Exclusive Report- रात को आए, तो सुबह कहां लापता हुए दिल्ली के कोरोना आंकड़े?

मयंक सक्सेना मयंक सक्सेना
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दिल्ली के ग़ज़ब डेटा की अजब कहानी

ये स्टोरी नहीं, सवाल है और हम बस इसका जवाब चाहते हैं। 9 जून, 2020 की रात 11.40 पर हमारी टीम, अगले दिन के हमारे कोरोना आंकड़ों के शो के लिए कोरोना के देश भर के राज्यों के फाइनल आंकड़ों का इंतज़ार कर रहे थे। सभी राज्यों के आंकड़े, अलग-अलग सभी वेबसाइट्स पर हमारे सामने थे – लेकिन केवल एक राज्य के आंकड़े, रात 11.44 तक नहीं आए थे। वो राज्य था…संघ शासित दिल्ली। मंगलवार शाम को ही दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कह चुके थे कि जुलाई के अंत तक, दिल्ली में साढ़े 5 लाख कोरोना संक्रमित होंगे। ऐसे में दिल्ली के नए कोरोना संक्रमण के आंकड़े जानना हमारे लिए बेहद अहम था। रात 11.45 को हमने जैसे ही www.covid19india.org का लैंडिंग पेज रिफ्रेश किया – दिल्ली के नए आंकड़े हमारे सामने थे। दिल्ली में ये अब तक के सबसे ज़्यादा कोरोना के नए संक्रमण के आंकड़े थे और इसी के साथ – देश का कुल कोरोना संक्रमण के नए मामलों का आंकड़ा, तीसरी बार 10,000 की संख्या पार कर गया था। हमारे कार्यक्रम का विषय हमारे सामने था।

लेकिन अल सुबह हम जब अपने शो के कंटेंट पर काम करने बैठे, तो हमने अचानक पाया कि कोरोना संक्रमण के सभी जगह के आंकड़ों से अचानक से दिल्ली का नया आंकड़ा गायब था। लगभग हर वेबसाइट पर, ये आंकड़ा वापस – रात 11.45 की स्थिति के पहले की स्थिति में जा पहुंचा था। हम भौचक्के थे, क्योंकि कोरोना संक्रमण का देश का कुल आंकड़ा वापस 8,852 पर था। ये देश का कुल आंकड़ा तो था, लेकिन समस्या ये थी कि ये सुबह 8 बजे भी ऐसा ही था और इसमें दिल्ली का कोरोना संक्रमण के नए मामले ‘शून्य’ दिख रहे थे।

10 जून, 2020 की सुबह के आंकड़े (जो रात को अचानक बदल गए)

दुविधा और हैरानी

आख़िर ऐसा कैसे संभव था कि सुबह 8 बजे से अधिक का समय हो चुका था और दिल्ली के पिछले दिन के कोरोना आंकड़े नहीं आए थे। लेकिन हमारी दुविधा ये थी कि हमने रात को दिल्ली के नए आंकड़े देखे थे। इन आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 1,366 नए मामले थे, 500 के ऊपर रिकवरी के मामले थे और 31 लोगों की मृत्यु हुई थी। हम समझ नहीं पा रहे थे कि ये डेटा, आख़िर इस वेबसाइट से गायब कैसे हो गया। हमने दोबारा जांच करने के लिए, अन्य वेबसाइट्स को जांचने की कोशिश की। हम हैरान थे कि सभी जगह ये डेटा अचानक से गायब हो गया था। दिल्ली में सुबह कोरोना संक्रमण के नए मामले शून्य थे। वापस देश के नए मामले 8,852 हो गए थे, यानी कि उसमें से ठीक, दिल्ली के गायब हो गए डेटा जितने ही मामले कम हो गए थे।

https://www.worldometers.info/ पर जांचा गया आंकड़ा

हमारी जांच में क्या मिला?

