चुनाव चर्चा: तमिलनाडु में स्टालिन की जादूगरी और अमित शाह की चाणक्यागीरी  की टक्कर


एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपिनियन पोल सर्वे के मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन के सत्ता में लौटने के आसार हैं. उसे 162 सीटें तक मिल सकती है. एआईएडीएमके गठबंधन को 66 सीटें मिलने का अनुमान है. सर्वे के अनुसार एआईएडीएमके गठबंधन को 29 प्रतिशत, डीएमके गठबंधन को 41 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना और अन्य को 30 प्रतिशत वोट मिल सकता है.


चन्‍द्रप्रकाश झा चन्‍द्रप्रकाश झा
काॅलम Published On :


भारत के बड़े राज्यों में एक तमिलनाडु में पडोसी केंद्र-शासित प्रदेश पुडुचेरी और बगलगीर सूबा केरल के अलावा सुदूर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तरी सरहदी राज्य असम के साथ ही चुनावी मुकाबला का बिगुल बज चुका है. 

तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों के लिए 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. वोटों की गिनती 2 मई को होगी.  तमिलनाडु की मौजूदा विधान सभा का कार्यकाल 24 मई 2021 को खत्म होगा.  

तमिलनाडु की मौजूदा 15वीं विधानसभा के 2016 में हुए पिछले चुनाव में फिल्म अभिनेता से नेता बने एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) द्वारा 1972  में स्थापित आल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम (एआईडीएमके ) गठबंधन ने कुल 234 में से 136 सीटें जीती थी।  द्रविड मुनेत्र कषगम (डीएमके) गठबंधन ने 89 सीट जीती थी. पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए न्यूनतम 118 सीटों की दरकार है. विधानसभा में अभी एआईडीएमके के 136 , डीएमके के 89 , इंडियन मुस्लिम लीग के पांच और कांग्रेस के सात विधायक हैं. 

इस बार चुनावी मुकाबला मुख्यतः राज्य में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके  के नेतृत्व वाले गठबंधन और डीएमके के मोर्चा के बीच है. दोनो ने मुख्यमंत्री पद के लिये अपने  दावेदार घोषित कर दिये हैं. मौजूदा मुख्यमंत्री एआईएडीएमके गठबंधन के और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि के पुत्र एम के स्टालिन डीएमके खेमा के दावेदार हैं. 

स्टालिन का नाम रूस के कम्युनिट नेता जोसेफ़ स्टालिन (1878 – 1953) के नाम पर है, स्टालिन डीएमके मौजूदा अध्यक्ष हैं. वे कोलाथुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. वे पिछली दो बार इसी सीट से चुनाव लड़ और जीते हैं. 

तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दलों के गठबंधन का पुरानी पीढ़ी का पुराना ढांचा टूट चुका है। 2014 के लोकसभा चुनाव में जो राजनीतिक परिदृश्य था वह 2019 के लोकसभा चुनाव में बदल गया.  और अब 2021 मे लगभग पूरी तरह बदल गया है. पिछले लोक सभा चुनाव में एआईएडीएमके ने कुल 39 में से 37 सीटें जीती थी। राज्य में अन्नाद्रमुक सरकार बरकरार है . पर उसकी लोकप्रियता पर गहरे संदेह हैं। 

 

जे जयललिता

पिछले विधान सभा चुनाव के समय मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक प्रमुख रहीं एमजीआर की करीबी जे.जयललिता दिवंगत हो चुकी हैं। वह भी फिल्म दुनिया से सियासत में आई थी. सितम्बर 2014 में एक विशेष अदालत ने जयललिता को उनकी ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति होने के भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहरा कर चार वर्ष की कैद की सज़ा सुनाई थी। इसके खिलाफ अपील पर भी सज़ा बरकरार रखे जाने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा। लम्बी बीमारी के बाद उनका चेन्नई के एक अस्पताल में 5 दिसंबर 2016 को निधन हो गया। उनके निधन पर अन्नाद्रमुक गुटों की कलह में समझौता के तहत ओ पनीरसेल्वम अस्थाई रूप से मुख्यमंत्री बने. उसी समझौता की के अगले चरण में 16 फरवरी 2017 को ई के पलानीस्वामी मुख्यमंत्री बने.पनीरसेल्वम को उपमुख्यमंत्री बना दिया गया.

 

अन्नाद्रमुक गठबंधन  , पलानीस्वामी ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार

राज्य में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके का केंद्र में सत्तारूढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) का नेतृत्व कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ चुनावी गठबंधन पहले से तय था. 

एआईडीएमके ने विधानसभा चुनाव में पलानीस्वामी को ही मुख्यमंत्री पद का अपना दावेदार घोषित कर दिया है. अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच सीट बंटवारा वार्ता चल रही है.ये वार्ता केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, भाजपा राष्ट्रीय महासचिव एवं तमिलनाडु राज्य प्रभारी सीटी रवि और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन, मुख्यमंत्री पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के साथ चला रहे हैं. भाजपा को वार्ता में 60 सीट मिलने की उम्मीद है.

