CAA-NRC: बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में भी उठी आवाज, इज़राइल में छात्रों का मूक प्रदर्शन!

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सांकेतिक चित्र


नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्से में विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच खबर है कि बहुराष्ट्रीय कम्पनियों जैसे गूगल, अमेज़न, ऊबर और फेसबुक में काम करने वाले भारतीय और भारतीय मूल के लोगों ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ चल रहे आन्दोलन के पक्ष में आवाज़ उठाई है. इन लोगों ने आन्दोलनकारियों पर दमन रोकने की मांग के साथ ही सुंदर पिचाई, सत्य नडेला और मुकेश अंबानी जैसे व्यापारियों को पत्र लिख कर अपना रुख साफ़ करने को कहा है.

ऑनलाइन प्रकाशन मंच मीडियम पर ‘TechAgainstFascism’ के पत्र ने भी नेताओं से आग्रह किया कि वे “सरकार की सनक” पर इंटरनेट बंद करने से इंकार कर दें और यह सुनिश्चित करें कि कंटेंट मॉडरेशन सरकार समर्थक तो नहीं हो रहा है.

पत्र में कहा गया है, “हम, प्रौद्योगिकी उद्योग के इंजीनियर, शोधकर्ता, विश्लेषक और डिजाइनर फासीवादी भारत सरकार द्वारा नागरिकों पर की गई क्रूरता की निंदा करते हैं.” इस पत्र में मांग की गई है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राज्य द्वारा प्रायोजित बर्बरता तुरंत बंद होनी चाहिए.

वहीं इजराइल में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ मूक प्रदर्शन किया है. तेल-अवीव स्थित भारतीय दूतावास के सामने इन छात्रों ने प्रदर्शन किया है.

वहीं आज दिल्ली, मुंबई, पटना, यूपी और अजमेर में नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन जारी है.

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन्टरनेट सेवा आज भी ठप है और धारा 144 लागू है. मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में नागरिकता कानून के विरोध में विशाल रैली हो रही है.

आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है, वहीं बेंगलुरु में भी विरोध प्रदर्शन जारी है.

दिल्ली में उत्तर प्रदेश भवन के आसपास धारा 144 लागू है , यहां आज प्रदर्शन था. यहां कई लोगों को हिरासत में लिया है.


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