गिरफ़्तार पप्पू यादव ने शुरू की भूख हड़ताल, नीतीश पर भड़का विपक्ष

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वरिष्ठ बीजेपी नेता और छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूडी के निजी परिसर में रखी दर्जनों एंबुलेंस को सामने लाने वाले पप्पू यादव को आज पटना के गाँधी मैदान से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर हुई एफआईआर पर हुई है लेकिन पप्पू यादव ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए अनशन करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने दवा खाने से भी इंकार कर दिया है। भाकपा माले समेत कई विपक्षी दलों ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है।

पप्पू यादव जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष हैं और बाहुबली छवि के बावजूद पहले बाढ़ और अब कोरोना की स्थिति में लोगों की मददगार बनके उभरे हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को लेकर एक के बाद एक, कई ट्वीट किये।

 

उधर, भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने पूर्व लोकसभा सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि क्या भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी के एम्बुलेंस घोटाला का पर्दाफाश करने का बदला पप्पू यादव से लिया जा रहा है?

नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने यह भी पूछा कि बिहार के मुख्यमंत्री क्या इस प्रकार से कोविड की चुनौतियों से निपटने की इच्छा रखते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अपनी मशीनरी पूरी तरह फेल हो गई है और वह सच्चाई को भी सामने नहीं आने देना चाहत। जो लोग बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर रहे हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

माले सचिव ने पार्टी की ओर से पप्पू यादव की तत्काल रिहाई की मांग की है।

वहीं, अन्य विपक्षी दल भी पप्पू यादव के समर्थन में आ गये हैं।आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने नीतीश कुमार की तुलना हिटलर से करते हुए पप्पू यादव की गिरफ्तारी की निंदा की है।

पूर्व मुख्यमंत्री और अब एनडीए में सहयोगी जीतनराम माँझी ने अपनी ही सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि जनसेवा करने वाले किसी जनप्रतिनिधि को गिरफ्तार करना मानवता के लिए खतरनाक है।  नीतीश सरकार में मंत्री मुकेश साहन ने भी सरकार का विरोध करते हुए पप्पू यादव की गिरफ्तारी को संवेदनहीनता बताया है। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना ही नेता का धर्म होता है।

 

 


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