जरूरत है। मुझे विश्वास है की डबल इंजन की ताकत, इस दशक में बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।”।
गौरतलब है कि अंतिम चरण में 15 जिलों के 78 सीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 10 नवंबर को कराई जाएगी। पहले चरण में 28 अक्टूबर को 71 और दूसरे चरण में 3 नवंबर को 94 सीटों पर मतदान हुआ था।

Media Vigil के लिए ये स्टोरी निर्मल पारीक ने की है। वे पत्रकारिता के छात्र हैं और संप्रति मीडिया विजिल की बिहार चुनाव टीम के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं।


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