Home ख़बर अख़लाक, जुनैद और अफ़राज़ुल के क़ातिलों को लोकसभा चुनाव का टिकट

अख़लाक, जुनैद और अफ़राज़ुल के क़ातिलों को लोकसभा चुनाव का टिकट

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मीडियाविजिल प्रतिनिधि / नोएडा


नोएडा के अख़लाक, फरीदाबाद के जुनैद और उदयपुर के अफ़राजुल के हत्‍या के आरोपियों को अब आप चुनाव में खड़ा पाएंगे। आपके पास हत्‍यारों को वोट देने का भी विकल्‍प होगा। यह कारनामा किया है उत्‍तर प्रदेश नवनिर्माण सेना ने, जिसके मुखिया अमित जानी ने आज नोएडा में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर के हत्‍या के आरोपियों को लोकसभा चुनाव का टिकट देने की न केवल घोषणा की बल्कि भारतीय जनता पार्टी को इस बात के लिए खूब कोसा कि वह हत्‍यारों की लाश को तो तिरंगा पहनाती है लेकिन जिंदा हत्‍यारों को पसंद नहीं करती।

एक दिलचस्‍प प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में  उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना ने आज नोएडा में प्रेस वार्ता करके नोएडा, मथुरा, फरीदाबाद, आगरा सीट से अपने प्रत्याशियों का आधिकारिक एलान किया. राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी द्वारा जहां बिसाहड़ा के बहुचर्चित अख़लाक़ हत्याकांड के आरोपी हरिओम सिसोदिया को गौतमबुद्धनगर संसदीय सीट से कैंडिडेट घोषित किया गया वहीं पलवल के जुनैद हत्याकांड में जेल में बंद मुख्य आरोपी नरेश सहरावत को फरीदाबाद लोकसभा सीट से मैदान में उतारने का एलान किया गया! आगरा संसदीय सीट से भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया के मुकाबले अमित जानी पहले ही राजसमंद में मोहम्मद अफ़राज़ुल के लाइव मर्डर के आरोप में जोधपुर जेल में बन्द शम्भूलाल रैगर को सांसद उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं. मथुरा सीट से अमित जानी ने हरियाणवी सिंगर विकास कुमार को अपना प्रत्याशी घोषित किया है.

अमित जानी और हरिओम सिसोदिया

हत्यारोपियों को चुनाव लड़ाने के सवाल पर अमित जानी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक ने एक याचिका में टिप्पणी की है कि जब तक कोई भी व्यक्ति दोषी करार नही दिया जाता, मामला चाहे जितना संगीन हो वह निर्दोष ही माना जाता है. चूंकी सभी मामलों में मुस्लिम वोट का तुष्‍टीकरण होता है इसलिए सेकुलर दल उनको निशाने पर लेने की कोशिश कर रहे हैं जबकि राजपूतों को गोलियों से भून देने वाली बैंडिट क्‍वीन नाम से कुख्यात फूलन देवी को सम्मानित करके लोकसभा में भेजने वाले भी यही लोग हैं! हत्या, लूट, डकैती के अभियुक्त माफिया डॉन अतीक अहमद सपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, कांग्रेस बाहुबली अजय राय को वाराणसी से मैदान में उतार चुकी है,  देश की सबसे बड़ी मोब्लॉन्चिंग 1984 के दंगे थे जिसके आरोपी सज्जन कुमार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में से एक थे.

अमित जानी ने कहा कि विधायक कृष्णानंद राय और राजू पाल की हत्या करने वाले मुख्तार अंसारी को टिकट दिया जाता है, अफ़जाल अंसारी पार्टी रजिस्टर्ड करा के चुनाव लड़ते हैं, डीपी यादव संसद में जाते हैं, शहाबुद्दीन की सिवान जेल से रिहाई होने पर राजद के सांसद, मंत्रियों की फौज और तमाम नेतागण उन पर फूल बरसाते हैं लेकिन जब हम उन लोगों को राजनीतिक ताकत देने की बात कर रहे हैं जिनको फ़र्ज़ी तरीके से फंसाया गया है, तो हमको निशाना बनाया जा रहा है!

अमित जानी ने कहा कि हम पर राजनीति के अपराधीकरण के आरोप लगाने वाली भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कविता चौधरी सेक्स सीडी और हत्या प्रकरण के आरोपी बाबू लाल चौधरी को सांसद का टिकट दिया, मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपियों को चुनाव लड़वाया, यशवंत सिन्हा के पुत्र खुद छत्तीसगढ़ में मोब्लॉन्चिंग के आरोपी के साथ सेल्फी ले रहे है, वह जो करें सब जायज है क्योंकि उनको सत्ता इसका अधिकार देती है जबकि हिन्दुओ की लड़ाई लड़ने के लिए बनाई गई उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना की आवाज दबाई जा रही है और हमको अपराधियो का हिमायती बताया जा रहा है.

उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि यदि बिसाहड़ा के आरोपित नौजवान कातिल हैं तो रवि के पार्थिव शरीर को तिरंगे से क्यों ढंका गया था. रवि मर गया तो तिरंगे के संम्मान का अधिकारी हुआ और हरिओम जिंदा है तो कातिल हुआ? ये दोगलापन आपको सिर्फ भाजपा में देखने को मिल सकता है.