शिक्षक भर्ती घोटाला: प्रियंका गांधी ने खोला योगी सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा

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उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर योगी सरकार घिरती हुई नजर आ रही है। शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आज फेसबुक लाइव के जरिये प्रतियोगी छात्रों से कहा कि “शिक्षक भर्ती में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है, बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है, मैं आपके साथ खड़ी हूं, मैं आपकी आवाज उठाऊंगी, इसमें राजनीति की कोई बात नहीं है, मैं चाहती हूं कि आपकी आवाज उठे, आप हमारा भविष्य हैं, यूपी के भविष्य हैं और हम आपके लिए लड़ेंगे, आपकी लड़ाई हमारी लड़ाई है।”

प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी बताएं कि वो जिम्मेदारी ले रहे हैं या नहीं। ठोस तरह से कार्रवाई होनी चाहिए, पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। जो कार्रवाई होनी चाहिए वो तय कर लीजिये, चाहे परीक्षा को रद्द करना हो या पूरी तरह से जांच कराना हो, वो करिये।”

प्रियंका गांधी ने कहा कि “यूपी में शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में आज एक टॉपर गिरफ्तार हुआ है, कल भी कुछ लोग गिरफ्तार किये गए थे, मैं पूछना चाहती हूं कि अगर परीक्षा पारदर्शिता और साफ सुथरे तरीके से की गई है, तो लोग गिरफ्तार क्यों हो रहे हैं?” उन्होंने कहा कि ये परीक्षाएं छात्रों के जीवन के भविष्य का द्वार हैं, जिसके जरिये वो अपने और अपने परिवार के जीवन के भविष्य को बना सकते हैं। लेकिन छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।

प्रियंका गांधी ने कहा सबसे दुख की बात ये है कि “प्रतियोगी छात्र छात्राओं की सुनवाई भी नहीं हो रही है। योगी जी आप इनकी आवाज दबाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? दमन से कुछ नहीं होगा? ये युवा हैं, युवा आवाज उठाता है, ये उसका स्वभाव होता है। स्वभाव को दबाने की कोशिश कोई भी करे वो सफल नहीं हो सकता। कोई देश या प्रदेश तभी विकसित होगा जब आप युवाओं की आवाज सुनें और उनकी समस्याओं को सुलझाएं।

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Live : 69000 शिक्षक भर्ती मामले में न्याय के पक्ष में आवाज।

Posted by Priyanka Gandhi Vadra on Tuesday, June 9, 2020

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि लंबे समय से देख रही हूं कि यूपी में तमाम परीक्षाओं में गड़बड़ियों और भ्रष्ट्राचार के मामले सामने आते हैं। कभी परीक्षाएं रद्द हो जाती हैं तो कभी परीक्षा में जो अंक आते हैं उसमें कोई नया नियम लागू कर दिया जाता है। पहले कट ऑफ प्वाइंट कुछ होता है और परीक्षा के बाद कुछ कर दिया जाता है। उन्होंने कहा वो तो सोच भी नहीं सकती हैं कि कोई परीक्षा आप आज दे रहे हैं और उसका रिजल्ट डेढ़ साल बाद आ रहा है। रिजल्ट के आने में इतना समय क्यों लग रहा है? अगर कोई घोटाला और गड़बड़ नहीं है तो ये रिजल्ट पहले आना चाहिए!

प्रियंका ने कहा कि अगर हम एक साथ आवाज नहीं उठाएंगे, हम ये मांग नहीं करेंगे कि कोई परिवर्तन आए तो एक ऐसा ही सिलसिला बन जाएगा। यूपी की सरकार तो वैसे भी समझ रही है कि चाहे कुछ भी हो जाए, घोटाला हो जाए, भ्रष्ट्राचार हो जाए, आपको आवाज उठाने नहीं देंगे। सरकार विज्ञापित कर रही है कि अगर आप आवाज उठाएंगे तो आप पर मुकदमें किए जाएंगे।

प्रियंका गांधी ने प्रतियोगी छात्रों-छात्राओं से की बात

इसके पहले प्रियंका गांधी ने आज 69,000 शिक्षक भर्ती से जुड़े प्रतियोगी छात्र-छात्राओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की है। प्रतियोगी छात्र-छात्राओं ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के सामने भर्ती प्रक्रिया में तमाम अनियमिताओं पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया में उनके साथ बहुत अन्याय हुआ है और भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार का शिकार हुई है। छात्र-छात्राओं से बातचीत के बाद प्रियंका गांधी फेसबुक लाइव अपनी बात रखी।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 8 जून को भी ट्वीट कर कहा था कि “69000 शिक्षक भर्ती घोटाला उप्र का व्यापम घोटाला है। इस मामले में गड़बड़ी के तथ्य सामान्य नहीं हैं। डायरियों में स्टूडेंट्स के नाम, पैसे का लेनदेन, परीक्षा केंद्रों में बड़ी हेरफेर, इन गड़बड़ियों में रैकेट का शामिल होना- ये सब दर्शाता है कि इसके तार काफी जगहों पर जुड़े हैं।

मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सरकार अगर न्याय नहीं दे सकी तो इसका जवाब आंदोलन से दिया जाएगा।”

 

परीक्षा का टॉपर गिरफ्तार, कई सेंटर की परीक्षा रद्द हो सकती है

इस मामले में पुलिस ने परीक्षा के टॉपर को गिरफ्तार कर लिया है। प्रयागराज के सोरावं थाना क्षेत्र से टॉपर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले में 50 से अधिक अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है। खबरों के मुताबिक ये अभ्यर्थी 8 से 10 लाख रुपए देकर परीक्षा में पास हुए हैं।

वहीं खबर है कि प्रयागराज के दर्जनों सेंटरों पर हुई परीक्षा पूरी तरह से रद्द हो सकती है। दरअसल, एक खबर आई थी कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में 150 में से 142 नंबर पाने धर्मेंद्र कुमार पटेल को देश के राष्ट्रपति का नाम तक नहीं पता है। धर्मेंद्र जनरल नॉलेज के आसान सवालों के भी जवाब नहीं दे सके।

एसटीएफ करेगी जांच

इस बीच सरकार ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच एसटीएफ को सौंप दी है। डीजीपी मुख्यालय ने यूपी एसटीएफ को जांच के आदेश दिए हैं।

इसके पहले यूपी एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस ने मुख्य सरगना डॉ. केएल पटेल को गिरफ्तार किया था। केएल पटेल के पास से एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें 17 अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर दर्ज हैं। इसी डायरी के आधार पर पुलिस ने शनिवार को जौनपुर के विनोद यादव व सरायममरेज के धर्मेंद्र पटेल को पकड़कर पूछताछ की, जिसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आईं। दोनों ने लिखित परीक्षा में पास होने के लिए 8 व 12 लाख रुपये दिए थे, जिसके बाद उन्हें अधिकतम अंक मिले थे।

बता दें प्रतापगढ़ निवासी राहुल सिंह की तरफ से प्रयागराज के सोरांव थाने में गुरुवार को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। राहुल सिंह से आरोपियों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए 7.50 लाख रुपए लिए थे, लेकिन 1 जून को रिजल्ट आने पर जब उसका नाम लिस्ट में नहीं आया तो उसने इन सभी से बात करना चाहता, सभी ने फोन बंद कर लिया था। इसके बाद युवक ने एफआईआर दर्ज करायी। एफआईआर के मुताबिक गिरोह के सदस्यों ने राहुल के अलावा 20 और लोगों से परीक्षा में पास कराने के लिए पैसे लिए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू की।


 


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