प्रियंका गाँधी को घर खाली करने का नोटिस, काँग्रेस ख़फ़ा

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केंद्र सरकार के हाउसिंग और अरबन अफ़ेयर्स मंत्रालय की ओर से जारी किए गए, एक नोटिस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सरकारी घर खाली करने को कहा गया है। इस नोटिस के मुताबिक, एक महीने के अंदर – प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली स्थित लोधी एस्‍टेट वाले सरकारी आवास को खाली करना होगा। ये कदम इससे पहले पिछले साल, सरकार के गांधी परिवार से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा वापस लेने की ही अगली कड़ी में आया है। नोटिस में भी आवास खाली कराए जाने के पीछे यही वजह बताई गई है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी इस आदेश में लिखा है कि एसपीजी सुरक्षा कवर के रद्द किए जाने के बाद, प्रियंका गांधी सरकारी आवास की अधिकारी नहीं रह गई हैं। इसलिए प्रियंका गांधी कहा गया है कि वे अगस्त की पहली तारीख़ तक, लोधी रोड स्थित ये सरकारी आवास खाली कर दें।

प्रियंका गांधी को भेजा गया नोटिस

ये आदेश कहता है, “गृह मंत्रालय द्वारा एसपीजी प्रोटेक्शन वापस लेकर, ज़ेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने के फैसले के मद्देनज़र, आपका, एसपीजी सुरक्षा के आधार पर सुरक्षा कारणों से 6बी टाइप के आवास का आवंटन रद्द किया जा रहा है। आपको 1 अगस्त तक इसी छूट के साथ किराए पर इस घर में रहने की अनुमति दी जाती है।”

आगे ये आदेश कहता है – “इसीलिए आपको सलाह दी जाती है कि यह आवास, 1 अगस्त, 2020 के पहले खाली कर दें। इसके बाद उस आवास में रहने की स्थिति में आपको नियमानुसार जुर्माना भरना होगा।”

हालांकि गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा कवर वापस लेने के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को को जेड+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। ये आवास एसपीजी सुरक्षा के नियमों के मुताबिक ही, प्रियंका गांधी को 1997 में मिला था। दरअसल एसपीजी का गठन ही 1985 में तब किया गया था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए विशेष कमांडो दस्ते के बारे में विचार किया गया। 1992 में जब पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या हुई, तो उनके पूरे परिवार को ये कवर दिया गया।

नोटिस पर कांग्रेस ने जतायी नाराजगी

प्रियंका गांधी को घर खाली करने नोटिस दिये जाने पर कांग्रेस ने नाराजगी जतायी है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि “भाजपा व मोदी सरकार की कांग्रेस नेत्रत्व से अंधी नफ़रत तथा प्रतिशोध की भावना जग ज़ाहिर है।

अब तो वह और औछी हरकतों व हथकंडों पर उतर आए हैं। प्रियंका जी का मकान ख़ाली कराने का नोटिस मोदीजी-योगीजी की बेचैनी दिखाता है।

कुंठित सरकार के तुग़लकी फ़ैसलों से हम डरने वाले नहीं।“

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट कर कहा कि “प्रियंका गांधी जी ने भाजपा सरकार के गरीब विरोधी, रोजगार विरोधी व महिला विरोधी रवैए के विरोध में मुखर होकर आवाज उठाई है। सच सामने लाने के चलते उन पर लगातार तरह-तरह के हमले किए गए। लेकिन वो जनता की समस्याओं को उठाने के लिए और उनके निदान के लिए चट्टान की तरह अडिग हैं।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि “एक जमाने में सरकारी मशीनरी के दम पर इंदिरा गांधी जी को भी अलग-अलग तरीके से परेशान किया गया था।

पहले भी सुरक्षा को खतरे के गंभीर इनपुट होने के बावजूद सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी व प्रियंका गांधी जी से एसपीजी सुरक्षा छीनी गई थी। प्रियंका जी ने उसे सहर्ष स्वीकार किया था।

भाजपा सरकार को जनता के मुद्दों, चीन से भारत की सीमाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जनता को जवाब देना चाहिए।

प्रियंका जी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगी। अभी तो ली अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है।”

इसके बाद से ही कांग्रेस और सरकार के समर्थक और नेता, सोशल मीडिया पर आपस में भिड़ गए हैं। ट्विटर पर #PriyankaGandhi ट्रेंड कर रहा है।


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