हम हैरानी में पड़े, नए आंकड़ों को लेकर ये समझने की कोशिश कर रहे थे कि आख़िर दिल्ली के आंकड़े क्यों नहीं आए या फिर क्या रात के आंकड़े ग़लत थे – इसलिए हटा लिए गए। हम अपने आपको ये समझाना चाह रहे थे कि आंकड़ों को लेकर शायद कुछ ग़लती हो गए हो, जिसको सुधार के, डेटा फिर से अपलोड कर दिया जाएगा। लेकिन 11 बजे के आसपास हमने देखा कि नया आंकड़ा आ गया है। हालांकि इस बीच, सभी वेबसाइट्स में लैंडिंग पेज से डेटा बदल गया था और नए आंकड़े पिछले दिन की जगह आज के दिन के मामले दिखाने लगे थे। यानी कि अब दिल्ली के आंकड़े तो आ गए थे, सभी जगह वो कुल केस की संख्या में जुड़ गए थे। एक दिन के कुल नए मामले 10 हज़ार के ऊपर जा चुके थे। लेकिन जिसने भी सुबह पिछले दिन के नए कुल मामले देखे होंगे (ज़्यादातर लोग), उनको यही पता था कि देश में कुल नए मामले 8,852 ही हैं।

हमने दोबारा ये जांचने की कोशिश की, कि क्या रात के डेटा में कोई गड़बड़ी थी, इसलिए तो उसे हटाया नहीं गया था। हमने www.covid19india.org के पेज पर अपडेट नोटिफिकेशन्स चेक किए। इस से आपको वेबसाइट पर हर नए अपडेट की जानकारी मिलती है। इसको देख कर हम फिर हैरान थे, क्योंकि ये हमारी बात की पुष्टि कर रहा था। इसके अपडेट्स के लॉग के मुताबिक, रात को लगभग 11.45 के आसपास ही दिल्ली का डेटा अपडेट हुआ था। जिसके मुताबिक 1,366 नए मामले, 504 रिकवरी और 31 मृत्यु के मामले थे।

 

हमारी बात की पुष्टि करता लॉग

हमारी बात की पुष्टि करते इस लॉग में, दरअसल यही मामले, डेटा अचानक गायब हो जाने के बाद – दोबारा आए डेटा में भी थे। यानी कि दोनों डेटा एक ही थे। इसका मतलब ये था कि डेटा में कोई गड़बड़ी भी नहीं थी, जिसे ठीक करने के लिए डेटा हटा कर दोबारा अपडेट किया गया हो। तो आख़िर ये डेटा हटाया क्यों गया?

इन सारे सवालों औऱ तथ्यों को लेकर, मीडिया विजिल ने अपना बुधवार का विशेष शो – कोरोना का डंक-गणित भी किया, जिसे आप नीचे दिए वीडियो में देख सकते हैं;

वेबसाइट्स इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं हो सकती हैं!

सबसे अहम बात, ये डेटा किसी वेबसाइट ने नहीें हटाया – क्योंकि सभी वेबसाइट API पर काम करती हैं। यानी कि डेटा, सरकार के स्रोत पर अपडेट होते ही, इन वेबसाइट्स पर भी ख़ुद ब ख़ुद अपडेट हो जाता है। इसका मतलब साफ है कि दिल्ली का, 9 जून की रात 11.45 के आसपास अपडेट हुआ, कोरोना के नए संक्रमण और नए अपडेट्स का डेटा – सरकारी स्रोत से ही हटा दिया गया। ये डेटा, दोबारा अपलोड किया गया – अगली सुबह काफी देर में और तब भी डेटा वही था, जो कि रात को था। यानी कि डेटा, सरकारी स्रोत पर ही हटाया गया।

सवाल क्यों किया जाना चाहिए?

सवाल ये है कि दिल्ली का ये आंकड़ा, अगर अगली सुबह इतनी देर में अपडेट किया जाएगा, तो उसका लाभ ही क्या रह जाएगा? क्योंकि सुबह सही आंकड़े ही सामने नहीं आ सकेंगे और तब तक नया डेटा बदल जाएगा। यही नहीं, अगर डेटा सुबह ही अपडेट करने का फैसला लिया गया है – रात को उसे अपडेट कर के हटाने का क्या कारण है? सबसे अहम बात ये कि सुबह देर में उस समय डेटा अपडेट करना – जब अधिकतर लोग, रात के अंतिम डेटा को ही फाइनल आंकड़ा मान चुके हों – क्या जनता को गुमराह नहीं करेगा?

सवाल तो और भी हैं, लेकिन फिलहाल बस इन सवालों के जवाब से ही आगे की कथा समझ में आ जाएगी। इनमें से सारे सवालों के जवाब, सरकार से नहीं मिलेंगे…कुछ के जवाब हमको पता हैं और सरकार हमको बताना नहीं चाहती।


ये स्टोरी Media Vigil के लिए मयंक सक्सेना और सौम्या गुप्ता ने मिल कर की है। 

 

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