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विकास दुबे की गिरफ्तारी पर विपक्ष के सवाल- “सरेंडर किया या पकड़ा गया?”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, वहीं एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा है कि ये गिरफ्तारी है या आत्मसमर्पण? बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा है कि विकास दुबे के साथ साथ उसके जघन्य अपराधों सेे जुड़े सभी सरकारी व राजनीतिक संरक्षकों को भी यूपी सरकार जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाए।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या का आरोपी और मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन विकास दुबे की मध्य प्रदेश से गिरफ्तारी पर विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सामाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कई सवाल खड़े किये हैं। जहां प्रियंका गांधी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, वहीं अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा है कि ये गिरफ्तारी है या आत्मसमर्पण? बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि विकास दुबे के साथ साथ उसके जघन्य अपराधों सेे जुड़े सभी सरकारी व राजनीतिक संरक्षकों को भी यूपी सरकार जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि “कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है।“

प्रियंका गांधी ने कहा कि “तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए।“

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि “ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि “कानपुर-काण्ड का दुर्दान्त अपराधी विकास दुबे को काफी लम्बी जद्दोजहद के बाद अन्ततः मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्त में लिए जाने के बाद अब इसके तमाम आपराधिक सांठगांठ व माफियागिरी आदि का पर्दाफाश होने का यूपी व देश की जनता को काफी इन्तजार है।”

मायावती ने आगे कहा कि “इतना ही नहीं बल्कि जनता को इस बात की भी प्रतीक्षा है कि विकास दुबे के साथ-साथ उसके जघन्य अपराधों सेे जुड़े व सम्बंधित सभी सरकारी व राजनीतिक संरक्षकों एवं षडयंत्रकारियों को भी उत्तर प्रदेश सरकार जल्द से जल्द सख्त सजा जरूर दिलाए।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बयान पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने प्रियंका गांधी के ट्वीट पर कमेंट किया है कि “ये लोग पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं। ये गलवान में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। आज एक कुख्यात अपराधी पकड़ा गया है तो मध्यप्रदेश पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं। ये वो हैं जो सेना और पुलिस का मनोबल गिराने का काम करते हैं।”

बता दें कि कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी और कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को गुरुवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि विकास दुबे की गिरफ्तारी हुई है या उसने सरेंडर किया है। इस बात को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी विकास यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि “यूपी के कानपुर के कुख्यात गैंगस्टर , 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे के उज्जैन में महाँकाल मंदिर में ख़ुद सरेंडर करने की घटना की उच्चस्तरीय जाँच होना चाहिये। इसमें किसी बड़ी सियाशी साज़िश की बू आ रही है।”

कमलनाथ ने आगे कहा कि “इतने बड़े इनामी अपराधी के जिसको पुलिस रात- दिन खोज रही है, उसका कानपुर से सुरक्षित मध्यप्रदेश के उज्जैन तक आना और महाँकाल मंदिर में प्रवेश करना और ख़ुद चिल्ला- चिल्लाकर ख़ुद को गिरफ़्तार करवाना, कई संदेह को जन्म दे रहा है, किसी संरक्षण की और इशारा कर रहा है, इसकी जाँच होना चाहिये”।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि “मैं शिवराज जी से विकास दुबे की गिरफ़्तारी या सरेंडर की न्यायिक जांच की मांग करता हूं। इस कुख्यात गैंगस्टर के किस किस नेता व पुलिसकर्मियों से सम्पर्क हैं जांच होनी चाहिए। विकास दुबे को न्यायिक हिरासत में रखते हुए इसकी पुख़्ता सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए ताकि सारे राज़ सामने आ सकें।“

कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा के परिवार ने भी विकास की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। शहीद सीओ के भाई कमलाकांत मिश्रा ने कहा है कि “एक दिन पहले उसे फरीदाबाद में देखा गया। अगले दिन वह सुरक्षित उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंच जाता है। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या अकेले विकास दुबे या उसके गैंग ने नहीं की है। उसके साथ और दूसरे लोग भी शामिल थे।  जो अबतक उसे बचाते रहे। उन्हीं की सलाह पर उसने सरेंडर भी किया है। असल में उसे मौत से बचाया गया है।


 

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