दिल्लीः किस मंज़र से लोग गुजरे हैं, उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी

अयूब अली
ख़बर Published On :


आपसी अनबन से भड़का दंगा

23 फरवरी की शाम करीब 6 बजे मैं चांद बाग से खाने का समान लेकर लौटा था। करीब 9:30 बजे मुझे फ़ोन आया कि चांदबाग में स्थित मुस्लिम विक्रेता की मुर्गे की दुकान में तोड़ फोड़ हुई है। दुकान में तोड़ फोड़ होने की वजह मकान मालिक और दुकानदार के बीच हुई आपसी अनबन का नतीजा था। इस तोड़फोड़ को लोगों ने साम्प्रदायिक हमले के रूप में ले लिया। सज्जाद की दुकान शेरपुर के एक हिन्दू व्यक्ति की जमीन पर थी। 

इसके बाद दोनों समुदायों के लोगों के बीच पथराव शुरू हो गया है। रात भर मेरे क्षेत्र में गोलियों के चलने की आवाज़ें गूंजती रही हैं। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे। मैंने ऐसा माहौल अपनी ज़िंदगी मे कभी नहीं देखा था। लोग एक दूसरे को मारने पर उतारू हो गए थे। रात से ही शेरपुर चौक के आसपास दुकानें जलाई जानी शुरू हो गयी थीं और ये मामला सुबह भी चलता रहा। दुकानों को जलाये जाने का सिलसिला यहीं से शुरू हुआ था और भजनपुरा, करावलनगर, शिवविहार, मौजपुर, यमुना विहार से लेकर नूर-ए-इलाही तक जा पहुंचा।
−सतीश, शेरपुर 

मैं वहां होता तो आज जिंदा नही होता

उत्तर पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में 23 फरवरी की शाम को अपनी मिठाई के गोदाम में हुई लूटपाट और तोड़फोड़ के बारे में बताते हुए शिवविहार के महालक्ष्मी विहार क्षेत्र के निवासी सलीम की आवाज़ लड़खड़ाने रही थी।
“शेरपुर चौक पर स्थित खान मेडिकल में बाहर से टाटा 407 में भर कर आए लोगों ने तोड़फोड़ की। वह लोग देखने मे यहां के नहीं लग रहे थे। वे लगातार मुस्लिम विरोधी नारे लगा रहे थे। हमारे गोदाम के पीछे के घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया। ये सब देखकर मैं बहुत डर गया था। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस डर में कमी नहीं हो रही थी। बार बार बस यही ख्याल आ रहा था कि ये सब क्या हो रहा है?
माहौल बेहद डरावना था, हिंसक था। लोग एक दूसरे को इन दंगों की वजह से घृणा की नजरों से देख रहे थे, भाईचारे की भावना का अचानक मर जाना बेहद कचोट रहा था, अंदर ही अंदर हम सहम गए थे। लोग दरिंदो की तरह व्यवहार कर रहे थे। भाईचारे की भावना और भरोसे पर साम्प्रदायिकता की खिंची ये लकीर जल्द ही मिट जाए ये मुमकिन नहीं लग रहा है।”
−सलीम, शिव विहार

जान बाकी है तो सब कुछ बाकी है

“23 फरवरी की रात करीब 3 बजे बहुत तेज़ आवाज़ का एक धमाका हुआ। पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। घरों में शोर मचने लगा, लोग चीख रह थे। इसी तरह पूरी रात बीत गयी।
सुबह अमूमन सामान्य रही, कोई दिक्कत नही हुई लेकिन करीब 9 बजे के बाद धीरे-धीरे छोटे समूहों में लोग एकजुट होने लगे। थोड़ी ही देर बाद उन्होंने “जय श्री राम” और “मोदी तुम लट्ठ मारो हम तुम्हारे साथ हैं” के नारे लगाने शुरू कर दिए।
थोड़ा वक्त बीतते ही पथराव शुरू हो गया, गोलियों की आवाजें आने लगी। कुछ समय के लिए फोर्स वहां से हट गई थी। ये पूरी घटना दो घण्टों में चरम पर पहुंच गई।”
उनके घर पर भी लोगों ने हमला किया था, किसी तरह वह बच गए। उसी दिन ब्रजपुरी स्थित अरुन मॉडल पब्लिक स्कूल और शिवविहार स्थित डी. आर.पी कॉनवेन्ट स्कूल को भी आग के हवाले कर दिया गया। वह इन्हीं स्कूलों से पढ़े हैं।
−कैलाश, गोकलपुरी

भीड़ मार रही थी सबको

“लोगों ने सांप्रादायिकता का चोला इतना ओढ़ लिया था कि उन्होंने भजनपुरा रोड पर स्थित दरगाह को भी आग के हवाले कर दिया। हिन्दुत्त्व के नारे लगा रही भीड़ को जो भी दिखाई दे रहा था वह उसे लाठी डंडों से मार रहे थे। उन्होंने कई दुकानों में भी आग लगा दी। भीड़ लोगों को चुन चुन कर पहचान करके टारगेट कर रही थी। मैंने अब तक ऐसी हिंसा नही देखी थी। ये बेहद डरावना था।”
−रोहित, भजनपुरा 

करीब 100 दुकानों में लगी आग

उत्तर पूर्वी दिल्ली के शिवविहार, भजनपुरा और चांद बाग, मौजपुर, करावलनगर  में साम्प्रदायिक दंगों के चलते 100 से ज़्यादा दुकानें आग में जलकर राख हो गई हैं। लोगों के रोजगार का स्रोत खत्म हो गया है। भजनपुरा रोड स्थित अमन मोटर्स के बाइक शोरूम में आग लगा दी गयी और लूटपाट हुई। शोरूम के पीछे ही बने हुए सर्विस सेंटर को भी आग के हवाले कर दिया गया।
अमन मोटर्स का नाम क्षेत्र में चर्चित वाहन डीलर में आता है। अमन मुसलमान है, इस  बाबत जानकारी साझा करते हुए जाफराबाद निवासी रहीम ने बताया कि ये हमले लक्षित लग रहे थे। एक खास समुदाय के लोगों की दुकानों को जलाया जा रहा था। पास में ही मौजूद मारुति सुजुकी के शोरूम में भी लोगों ने खूब तोड़फोड़ की, बाद में आग लगा दी।

पूरी पूरी रात जागना पड़ता है

इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के दिलों में दहशत घर कर गई है। हालांकि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस बल और अर्धसैनिक बल के तैनात होने के चलते किसी तरह की हिंसा की खबर नहीं है। क्षेत्र में रात को जागने के लिए लगातार ऐलान होते रहते हैं।
−इमरान, रामेश्वर कालोनी 

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