शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा 6 फरवरी का चक्का जाम- संयुक्त किसान मोर्चा

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मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने 6 फरवरी को देशभर में तीन घंटे के लिए चक्का जाम करने का ऐलान किया है। जिसके तहत नेशनल व स्टेट हाईवे को दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम रखा जाएगा। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने 6 फरवरी के चक्का जाम कार्यक्रम के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मोर्चा ने कहा है कि चक्का जाम पूरी तरह शांति पूर्ण और अहिंसक रहेगा और इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा। वहीं चक्काजाम कार्यक्रम को यूपी और उत्तराखण्ड में जुलूस और प्रदर्शन में बदला गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान शनिवार को सड़क पर जाम नहीं लगाएंगे, बल्कि शांतिपूर्वक जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय पर ज्ञापन देंगे। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने इस कार्यक्रम में जनता से सहयोग करने की अपील भी की है।

चक्का जाम कार्यक्रम के लिए ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के दिशा-निर्देश

  1. देश भर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जाम किया जाएगा।
  2. इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, स्कूल बस आदि को नहीं रोका जाएगा।
  3. चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिए जाते है कि वे इस कार्यक्रम के दौरान किसी भी अधिकारी, कर्मचारियों या आम नागरिकों के साथ किसी भी टकराव में शामिल न हो।
  4. दिल्ली NCR में कोई चक्का जाम प्रोग्राम नहीं होगा क्योंकि सभी विरोध स्थल पहले से ही चक्का जाम मोड में हैं। दिल्ली में प्रवेश करने के लिए सभी सड़कें खुली रहेंगी, सिवाय उनके, जहां पहले से ही किसानों के पक्के मोर्चे लगे हुए है।
  5. कार्यक्रम के अंत में 3 बजे 1 मिनट तक हॉर्न बजाकर, किसानों की एकता का संकेत देते हुए, चक्का जाम कार्यक्रम संपन्न होगा। हम जनता से भी अपील करते हैं कि वे अन्न दाता के साथ अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त करने के लिए इस कार्यक्रम में शामिल हों।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा है कि सरकार और दिल्ली पुलिस ने किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए दिल्ली के बॉर्डर्स के सभी रास्ते बंद कर दिये गए हैं। बिजली-पानी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी बंद कर दी हैं। आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को ट्रेनों में परेशान किया जा रहा है। आंदोलन को कवर कर रहे पत्रकारों गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें किसानों के मोर्चों तक पहुंचने से रोका जा रहा है। किसानों के साथ इस तरह का अत्याचार सहन नहीं किया जाएगा। इसलिए इसके विरोध में छह फरवरी को देशभर में चक्का जाम किया जा रहा है।

इसके साथ ही ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने फैसला किया है कि जब तक पुलिस और प्रशासन द्वारा किसानों के आंदोलन के खिलाफ विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न पर तुरंत रोक नहीं लगाई जाती, तब तक सरकार के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं होगी।


 ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से डॉ दर्शन पाल द्वारा जारी


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