मनीष गुप्ता केस: पत्नी मीनाक्षी ने फिर उठाए जाँच पर सवाल, कहा-सबूतों से हो रही लगातार छेड़छाड़!

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गोरखपुर के होटल में पुलिस जांच के दौरान मनीष गुप्ता की हत्या की जांच को लेकर उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने एक बार फिर संदेह जताया है। मीनाक्षी ने बुधवार शाम ट्विटर पर चोट के निशान की फोटो और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की कॉपी पोस्ट करते हुए सवाल किया कि मनीष के शरीर पर मिले चोट के निशान पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्यों नहीं थे? जांच संदेहास्पद है। मीनाक्षी का आरोप है कि सबूतों से लगातार छेड़छाड़ की जा रही है। साथ ही उन्होंने सीबीआई द्वारा अब तक जांच शुरू न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल किया कि सीबीआई जांच कब होगी? मीनाक्षी ने सीबीआई जांच जल्द शुरू करने की मांग करने के साथ कहा कि पुलिस द्वारा मनीष जी की हत्या को गंभीरता से लिया जाए।

कैसे हुई हत्या? पत्नी ने लगातार उठाए सवाल…

यह वारदात 27 सितंबर की रात की है। गोरखपुर के कृष्णा पैलेस होटल में छह पुलिसकर्मियों ने मनीष के कमरे पर छापा मारा। चेकिंग के नाम पर पुलिस ने पहले मनीष के साथ अभद्रता की और फिर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। मनीष की मौत के बाद से ही उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता लगातार सवाल उठाती रही है। आज एक बार फिर उन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया हैं और सीबीआई जांच प्रारंभ करने की मांग की है।

जांच को लेकर मीनाक्षी ने कहा….”मैं कैसे विश्वास कर सकती हूं”

मीनाक्षी ने एक मीडिया संस्थान से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि मनीष के साथ हुई घटना की जानकारी मिलने पर जब वह गोरखपुर पहुंची तो मोर्चुरी में उन्होंने पति का शव देखा था। शरीर पर चोट के कई निशान थे। एक निशान गले पर नीले रंग का था। वहीं, कान से गले तक लाल निशान थे, जिसे देखकर साफ लग रहा था कि मनीष को पीटा गया है। निष्पक्ष जांच व कार्रवाई के लिए ही पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल व वीडियोग्राफी के बीच कराने की मांग की गई। ऐसा हुआ, लेकिन फिर भी पोस्टमॉर्टम में इन चोटों के निशान क्यों नहीं अंकित किए गए? इसके साथ ही यह पूरी तरह से तय हो गया है कि गोरखपुर के डॉक्टर, पुलिस अधिकारी और होटल कर्मचारी सभी की मिलीभगत हैं।

ऐसे में अगर पति का मामला वहीं चलेगा तो मैं कैसे विश्वास कर सकती हूं कि वहां सब कुछ सुरक्षित संपन्न हो होगा। पति की मौत के बाद यूपी सरकार ने मीनाक्षी को सरकारी नौकरी दी, जिसे ज्वाइन करने पहुंची मीनाक्षी ने एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कहा कि मैं पहले ही सीबीआई जांच और पति के मामले को पूरी तरह से कानपुर स्थानांतरित करने की मांग कर चुकी हूं। उन्होंने आश्वासन भी दिया था कि मांगें पूरी की जाएंगी, लेकिन मुझे नहीं पता कि मामले में क्या ट्रांसफर किया गया है।  सीएम से मेरी एक ही गुजारिश है कि पति के केस की सुनवाई कानपुर कोर्ट में हो और सीबीआई जांच जल्द से जल्द शुरू हो, ताकि पति को इंसाफ मिल सके।


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