स्याना कथित गौकशी का मामला : विवेचना का नया विरोधाभासी मोड़


क्या ये शिकारी ही असली मुल्ज़िम हैं जिन्होंने गाय या नीलगायों का वध किया या फिर वो 7 असल मुल्ज़िम हैं जिनको योगेश राज की FIR में नामज़द किया गया है और खुद योगेश राज ने अपने दोस्तों के साथ चश्मदीद बताया है।


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इस मामले में सबसे पहले दिनाँक 3 दिसम्बर 2018 को योगेश राज ने 7 नामज़द मुसलमानों के विरुद्ध केस क्राइम नंबर 582 दर्ज कराई जिसमें कहा गया कि योगेश राज, शिखर कुमार और सौरभ जब सुबह 9 बजे जंगल में गए तो देखा कि उक्त 7 नामज़द मुसलमान गाय काट रहे थे। देखें फ़ोटो:

अब एक नई FIR केस क्राइम नंबर 584 सामने आई है जिसका शिकायत कर्ता जितेंद्र है । उसके अनुसार उसने खेत में अज्ञात लोगों द्वारा काटी गई गायों के अवशेषों को देखा है जो 2 दिन पुराने हैं। ये FIR 4 दिसम्बर 2018 को दर्ज कराई गई है। देखें फ़ोटो:

पुलिस ने अभी 3 मुस्लिमों (नदीम, रईस, काला) को गिरफ्तार किया है जो स्याना नगर के रहने वाले हैं , जिन पर आरोप है कि वो “शिकारी” हैं।

क्या ये शिकारी ही असली मुल्ज़िम हैं जिन्होंने गाय या नीलगायों का वध किया या फिर वो 7 असल मुल्ज़िम हैं जिनको योगेश राज की FIR में नामज़द किया गया है और खुद योगेश राज ने अपने दोस्तों के साथ चश्मदीद बताया है।

बहरहाल केस की विवेचना का दिलचस्प दौर चल रहा है। देखना है कि विवेचना कितनी निष्पक्ष होगी।

वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता असद हयात की फेसबुक पोस्‍ट से


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