ममता बनर्जी को केंद्र सरकार ने नहीं दी रोम जाने की इजाज़त, बोलीं- जलते हैं मोदी!

मीडिया विजिल मीडिया विजिल
ख़बर Published On :


तृणमूल प्रमुख व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को फिर केंद्र सरकार, पीएम मोदी व भाजपा पर निशाना साधा। दरअसल, ममता बनर्जी को केंद्र सरकार ने अगले महीने रोम जाने के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जबकि ममता बनर्जी को ‘विश्व शांति सम्मेलन’ में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। इटली ने उन्हें विशेष अनुमति दी थी। लेकिन केंद्र सरकार ने यह कह कर इनकार कर दिया कि यह मुख्यमंत्री के लिए उपयुक्त नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर ममता बनर्जी ने आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा और कहा कि पीएम मुझसे जलते हैं।

हिंदुओं की बात करते रहो, मैं भी हिंदू महिला हूं!

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी और केंद्र पर भड़कते हुए कहा, ‘विश्व शांति को लेकर रोम में एक बैठक का आयोजन किया गया है। मुझे भी वहां आमंत्रित किया गया था। इटली ने मुझे इसमें विशेष रूप से आमंत्रित किया था, लेकिन केंद्र ने मुझे जाने की मंजूरी नहीं दी। ममता ने आगे कहा, ‘आप मुझे रोक नहीं पाएंगे। मैं विदेश यात्राओं की उत्सुक नहीं हूं, लेकिन यह देश के लिए सम्मान की बात थी। आप (पीएम नरेंद्र मोदी) हिंदुओं की बात करते रहो, मैं भी हिंदू महिला हूं। आपने मुझे अनुमति क्यों नहीं दी? आप पूरी तरह से ईर्ष्यालु हो।’

मिस्र के सबसे बड़े इमाम अहमद अल-तैयब भी होंगे सम्मेलन में..

बता दें, 6 और 7 अक्टूबर, 2021 को होने वाले सम्मेलन के लिए इस साल अगस्त में, बंगाल सीएम ममता बनर्जी को रोम में स्थित एक कैथोलिक एसोसिएशन, सेंट एगिडियो के समुदाय के अध्यक्ष मैक्रो इम्पाग्लियाज़ो द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। वह एकमात्र भारतीय हैं जिन्हें बुलाया गया है। पोप फ्रांसिस, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और मिस्र के अल-अलजहर के सबसे बड़े इमाम अहमद अल-तैयब, सहित अन्य लोगों के इस विश्व शांति सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है।

….मोदी जी क्यों? बंगाल से आपको क्या दिक्कत है? छी!”

केंद्र सरकार के इस फैसले पर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रतिशोध की राजनीति बताया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता देबांग्शु भट्टाचार्य ने पीएम से सवाल करते हुए ट्वीट किया, ”केंद्र सरकार ने दीदी की रोम यात्रा की अनुमति नहीं दी! पहले वे चीन यात्रा की अनुमति भी रद्द कर चुके हैं। हमने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए उस फैसले को स्वीकार किया। अब इटली मोदी जी क्यों? बंगाल से आपको क्या दिक्कत है? छी!”