लोकसभा में बोले राहुल गांधी- सरकार के पास किसानों की मौत का आंकड़ा नहीं, मैं देने को तैयार!

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राजनीति Published On :


संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को मुआवज़े देने की मांग को लेकर सवाल करते हुए केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, सरकार कह रही है कि उनके पास किसानों की मौत का कोई आंकड़ा नहीं है, लेकिन हमारे पास सबके नाम हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने किसानों को मुआवज़े दिए जाने की मांग को लेकर लोकसभा में चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस भी दिया था।

किसानों को मुआवज़ा देने के संबंध में क्या कर रही सरकार: राहुल गांधी

आपको बता दें, 3 दिसंबर को राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि कांग्रेस के पास जान गंवाने वाले 503 किसानों की सूची है। उन्होंने कहा था कि इसे वह संसद के समक्ष पेश करेंगे। अब आज राहुल गांधी ने लोकसभा में सवाल किया कि सरकार किसानों को मुआवज़ा दिए जाने के संबंध में क्या कर रही है?

सरकार ने कहा कोई आंकड़ा नहीं है..

राहुल के इस सवाल पर सरकार की ओर से अपनी बात दोहराते हुए कहा गया कि उनके पास कोई आंकड़ा नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि किसान आंदोलन में करीब 700 किसान मारे गए हैं। आगे राहुल ने पीएम पर तंज करते हुए कहा, प्रधानमंत्री ने गलती स्वीकार करते हुए किसानों और देश से माफी मांगी। इसके बाद भी आपकी सरकार कहती है कि उनके पास मृतक किसानों का कोई डाटा नहीं है।

मैं यह सूची सरकार को उपलब्ध कराने को तैयार हूं….

राहुल ने कहा, पंजाब सरकार ने करीब 400 किसानों के परिवारों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। इसमें 152 लोगों को रोज़गार भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमने हरियाणा के 70 किसानों की सूची तैयार की है। मैं यह सूची सरकार को उपलब्ध कराने को तैयार हूं। आपके पास किसानों के नाम नहीं हैं, लेकिन हमारे पास सबके नाम हैं। राहुल ने किसानों की मांगों और उनके हक पर ज़ोर देते हुए कहा, किसानों की सभी मांगें पूरी हों, मृतक किसानों के परिवारों को मुआवजा मिले, उन्हें रोजगार मिले और उनका हक भी मिले।

आख़िर PM कितनी बार माफ़ी माँगेंगे?

वहीं, दूसरी तरफ ट्वीटर के ज़रिए भी राहुल ने पीएम मोदी पर  कटाक्ष किया है। उन्होंने लिखा, “सत्याग्रही शहीद किसानों के नाम पर मुआवज़ा ना देना, नौकरी ना देना और अन्नदाताओं के ख़िलाफ़ पुलिस केस वापस ना लेना बहुत बड़ी ग़लतियाँ होंगी। आख़िर PM कितनी बार माफ़ी माँगेंगे?”

 


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