कोरोना हॉटस्पॉट कलबुर्गी में धूमधाम से निकली सिद्धलिंगेश्वर रथयात्रा

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देश में कोरोना पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ने के बीच लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 3 मई तक कर दी गयी थी। बीते गुरुवार कर्नाटक के कलबुर्गी के चिट्टापुर तालुका में लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाकर सिद्धालिंगेश्वर पर्व मनाया गया। इस पर्व के दौरान लगने वाले मेले में सैंकड़ों लोग शामिल हुए और पारंपरिक तौर पर रथ यात्रा निकालते हुए दिखे।

गौरतलब है कि कलबुर्गी जिला कोरोना वायरस के लिहाज़ से बहुत संवेदनशील इलाका है और इसे हॉटस्पॉट भी घोषित किया गया है। कलबुर्गी जिले में ही कोरोना संक्रमण की वजह से देश में पहली मृत्यु दर्ज़ की गयी थी।

रथ को खींचने के वीडियो में सामने आया है कि इस दौरान लोगों ने लॉकडाउन के नियमों का कोई पालन नहीं किया और न ही कोई दूरी बरक़रार नहीं रखी। कलबुर्गी पुलिस ने बाद में मामले पर ट्वीट करते हुए मामले की पुष्टि की और बताया कि केस भी दर्ज किया गया है।

कर्नाटक सरकार के सूचना विभाग का कहना है कि जिले के डिप्टी कमिश्नर ने मामला संज्ञान में ले लिया है और ज़रूरी कार्रवाई की जायेगी। सूचना विभाग के अनुसार कोरोना के मद्देनज़र इस धार्मिक आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गयी थी। इससे पहले, 13 मार्च को भी इस इलाके में धार्मिक आयोजन हुआ था और ऐसी ही रथ यात्रा निकाली गयी थी। हालांकि, उस वक़्त लॉकडाउन नहीं लागू हुआ था।

बीते दिनों 10 अप्रैल को कर्नाटक के भाजपा विधायक एम जयराज ने भी धूमधाम से अपना जन्मदिन मनाया था और उसमें सैंकड़ों लोग शामिल हुए थे।

ऐसे नाज़ुक वक़्त में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है, सैंकड़ों लोगों का धार्मिक समारोह में शामिल होना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस अब ज़रूर कार्रवाई कर रही है, लेकिन मामला राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, कलबुर्गी के लोगों को इस बात के लिए निश्चित रहना चाहिए कि उन्हें और उनके धर्म को तब्लीग़ी जमात के मामले की तरह निशाने पर नहीं लिया जायेगा।

कर्नाटक में अभी तक कोरोना के 315 मामले सामने आये हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

 


 

 


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