लखीमपुर: शहीद किसानों के अंतिम अरदास में प्रियंका गांधी को जाने से रोकने की कोशिश नाकाम !

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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा में शहीद हुए लोगो के लिए अंतिम अरदास कार्यक्रम शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम स्थल घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर है। अंतिम अरदास सभा में पांच लाख किसानों के आने की संभावना है। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी आज लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास में शामिल होंगी। वह लखनऊ एयरपोर्ट से लखीमपुर के लिए रवाना हो चुकी हैं। उनके काफिले को अमौसी हवाई अड्डे से लेकर रास्ते में जगह-जगह प्रशासन ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वे डिगी नहीं। भारी तादाद में काफिले में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कई जगह पुलिस से झड़प भी हुई। किसानों द्वारा सरकार को दिया अल्टीमेटम भी आज यानी मंगलवार को खत्म हो रहा है।

देशभर में प्रदर्शन की तैयारी शुरू..

दरअसल, लखीमपुर खीरी की तिकुनिया घटना को लेकर भाकियू नेता राकेश टिकैत ने देश और राज्य सरकार को अंतिम चेतावनी दी थी कि यदि संघर्ष में मारे गए किसानों की संयुक्त अरदास तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त और उनके बेटे को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरे देश में आंदोलन शुरू हो जाएगा। हालांकि मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को तो गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की कुर्सी अभी भी सुरक्षित है उन्हे बर्खास्त नही किया गया है। अब इस मामले में संगठन ने देशभर में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों का कहना था कि वे सरकार को दी गई मांगों को लेकर मंगलवार सुबह तक इंतजार करेंगे इसके बाद उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आंदोलन शुरू किया जाएगा।

विरोध के लिए 15, 18, 26 को यह योजना..

मंगलवार को लखीमपुर से ही किसानों की अस्थि कलश यात्रा यूपी में शुरू होगी। किसानों की अस्थियां लेकर किसान हर राज्य में जाएंगे और विसर्जन किया जाएगा। वहीं घटना के विरोध में किसान 15 अक्तूबर को दशहरा पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकेंगे। 18 अक्तूबर को 6 घंटे ट्रेन रोकेंगे। 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान मोर्चा महापंचायत करेगा।


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