योगी के पोस्टर दिल्ली में बाँट रहे हैं लाखों नौकरी, युवाओं ने ‘फ़ेक न्यूज़’ बताकर हल्ला बोला!


युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गोविंद मिश्रा ने झूठे दावों की पोल खोलने के लिए छेड़ा मुहिम। राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ऋषव रंजन ने RTI दायर कर माँगा प्रचार में खर्च हुए पैसों का हिसाब।


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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चेहरा चमकाने का अभियान इन दिनों बड़े ज़ोरों पर है। लखनऊ में भले ही रोज़गार के सवाल पर धरना प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर लाठियाँ बरस रही हैं, लेकिन उनका सूचना एवं जनसंपर्क विभाग दिल्ली में बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर लाखों को रोज़गार देने का दावा कर रहा है। युवा हल्ला बोल ने इसके ख़िलाफ़ मुहिम शुरू की है और इन के आगे फ़ेक न्यूज़ लिखा प्लेकार्ड लेकर फ़ोटो ख़िचवायी और वायरल किया। उधर, यूपी पुलिस का साइबर सेल ऐसे प्रयासों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात कर रहा है।

बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में जुटे संगठन ‘युवा हल्ला बोल’ ने इस सिलसिले में जारी बयान में कहा है कि सरकारों द्वारा किए जा रहे झूठे वादों और प्रचार को एक्सपोज करने का अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत 12 जुलाई को युवा हल्ला बोल की टीम ने दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर योगी सरकार द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर “Fake News Spotted” वाले बैनर के साथ फोटो खिंचवाकर अपना विरोध जताया और सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसके समर्थन में अन्य लोगो ने भी इस तरह के Fake News को एक्सपोज करने वाली फोटो डाली।

कुछ दिन पहले बैंगलोर एयरपोर्ट पर लगे हुए इन्हीं पोस्टरों पर ट्वीट करने पर Cyber Police UP ने उस व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही करने की बात कही। जिसके जवाब में युवा हल्ला बोल ने लिखा की Fake News तो असल में 4 लाख युवाओं को नौकरी देने वाली बात है और कार्यवाही तो इस तरह के दावे करने वालो पर होनी चाहिए।

युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय संयोजक गोविंद मिश्रा ने कहा : “जब एक RTI के माध्यम से सरकार से इन 4 लाख नौकरियों का ब्योरा मांगा गया तो जवाब में सरकार ने कहा की उनके पास ये आंकड़ा नहीं है कि ये नौकरियां किन किन विभागों में किन किन लोगों को दी गई। तो फिर सरकार किस आधार पर सरकार इतना बड़ा दावा कर रही है।”

राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ऋषव रंजन ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में RTI दायर कर तीन सवाल पूछें हैं :

Q1: ‘मिशन रोज़गार’ योजना की शुरुआत 2020 से आज तक देश के कितने राज्यों में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना विज्ञापन दिया है? हर 3 महीने के हिसाब से ब्यौरा दें।

Q2: ‘मिशन रोज़गार’ योजना में 2020 के शुरुआत से आजतक प्रेषित हुए विज्ञापन के सभी रूपों को मिलाकर कितने रुपए खर्च हुए?

Q3: ‘मिशन रोज़गार’ योजना के प्रचार के लिए 2022 तक आवंटित बजट कितना है?

राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रशांत कमल ने कहा कि “उत्तर प्रदेश का सूचना विभाग खुद फेक न्यूज फैलाता है। ‘फैक्ट चेक’ के नाम पर बना एक सरकारी हैंडल नागरिकों को डराने-धमकाने के लिए झूठ फैलाने में व्यस्त है। ये वाकई शर्मनाक है। 4 लाख सरकारी नौकरी देने का दावा झूठा है। हमारी टीम देशभर में इस झूठे प्रचार का पोल खोलेगी।”

ऋषव रंजन/9534251489
युवा हल्ला बोल

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