 

शशिकला 

2017 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल गयीं वी के शशिकला 27 जनवरी से जमानत पर जेल बाहर हैं. उन्हे कोरोनाग्रस्त होने पर बंगलुरू के अस्पताल में भर्ती होना पडा. अब वह अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुकी है और चुनाव की तैयारी में जुट गई लगती हैं.  

शशिकला को सियासी तौर पर किनारे लगाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी चाणक्यगीरी से जयललिता के खास पनीरसेल्वम और शशिकला के खास पलानीस्वामी के मतभेद खत्म कर उन्हे साथ कर दिया. अभी पलानीस्वामी सरकार चला रहे हैं और पनीरसेल्वम बतौर एआईडीएमके जनरल सेक्रेट्री पार्टी चला रहे हैं. सरकार और पार्टी में  शशिकला के लिये कोई जगह नहीं छोड़ी गई है. 

लेकिन शशिकला एआईडीएमके पर अपना दावा छोड़ने तैयार नहीं लगती हैं. शशिकला के भांजा ने पहले से अम्मा मुक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके)  पार्टी बना रखी है जिसका वोट शेयर करीब 10 प्रतिशत है. अमित शाह जुगत में हैं कि एआईडीएमके का भाजपा या एआईडीएमके में विलय हो जाये. स्टालिन की कोशिश है कि एएमएमके चुनाव में एआईडीएमके के वोट काट डीएमके को फायदा पहुंचाये.

 

ओवैसी

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में भी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा : हम पांच साल पहले भी वहां चुनाव लड़े थे. 

 

डीएमके गठबंधन-  एम के स्टालिन

मुख्य विपक्षी दल, डीएमके का कांग्रेस के साथ होना तय था। डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन ने अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणानिधि की 2019 के लोक सभा चुनाव के बाद चेन्नई में स्थापित प्रतिमा के अनावरण के उपलक्ष्य में आयोजित रैली में साफ कर दिया था कि अब डीएमके और कांग्रेस साथ-साथ हैं. कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव में सभी 40 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किये थे. लेकिन उसका कोई प्रत्याशी नहीं जीता. करूणानिधि प्रतिमा अनावरण  रैली में स्टालिन के आमंत्रण पर यूनाईटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) प्रमुख सोनिया गांधी , कांग्रेस नेता राहुल गांधी , आंध्र प्रदेश के तब  मुख्यमंत्री एवम तेलुगु देशम पार्टी ( टीडीपी ) के प्रमुख नारा चंद्राबाबू नायडू ही नहीं , केरल के मुख्यमंत्री एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पी विजयन भी उपस्थित थे। 

स्टालिन ने पहली बार उसी रैली में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा विरोधी खेमा के दावेदार के रूप में पेश करने का प्रस्ताव रखा था.

डीएमके के सेक्युलर डेमोक्रेटिक गठबंधन ( एसडीएफ ) में कांग्रेस पहले से शामिल है. इसमें  कम्युनिस्ट पार्टी औफ इंडिया (सीपीआई) , कम्युनिस्ट पार्टी औफ इंडिया मार्किस्ट (सीपीएम) के अलावा एमडीएमके, आइजेके, आईयूएमएल और केएमडीके आदि के भी साथ होने की सम्भावना है, कांग्रेस ने राज्य में सिर्फ दो बार 1977 और 1989 में गठबंधन का नेतृत्व किया है। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम भी 2019 के लोक सभा चुनाव में शिवगंगा से प्रत्याशी बन गये थे पर हार गये.

डीएमके की चुनावी रणनीति ये है कि कांग्रेस के लिये 25 से ज्यादा सीट नहीं छोडी जाये. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 41 सीट पर प्रत्याशी खडे किये थे. कांग्रेस ने ज्यादा सीट पर चुनाव लडने के एवज में राज्य मे राहुल गांधी की रैली बढ़ाने की पेशकश की है .

द्रमुक ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और मनीथानेया मक्काल काची (एमएमके) के साथ सीट बंटवारे को लेकर समझौता किया है। समझौता के तहत पार्टी ने आईयूएमएल को तीन  और एमएमके को दो सीटें दी हैं। द्रमुक, वाइको के एमडीएमके के साथ भी सीट बंटवारा वार्ता कर रही है. टी. तिरूमावलवन के नेतृत्व वाली वीसीके पार्टी के साथ भी वार्ता चल रही है। 

स्टालिन ने तुफानी चुनाव रैलिया शुरु कर दी है. उन्होने अर्से से आंदोलनरत परिवहन विभाग कर्मचारियों से काम पर लौट आने की अपील कर कहा डीएम के सत्ता में लौटने पर उनकी सभी मांग पूरी कर दी जायेगी.

