आर्थिक मंदी : मारुति सुजुकी के उत्पादन पर दो दिन का ब्रेक

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आर्थिक मंदी का असर सबसे अधिक ऑटोमोबाइल क्षेत्र में पड़ा है. ऑटो सेक्टर पर छाई मंदी से मारुति भी अछूती नहीं है, जिसके चलते अब मारुति सुजुकी ने गुड़गांव ने अपने दो प्लांट दो दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया. 7 और 9 सितंबर को प्लांट में ‘नो प्रॉडक्शन डे’ होगा. मारुती-सुजुकी की बिक्री में 33.99 फीसदी की गिरावट आई है.

वहीं मारूति सुजुकी कामगार यूनियन के अनुसार कंपनी का कहना है कि वर्तमान समय में बाजार की जरूरतों को मद्देनजर रखते हुए मारुति सुजुकी के तीनों प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने का फैसला लिया गया हैं.

कंपनी पिछले 7 महीनों से उत्पादन घटा रही थी. कंपनी ने इस अगस्त 1,11,370 यूनिट बनाई थी, जबकि इसी महीने में पिछले साल 1,68,725 यूनिट बनाई गई थी. बिक्री की बात करें तो यह अगस्त महीने में 32.7 प्रतिशत घटकर 1,06,413 वाहन रह गई थी. इससे पिछले साल के समान महीने में कंपनी की बिक्री 1,58,189 इकाई रही थी.

कंपनी की मिनी कारों ऑल्टो और वैगन आर की बिक्री इस दौरान 71.8 प्रतिशत घटकर 10,123 वाहन रह गई. एक साल पहले समान महीने में यह आंकड़ा 35,895 इकाई का था. इसी तरह कॉम्पैक्ट वाहन खंड में कंपनी की बिक्री 23.9 प्रतिशत घटकर 54,274 इकाई रह गई, जो अगस्त, 2018 में 71,364 इकाई थी. इस खंड में स्विफ्ट, सेलेरियो, इग्निस, बलेनो और डिजाइर गाड़ियां आती हैं.

कंपनी की मध्यम आकार की कार सियाज की बिक्री भी भारी गिरावट के साथ 1,596 इकाई पर आ गई. पिछले साल समान महीने में इसकी बिक्री 7,002 इकाई रही थी. हालांकि, समीक्षाधीन अवधि में कंपनी के यूटिलिटी वाहनों विटारा ब्रेजा, एस क्रॉस और अर्टिगा की बिक्री 3.1 प्रतिशत बढ़कर 18,522 इकाई पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान महीने में 17,971 इकाई थी. अगस्त में कंपनी का निर्यात 10.8 प्रतिशत घटकर 9,352 इकाई रह गया, जो एक साल पहले समान महीने में 10,489 इकाई था.

बता दें कि बीते अगस्त में ही गाड़ियों की बिक्री में कमी के कारण मारुती ने सुजुकी ने 3000 अस्थाई कर्मचारी हटा दिए थे.

इससे पहले महिंद्रा और मोटोकॉर्प में 4 दिन उत्पादन बंद रहा था. देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने बीते 15 से 18 अगस्त के बीच उत्पादन बंद रखा था.  देश के सकल विनिर्माण घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वाहन क्षेत्र का हिस्सा 49 प्रतिशत है.

 


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