पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों पर दर्ज केस रद्द, पराली जलाने के मामले भी वापस!

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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 32 किसान संगठनों के साथ बैठक के बाद प्रेस वार्ता में एलान किया कि पराली जलाने और तीन कृषि कानूनों के आंदोलन के संबंध में किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामले रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने साथ ही किसानों से पराली न जलाने का भी अनुरोध किया। सीएम चन्नी ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों व मज़दूरों के परिजनों को सरकारी नौकरी व तय मुआवज़ा देने के लिए संयुक्त मोर्चा से सूची मांग ली है।

पराली न जलाए, हम सख्त होंगेे…

चन्नी ने पराली जलाने के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा, ”हम चाहते हैं कि कोई किसान पराली न जलाए, हम सख्त होंगेे, लेकिन अब तक पराली जलाने के मामले में दर्ज मामला खारिज किया जा रहा है। उन्होंने आगे किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे पराली न जलाएं, इससे प्रदूषण होगा। यह पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक है। इसके अलावा, यह भूमि की उर्वरता को काफी हद तक बाधित करता है।”

सरकारी कार्यालयों में केवल पंजाबियों को नौकरी..

सीएम ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार पंजाब के सरकारी कार्यालयों में केवल पंजाबियों को नौकरी देने के लिए एक सप्ताह में एक नया कानून ला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की पूर्ण कर्जमाफी की मांग पर किसान संघों के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी और उसी के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

यूनियनों की शेष 17 मांगों को स्वीकार किया गया..

चन्नी ने कल पंजाब भवन में बीकेयू अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के 32 फार्म यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि यूनियनों की शेष 17 मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इसके तहत राज्य में पराली जलाने के मामले में किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामले रद्द करने का निर्णय लिया गया है। चन्नी ने पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से विभिन्न कृषि प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ इन मामलों को जल्द वापस लेने का आग्रह करने की घोषणा की।

कपास की फसल के मुआवजे की राशि में 5,000 की बढ़ोतरी..

मुख्यमंत्री ने बठिंडा क्षेत्र में गुलाबी सूंडी (pink bollworm insect) के हमले से क्षतिग्रस्त हुई कपास की फसल की कटाई में शामिल खेतिहर मजदूरों को 10 प्रतिशत राहत देने के अलावा मुआवजे की राशि को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति एकड़ करने की भी घोषणा की। चन्नी ने कहा कि बढ़ी हुई मुआवजे की राशि में पहले से स्वीकृत 416.18 करोड़ रुपये के अलावा 12,000 रुपये प्रति एकड़ के अलावा लगभग 200 करोड़ रुपये शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4610.84 करोड़ रुपये की कर्जमाफी योजना से अब तक 5.63 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं। इनके अलावा, राज्य भर के भूमिहीन किसानों और कृषि श्रमिकों को 520 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा रही है।

गन्ने की कीमत में 50 रुपरे प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी..

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गन्ने की कीमत 310 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 360 रुपये कर दी है। इस तरह 50 रुपये में से 35 रुपये का भुगतान सरकार और 15 रुपये चीनी मिलों द्वारा किया जाएगा। बढ़ी हुई राशि किसानों को काउंटर पेमेंट होगी। वहीं, सरकार ने राज्य में एपी योजना के तहत सब्जी उगाने वाले किसानों के 500 बिजली मीटर भी मुफ्त किए हैं और खेतों में पानी देने में आने वाला बिजली बिल भी माफ कर दिया गया है।


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