 

फिल्म और सियासत 

फिल्मों से राजनीति में आने वालों की पार्टियों की भी राज्य में राजनीतिक प्रभाव रहा है. तमिल फिल्मकार और तीन बरस पुरानी * मक्कल निधि मायम (एमएनएम) प्रमुख कमल हासन  ने सुपरस्टार रजनीकांत से बातचीत के बाद अपना चुनाव अभियान शुरु करने की घोषणा कर दी है. हासन ने कहा एमएनएम उम्मीदवारों के चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन लेगी. गैर-पार्टी सदस्य भी आवेदन कर सकते हैं. उनकी पार्टी को बैटरी टॉर्चचुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है. हासन की पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव में भी इसी चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरी थी और उसे 3.77 प्रतिशत वोट मिला था.

कमल हासन ने कहा उनकी पार्टी ने उन्हें समविचारी दलों के साथ गठबंधन के लिए अधिकृत कर दिया है। उन्होंने साफ कहा वह भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन कांग्रेस से हाथ मिला सकती है बशर्ते कि वह द्रमुक के साथ न रहे। लेकिन कांग्रेस ने उनकी यह पेशकश नामंजूर कर दी। ऑल इंडिया समातुवा मक्कल काची (एआईएसएमके) के संस्थापक आर शरत कुमार कमल हासन की पार्टी मक्कल निधी मैय्यम से गठबंधन की संभावना पर चर्चा करेंगे।

फिल्म अभिनेता रजनीकांत ने पिछले लोकसभा चुनाव के समय ही संकेत दिये थे कि नए विधान सभा चुनाव में उनकी भी अलग सियासी पार्टी बनेगी. भाजपा ने रजनीकांत की पार्टी को समर्थन देने के संकेत दिए थे. पर रजनीकांत की पार्टी की बात सिर्फ हवा में है. रजनीकांत ने 29 दिसंबर 2020 को ही घोषणा कर दी थी कि वह स्वास्थ्य कारण से अब सियासत में नही आयेंगे और न ही पूर्व घोषित पार्टी रजनी मक्कल मंडलम लॉन्च करेंगे. वैसे रजनीकांत के सहयोगी और गांधिया मक्कल इयक्कम के संस्थापक तमलिरुवी मणियन के अनुसार रजनी कांत ने यह नहीं कहा कि वह कभी राजनीति में नहीं आएंगे. वह फिलहाल खुद चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगे. उन्होंने आरएमएम को भंग नहीं किया है.

फिल्म निदेशक-अभिनेता रहे विजयकांत उर्फ कैप्टन के नेतृत्व वाले देसिया मुरपोकु द्रविड़ कषगम (डीएमडीके ) ने 2014 के लोकसभा चुनाव के ऐन पहले भाजपा के साथ गठबंधन किया था। डीएमडीके ने  14 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किये थे। लेकिन वह कोई सीट नहीं जीत सकी। 

 

एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपिनियन पोल

एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपिनियन पोल सर्वे के मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन के सत्ता में लौटने के आसार हैं. उसे 162 सीटें तक मिल सकती है. एआईएडीएमके गठबंधन को 66 सीटें मिलने का अनुमान है. सर्वे के अनुसार एआईएडीएमके गठबंधन को 29 प्रतिशत, डीएमके गठबंधन को 41 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना और अन्य को 30 प्रतिशत वोट मिल सकता है.

कुल मिलाकर तमिलनाडु का चुनावी चक्रव्यूह तैयार हो रहा है. अमित शाह को पूरा विश्वास है कि भाजपा के सह्योगी ही जीतेंगे . स्टालिन की सियासी जादूगरी भी कम जोर नहीं कही जा सक ती. उन्होने कांग्रेस ही नहीं कम्युनिस्टों  को संग कर लिया है. लेकिन कुछ संदेह भी हैं उन्हे. स्टालिन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग ( ईवीएम) मशीन और वोटर वेरिफाइड पेपर ट्रौल ( वीवीपीएटी ) मशीनों में गड़बड़ी किये जाने की शंका व्यक्त करते रहे हैं. उनका आरोप है निर्वाचन आयोग ने 2019 के लोक सभा चुनाव में केंद्र एवं राज्य की सरकारों की सहयोगी कीतरह काम किया था. इस बार भी वही हो सकता है.

 

*मीडिया हल्कों में सीपी के नाम से मशहूर चंद्र प्रकाश झा 40 बरस से पत्रकारिता में हैं और 12 राज्यों से चुनावी खबरें, रिपोर्ट, विश्लेषण के साथ-साथ महत्वपूर्ण तस्वीरें भी जनता के सामने लाने का अनुभव रखते हैं। 


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