यूपी विधानसभा चुनाव से पहले BJP को झटका, कद्दावर मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई का इस्तीफ़ा

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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद सियासी हलचलें तेज़ हो गई हैं। टिकट बंटवारा शुरू होने से पहले ही एक पार्टी छोड़कर दूसरे में शामिल होने का सिलसिला भी जारी हो गया है। वहीं, भाजपा में आज यह सिलसिला कुछ ज़्यादा ही तेज़ नज़र आया है। पिछले 24 घंटे के अंदर ही भाजपा के 5 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। इनमें स्वामी प्रसाद मौर्य, बृजेश प्रजापति, रोशन लाल वर्मा ,भागवती सागर और आरके वर्मा शामिल है। बता दें कि पिछले महीने यानी 11 दिसंबर से लेकर आज 11 जनवरी के बीच BJP के 17 बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। इनमें योगी के एक कैबिनेट मंत्री समेत 11 विधायक भी शामिल हैं। मंत्री और कई विधायकों के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है।

योगी के मंत्री ने इस्तीफा देने के साथ ही लगाया दलितों वा पिछड़ों की उपेक्षा का आरोप..

आपको बता दें कि आज यानी मंगलवार को योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी को इस्तीफा देने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने योगी सरकार पर दलितों वा पिछड़ों की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया है। जानकारी है कि टिकट के बंटवारे को लेकर उनका भाजपा से विवाद चल रहा है। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले मौर्य बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। योगी सरकार से पहले वो मायावती की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

योगी राज में दलितों वा पिछड़ों की लगातार उपेक्षा..

श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राज्यपाल को भेजे अपने त्याग पत्र में कहा है कि कैबिनेट मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों और विचारधारा में रहने के बावजूद उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। लेकिन योगी राज में दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और छोटे व्यापारियों की लगातार उपेक्षा से तंग आकर उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य का मंत्री पद से इस्तीफा बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। क्योंकि मौर्य के इस्तीफे के बाद भाजपा के सात और विधायकों ने इस्तीफा देने का एलान कर दिया। इनमें रोशन लाल वर्मा, भगवती सागर, बृजेश प्रजापति, विनय शाक्य, ममतेश शाक्य, धर्मेंद्र शाक्य और नीरज मौर्य शामिल हैं।

धार और वार देखते रहिए- स्वामी प्रसाद मौर्य

वहीं, इस्तीफे के बाद भाजपा पर तंज कसते हुए मौर्य ने कहा कि आगे की धार और वार देखते रहिए। अभी 10 से 12 और विधायक इस्तीफा देंगे। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना कल से ही योगी सरकार के खिलाफ माहौल बना हुआ है। राज्य में बेरोजगारी का भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है, कोरोना की दूसरी लहर के बीच चर्चा जोरों पर थी कि चुनाव में भारी नुकसान की आशंका के कारण बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व सीएम योगी को पद से हटाना चाहता है। हालांकि सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद अपनी कुर्सी बचा ली, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद क्या वह अपनी कुर्सी बरकरार रख पाएंगे, इस पर अभी भी प्रश्नचिह्न है।

इसके साथ ही भाजपा द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त नहीं करने पर भी उनके खिलाफ माहौल बना है। इसके लिए विपक्षी दल बीजेपी पर निशाना साधते रहते हैं। गृह राज्य मंत्री का विरोध करने वाले लोगो द्वारा बीजेपी को विधानसभा चुनाव में अपने इस फैसले का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।


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