राममंदिर ज़मीन ‘घोटाले’ से नाराज़ शंकराचार्य ने माँगा हिसाब, कहा-चंपत राय को हटायें मोदी!


स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर के लिए कितना कितना चंदा एकत्रित किया गया? मंदिर के लिए कितनी ज़मीन लगेगी? ज़मीन खरीदी की कितनी दर होगी? इन सभी चीजों को श्वेतपत्र के माध्यम से जनता के सामने रखा ही जाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि प्राचीन धार्मिक क्षेत्र में जो मिलावट की जा रही है, वो बेहद ही चिंताजनक है।


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अयोध्या में रामजन्मभूमि ट्रस्ट पर लगे ज़मीन घोटाले के दाग़ ने तमाम आस्थावानों को बेचैन कर दिया है। अब इस सिलसिले में शंकराचार्य स्वमी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी नाराज़गी जतायी है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को ग़ैरज़िम्मेदार बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी से उन्हें तुरंत ट्रस्ट से हटाने की माँग की है

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा अश्रम में एक प्रेस कान्फ्रेंस करके इस मसले पर अपनी अप्रसन्नता व्यक्त की।

शंकराचार्य ने कहा है कि मोदी सरकार ने ट्रस्ट बनाया और उसमें भ्रष्टाचारियों को शामिल कर लिया गया। चंपत राय कौन थे? यह पहले कोई नहीं जानता था, लेकिन उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में सर्वे सर्वा बना दिया गया।

शंकराचार्य ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जो राशि आयी उससे महंगे दामों पर जमीन खरीदी जा रही है। ऐसे में चंपत राय कह रहे हैं कि हम पर गांधी जी की हत्या का भी आरोप लग चुका है। हम आरोपों की परवाह नहीं करते। इतने गैर जिम्मेदार लोग किस तरह से न्यास पर बैठे हुए हैं। इन्हें तत्काल प्रधानमंत्री को न्यासी पद से हटा देना चाहिए।

स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर के लिए कितना कितना चंदा एकत्रित किया गया? मंदिर के लिए कितनी ज़मीन लगेगी? ज़मीन खरीदी की कितनी दर होगी? इन सभी चीजों को श्वेतपत्र के माध्यम से जनता के सामने रखा ही जाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि प्राचीन धार्मिक क्षेत्र में जो मिलावट की जा रही है, वो बेहद ही चिंताजनक है।

रूपानंद सरस्वती ने कहा कि पूर्व पीएम नरसिम्हा राव के समय में रामालय न्यास का गठन किया गया था। उसे अकारण ही हटाकर नया तीर्थ ट्रस्ट क्यों बनाया गया? शंकराचार्य ने पूछा कि रामालय न्यास में क्या गड़बड़ी थी? या फिर नए न्यास में क्या गुणवत्ता है?

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मंदिर के शिलान्यास पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास में शुभ मुहूर्त का ध्यान नहीं दिया गया, मंदिर का शिलान्यास अत्यंत अशुभ मुहूर्त में किया गया है। जिसका हम ने विरोध भी किया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी के कारण न्यासियों की बुद्धि खराब हो रही है, जिसका उदाहरण प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है।

दरअसल, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन पर सवाल उठाए गए हैं। दस्तावेज़ी प्रमाण के आधार पर कहा गया कि दो करोड़ रुपए में बैनामा कराई गयी जमीन को 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया।  समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने पूरे मामले में दस्तावेज पेश करते हुए इसकी जांच CBI से कराने की मांग की है। साथ ही, आम आदमी पार्टी और  कांग्रेस भी इस मसले पर हमलावर है।


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