प्रियंका ने जारी किया देश का पहला महिला घोषणापत्र- नौकरियों में 40% आरक्षण के वादे सहित 45 बड़ी घोषणाएं!

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी चुनाव 2022 के मद्देनजर महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी किया है। बता दे यह देश का पहला महिला घोषणा पत्र है। प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दिया। अब यह आवश्यक है कि महिलाओं को भी राजनीति में हिस्सा दिया जाए। यह काम कांग्रेस पार्टी करेगी। उम्मीद है कि एक दिन संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 50% हिस्सेदारी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 40% सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

महिलाओं की बेड़ियों को तोड़ा जा सकेे…

प्रियंका गांधी ने कहा, हमने ‘महिला घोषणापत्र’ तैयार किया। हम वास्तव में उन्हें सशक्त बनाना चाहते हैं। हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहां उनकी राय से बेड़ियों को तोड़ा जा सके, जहां उन्हें राजनीति में पूरी भागीदारी मिले और समाज में उनकी भागीदारी हो जिससे उनका शोषण खत्म हो।

प्रेस कांफ्रेंस कर प्रियंका ने महिला शक्ति विधान जारी किया है। यह महिलाओं का घोषणा पत्र है जिसमे कांग्रेस महिलाओं के लिए जो करना चाहती हैं वो सभी चीजे शामिल की गई हैं। कल इसे लेकर प्रियंका ने कहा था कि यह महिला सशक्तिकरण की राह में ये दस्तावेज़ मील का पत्थर साबित होगा। अब आपको बताते हैं कि घोषणा पत्र में प्रियंका ने महिलाओं के लिए क्या बड़ी घोषणाएं की?

(स्वावलंबन) आर्थिक सशक्तिकरण के लिए….

  • नई सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 40 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
  • 50% तक महिलाओं को नौकरी देने वाली व्यवस्थाओं को कर में छूट और सहायता दी जाएगी।
  • पुरुष केंद्रित नौकरियों जैसे कि परिवहन विभाग में भी महिलाओं के लिए विशेष कोटा होगा।
  • महिलाओं द्वारा संचालित छोटे व्यवस्थाओं को सस्ता और टैक्स हेतु फंड दिया जाएगा।
  • घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और निराश्रित महिलाओं के लिए राज्य और जिला स्तर की हेल्पलाइन शुरू की जाएगी।
  • कामकाजी महिलाओं के लिए 25 शहरों में सुरक्षित और नवीनतम सुविधाओं वाले छात्रावास होंगे।
  • कोविड-19 से प्रभावित महिलाओं के रोजगार के लिए वेतन सब्सिडी दिया जाएगा।
  • सभी सरकारी कार्यों में अनिवार्य शिशु गृह होगा।
  • मौजूदा सार्वजनिक व निजी नौकरियों में महिलाओं को सुरक्षा और लाभ दिया जायेगा।
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व आशा बहुओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा।
  • सहायता समूह को 4% ब्याज दर पर ऋण, गरीब महिलाओं की भागीदारी।
  • घरेलू कर्मचारियों की मानवीय कार्य दशाओं के लिए एक सरकारी विभाग।
  • मनरेगा में महिलाओं को प्राथमिकता 40% कार्यों में आरक्षण।
  • राज्य में राशन की 50% दुकानों का प्रबंधन और संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा।
  • विकलांग महिलाओं के प्रशिक्षण और रोजगार हेतु विशेष विभाग होगा।
  • सभी सरकारी भवन और कार्यस्थल विकलांग महिलाओं के सुविधानुसार होंगे।

महिलाओं के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए…

  • 10वीं और 12वीं में प्रत्येक लड़कियों को स्मार्टफोन दिए जायेंगे।
  • स्नातक कार्यक्रमों में नामांकित प्रत्येक लड़कियों को स्कूटी।
  • माध्यमिक विश्वविद्यालयों में बालिकाओं को आय वर्ग के अनुसार छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • राज्य भर में वीरांगनाओं के नाम पर 75 दक्षता विद्यालय।
  • महिलाओं पर केंद्रीय विशेष रोजगार एक्सचेंज।
  • अकेली माताओं के प्रशिक्षण के लिए वित्त पोषित कार्यक्रम।
  • राज्य भर में महिलाओं द्वारा प्रबंधित और संचालित संध्या विद्यालय।
  • 14 वर्ष से ऊपर की लड़कियों के लिए प्रजनन अधिकारों, यौन शिक्षा, जबरन बाल विवाह पर केंद्रित पाठ्यक्रम।

(सम्मान) घरेलू क्षेत्र में मान्यता और सशक्तिकरण के लिए…

  • राज्य भर में सरकारी महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा।
  • महिलाओं को हर साल 3 गैस सिलेंडर मुफ्त दिया जायेगा।
  • प्रत्येक बुजुर्ग महिलाओं और विधवा को 1000 रुपए की मासिक पेंशन दी जाएगी।
  • युवावस्था में विधवा हुई महिलाओं को रोजगार के लिए विशेष प्रशिक्षण।
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘महिला चौपाल’ का निर्माण।
  • व्यक्तिगत और समूहों को माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में प्रशिक्षण व अफसर।
  • गरीब परिवारों को मुफ्त इंटरनेट।
  • महिलाओं के निजी क्षेत्री या अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी में विश्व स्तरीय आवासीय खेल अकादमी।
  • परिवार में पैदा होने वाली प्रत्येक बालिका के लिए एक एफ. डी. (सावधि जमा)।
  • आश्रित महिलाओं के परित्याग के मामलों में कानूनी सहायता समिति।
  • घरेलू हिंसा और नशे से निपटने के लिए प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता की नई योजना।

सुरक्षा के लिए सशक्तिकरण…

  • पुलिस बल में महिलाओं के लिए 25% नौकरियां, हर थाने में महिला कांस्टेबल की तैनाती की जाएगी।
  • बलात्कार जैसे अपराध की शिकायत के 10 दिन में यदि अत्याचार अधिनियम की धारा 4 का पालन ना हो तो अधिकारी के निलंबन का कानून।
  • विशेष अधिकार प्राप्त आयोग का गठन किया जाएगा। जिसमें 6 महिलाएं , दो न्यायाधीश, 2 सामाजिक कार्यकर्ता और 2 सरकारी अधिकारी होंगी।
  • हर जिले में महिला पीड़ितों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता हेतु 3 सदस्यीय विशेष कानून प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।

(सेहत) शरीर और मानसिक सशक्तिकरण के लिए…

  • कोई भी बीमारी हो 10 लाख तक का इलाज सरकार कराएगी।
  • डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मचारियों के रिक्त पदों की भर्ती होगी।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में नए स्वास्थ्य केंद्र खोल PHCs और CHCs को मंजूर किया जाएगा।
  • अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में मासिक धर्म से संबंधित वस्तुओं और दवाओं की मुफ्त आपूर्ति की जाएगी।
  • महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा के लिए प्रत्येक पीएचसी में महिलाओं द्वारा प्रबंधित और संचालित ‘स्वास्थ्य शक्ति केंद्र’ होगा ।
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक हेल्पलाइन और वेबसाइट, प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुविधा दी जाएगी।

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