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कनॉट प्लेस में मॉब लिंचिंग का ट्रेलर! क्या चुनाव से पहले कुछ बड़ा होने वाला है?

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Representative Image HT

दिल्ली में चुनाव होने वाले है और दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में कुछ बड़ा होने के आसार है।

शायद मॉब लिंचिंग जैसे कोई घटना या कुछ हिन्दू मुस्लिम बवाल जैसा! राजीव चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 6 के पास जो चौपाल जैसी जगह है वो फिलहाल नफरत फैलाने की फैक्ट्री बना हुआ है।

इसकी शुरुआत कहाँ से हुई उसका ठीक ठीक पता तो नहीं, लेकिन इस जगह को भड़काऊ उन्मादी धार्मिक चर्चा और फ़र्ज़ी राष्ट्रवादी बहस का अड्डा बना कर मशहूर करने का काम मुख्य मीडिया चैनलों जैसे भैया जी कहिन शो, रिपब्लिक टीवी, और ज़ी ने बखूबी अंजाम दिया है।

पहले ये चैनल भाड़े के कुछ लोगों को भीड़ में घुसा कर भड़काऊ नारे और बयान दिलवा कर कैमरा पर दिखाया करते थे। अब यह जगह संघ और उससे जुड़े कट्टरपंथी संगठनों की पसंदीदा जगह बन चुकी है।

हर रोज़ यहां कुछ लोग भीड़ लगाए आपस में गरमा गरम हिन्दू मुस्लिम बहस करते या कोई कैमरा माइक लिए कोई भीड़ लगाए भड़काऊ बयानबाज़ी करता पाया जाएगा।

यहां कोई बीस पच्चीस संघी लफंगों की एक टीम भीड़ में काम करती है जो भाजपा और संघ के खिलाफ कुछ भी बोलने वाले को हूट करने, गालियां देने का काम करती है।

ये बात काफी दिनों से मैं देखता आ रहा हूं लेकिन आज जो देखा वो किसी बड़ी घटना होने की आशंका से भर देने वाला था।

आज पहली बार मैंने राजीव चौक गेट नंबर 6 पर किसी को लगभग मॉब लिंच होते हुए देखा। वो लड़का शायद इस जगह से वाकिफ नहीं था। उसने भाजपा के खिलाफ कुछ बोल भर दिया और बीस पचीस लोग चिल्लाते हुए उस पर टूट पड़े।

भीड़ में घुसे इन संघ के लफंगों ने उस पर थप्पड़ चला दिया, किसी ने लात। आसपास कोई पुलिस वाला नहीं था। हालात गंभीर होते देख मैंने गश्त पर खड़े कुछ फौजियों को जाकर मामला बताया। फौजी ने कहा लॉ एंड आर्डर पुलिस का मामला है, हम कुछ नहीं कर सकते।

बड़ी अनिच्छा से वो फौजी मेरे साथ आया, तब तक वो लड़का पीट कर भगाया जा चुका था। दो पुलिस वाले भी आ चुके थे। मेरी बात मानने को तैयार नहीं थे कि ऐसा भी यहां कुछ हुआ है।

उल्टा मुझे समझाने लगे कि अगर किसी को यहां हम खड़ा होने पर मना करते हैं तो कहते हैं हमारी बोलने की आज़ादी छीन रहे हैं।

मैंने कहा आपत्ति बोलने पर नहीं किसी को पीटने पर है। लेकिन पुलिस सुनने को तैयार नहीं। वो फौजी भी फौरन पलट गया, इस बात तक से मुकर गया कि उसे मैं बुला कर लाया था।

पास खड़े एक ऑटो वाले ने बताया कि ये कुछ लोग है जो रोज़ यहां खड़े होते हैं, हिन्दू मुसलमान की उन्मादी बहस करते हैं। कल भी एक लड़के को ऐसे ही पीट चुके हैं।

नज़र बनाये रखिये क्योंकि आज की घटना को देखते हुए लगता है कि भीड़ के चेहरे में छिपे ये गुंडे शायद कुछ बड़ा दंगा बवाल करने की फिराक में हैं।

1 COMMENT

  1. बहुत बुरा।

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