अमन त्रिपाठी की मां से मिलीं प्रियंका, कहा- योगी जी अपराधियों को संरक्षण देना बंद करिए!

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उत्तर प्रदेश Published On :


यूपी के महोबा की प्रतिज्ञा रैली में शनिवार को प्रियंका गांधी ने विपक्षियों पर जमकर तंज कसे। प्रियंका ने प्रतिज्ञा रैली के दिन कि ही एक फोटो बांदा के मृतक अमन त्रिपाठी की मां के साथ शेयर करते हुए यूपी सरकार पर हमला किया है। दरअसल,अमन त्रिपाठी की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। उनका परिवार कई वर्षों से भाजपा से जुड़ा है, लेकिन बावजूद इसके यूपी सरकार परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटका रही है। अपने बेटे की अस्थियों को लेकर न्याय की दरकार में उसके माता-पिता कई दिनों से आमरण अनशन पर अशोक लाट चौराहे में बैठे थे। अमन की मां ने प्रियंका गांधी से न्याय की गुहार लगाई थी।

प्रदेश देख रहा है कि UP की न्याय व्यवस्था ख़त्म है: प्रियंका गांधी

प्रियंका ने मृतक के परिवार से मुलाकात की। अमन उसकी मां मधु त्रिपाठी को सीने से लगाकर प्रियंका ने न्याय की लड़ाई में साथ देने का पूरा भरोसा दिलाया। इस दौरान मृतक अमन त्रिपाठी की मां की आंखों में आंसू छलक आए। परिवार का आरोप है कि अपराधियों को यूपी सरकार के प्रशासन का राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त है। परिवार की मांग के अनुसार मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग करते हुए प्रियंका ने ट्वीट किया।

उन्होंने लिखा,” बांदा के 14 वर्षीय अमन त्रिपाठी की बर्बर तरीके से हत्या की गयी है। अमन की मां एक महीने से न्याय माँग रही है लेकिन अपराधियों को राजनीतिक सरंक्षण दिया जा रहा है। उन्हें न्याय का हक है। योगी आदित्यनाथ जी अपराधियों को संरक्षण देना बंद करिए। तुरंत CBI की जाँच कराइए। बहुत हो गया है। पूरा प्रदेश देख रहा है कि UP की न्याय व्यवस्था ख़त्म हो रही है।”

पूरा मामला..

दरअसल, 11 अक्टूबर को अमन त्रिपाठी अपने सम्राट नाम के एक दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने घर से निकला था। कई दिन बाद लापता अमन के पिता ने अपहरण के बाद कोई अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी थी, लेकिन 3 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस पूरे मामले में कुछ भी नहीं कर पाई। चौथे दिन अमन की डेड बॉडी केन नदी में बरामद हुई। जिस समय शव बरामद हुआ उस समय अमन का शरीर जला हुआ था।

मृतक के दोस्त सम्राट सिंह और उसके साथियों की निशानदेही पर अमन के कपड़े, मोबाइल और बाइक अलग-अलग जगहों से बरामद की गई है। तब से पीड़ित के पिता और मां लगातार आरोप लगा रहे थे कि उनके बच्चे की हत्या में सम्राट और उसके साथियों का हाथ है, लेकिन पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर हत्या का मामला दर्ज नहीं किया।

पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हुआ इसके बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। मामला सुर्खियों में आया और जिले में कोहराम मच गया, तब जाकर आईजी को आनन-फानन में एसआईटी की टीम बनानी पड़ी। वहीं, इस मामले को तूल पकड़ता देखते हुए हत्या के आरोपी सम्राट सिंह समेत आठ लोगों को गुरूवार को एसआईटी टीम ने अपने साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है और उनको मेडिकल करा न्यायिक कस्टडी में भेज दिया। पूछताछ में जो बात निकल कर सामने आई है उससे स्पष्ट हो गया है कि अमन त्रिपाठी का अपहरण किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। सभी आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं।