संविधान की शपथ खाये सांसद राकेश सिन्हा संविधान से ‘समाजवाद’ को हटाना चाहते हैं

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राजनीति Published On :


सत्ताधारी बीजेपी के एक सांसद राकेश सिन्हा ने संविधान की प्रस्तवना से ‘समाजवाद'(सोशलिज्म) शब्द को हटाने के लिए शुक्रवार को राज्यसभा में प्रस्ताव दिया है. बीजेपी सांसद ने अपने प्रस्ताव के तर्क में कहा है कि वतर्मान समय में समाजवाद एक निरर्थक शब्द हो चुका है. बीजेपी सांसद का कहना है कि वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक उन्नति के लिए इस शब्द को प्रस्तावना से हटा दिया जाना चाहिए.

उन्हे शुक्रवार को प्राइवेट मेंबर बिल के लिए नियत समय में से इस प्रस्ताव को रखने का समय दिया गया है. इस सन सन्दर्भ में राकेश सिन्हा ने बुधवार को सदन में नोटिस दिया था. राकेश सिन्हा का प्रस्ताव राज्यसभा के चैयरमैन ऑफ़िस ने बुधवार को स्वीकार किया है.

 

बीजेपी के सांसद राकेश सिन्हा शुक्रवार को संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवाद’ शब्द को हटाने का प्रस्ताव पेश करेंगे. इस सिलसिले में उनके नोटिस को राज्यसभा चेयरमैन वैंकया नायडु ने स्वीकार कर लिया है. राकेश सिन्हा का कहना है कि आज के दौर में समाजवाद शब्द का कोई महत्व नहीं रह गया है. राकेश सिन्हा का प्रस्ताव है कि समाजवाद को प्रस्तावना से हटा कर बिना किसी खास़ विचारधारा के आर्थिक सोच को जगह दी जानी चाहिए.

 

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अगर सदन में यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो परंपरा के अनुसार प्रस्ताव को संबंधित मंत्रालय को भेज दिया जाएगा. इसके बाद मंत्रालय चाहे तो इस प्रस्ताव पर क़ानून ला सकता है.


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