250 रुपये रोज़ पर खटने वाले इंटर्न डॉक्टर्स को मिला प्रियंका गाँधी का साथ

आदर्श तिवारी
ख़बर Published On :


मीडिया विजिल ने उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टर्स की ख़बर की थी। जहाँ हमने बताया था कि यूपी में इंटर्न डॉक्टर्स को मात्र 250 रुपये प्रतिदिन का स्टाईपेंड दिया जा रहा है। इन इंटर्न डॉक्टर्स से ड्यूटी तो 10 से 12 घंटे करायी जा रही है लेकिन इनको मानदेय के रूप में जो पैसा मिलता है वो दिहाड़ी मजदूर से भी कम है। मीडिया विजिल की ख़बर का असर ये हुआ कि विपक्ष के नेताओं तक ये बात पहुँच गयी है। प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट करके इन इंटर्न डॉक्टर्स का मानदेय बढ़ाने की बात की है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि “यूपी में MBBS इंटर्न डॉक्टर्स पूरे जी-जान से इस संकट में ड्यूटी कर रहे हैं। उनका जीवन भी संकट में रहता है, लेकिन उनको दिन का केवल 250 रूपया मिलता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ये मानदेय बेहद कम है। मेरी समझ में, इस संकट के समय में इंटर्न डॉक्टर्स का मानदेय बढ़ाना आपका फ़र्ज़ है।”

मीडिया विजिल ने उठाया मुद्दा

इन इंटर्न डॉक्टरों की आवाज़ विपक्ष तक जाने के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुँच जाएगी। अपनी स्टोरी में हमने यूनाइटेड रेजिडेंट एंड डॉक्टर्स एसोसिएशन के उत्तर प्रदेश प्रेसिडेंट डॉक्टर नीरज कुमार मिश्र से भी फ़ोन पर बात कर के इस विषय पर उनका पक्ष रखा था और उनसे प्राप्त अन्य जानकारियां भी अपनी ख़बर में दी थीं। संभव है कि हम जल्द उनके साथ एक लाइव वीडियो चैट सेशन करेंगे और उनसे इंटर्न डॉक्टर्स की समस्याओं को बेहतर तरीक़े से जानने और समझने की कोशिश करेंगे। प्रियंका गांधी लगातार ऐसे मुद्दों को लेकर अपनी बात ट्विटर और पत्र के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक पहुंचाती रहती हैं।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए प्रकोप से डॉक्टर्स भी नहीं बच पा रहे हैं। रोज़ ही इन डॉक्टर्स के कोरोना से संक्रमित होने की ख़बरें आ रही हैं। ऐसे समय में डॉक्टर्स को उचित मानदेय दिए जाने के साथ ही उनको ज़रूरी सुरक्षा उपकरण भी दिए जाने की ज़रूरत है। वैसे भी उत्तर प्रदेश का आगरा इस समय कोरोना संक्रमण से जूझता दिखाई दे रहा है। अभी हाल ही में आगरा के मेयर नवीन जैन ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगरा को बचाने की गुहार लगायी थी। उन्होंने अपने पत्र में ये भी कहा था कि “यहाँ धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है, समुचित उपचार न होने के वजह से लोग मर रहे हैं। जाँच में देरी हो रही है। आइसोलेशन में रखे गए व्यक्तियों के लिए खाने और पानी की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। इन सब वजह से जनता के बीच हमारी छवि ख़राब हो रही है।”

 

पढ़ें मूल ख़बर– यूपी में मात्र 250 रुपये रोज़ पर 10-12 घंटे कोरोना से जूझ रहे हैं इंटर्न डॉक्टर !

 


 


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