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JNU: छात्र संघ, JNUTA ने VC को हटाने की मांग की,हमले खिलाफ देश भर में छात्र एकजुट

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इतवार 5 फरवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में नकाबपोश गुंडों के दस्तों द्वारा हॉस्टलों में घुसकर छात्रों पर लोहे की रॉड, डंडों और धारदार हथियारों से हमले के खिलाफ देश भर के कई यूनिवर्सिटी के छात्र सड़क पर उतर चुके हैं. मुंबई में गेटवे ऑफ़ इंडिया पर जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले के खिलाफ रैली हो रही है. वहीं जादवपुर यूनिवर्सिटी, जामिया, बीएचयू, बेंगलुरु आदि में भी छात्र इस हमले खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. जेएनयू के छात्र भी धरने पर हैं. 

आज जेएनयू छात्र संघ द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में छात्रसंघ प्रेसिडेंट ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को फीस और होस्टल संशोधन बिल वापस लेना होगा. कल का हमला सुनियोजित था, आरएसएस से जुड़े प्रोफेसर और छात्रों ने यह हमला करवाया. 50 साल में पहली बार कैम्पस के अदंर हिंसा हुई है.

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष  ने कहा कि पिछले 4-5 दिनों से आरएसएस से जुड़े प्रोफेसर्स हमारे आंदोलन को तोड़ने के लिए हिंसा भड़का रहे थे. यह एक सुनियोजित हमला था. वे लोगों को बाहर निकाल-निकालकर हमला कर रहे थे. आइशी ने कहा कि जेएनयू सिक्योरिटी और हमलावरों के बीच साठ-गांठ थी, जिसकी वजह से उन्होंने हिंसा रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. हमारी मांग है कि यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर को तुरंत हटाया जाए.

इस बीच तमाम राजनीतिक दलों और देश भर के चर्चित लोगों ने इस हमले की निंदा करते हुए सरकार और दिल्ली पुलिस की मंशा और कार्यशैली पर सवाल खड़े किये हैं.

जेएनयू शिक्षक संघ (JNUTA) ने कुलपति जगदीश कुमार को हटाने की मांग की है. जेएनयू शिक्षक संघ ने कहा है कि यह हमला प्रशासन ने करवाए हैं.

शिक्षक संघ ने इस हमले की न्यायिक जांच की मांग की है.

जेएनयू के पूर्व चांसलर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता करण सिंह ने भी वीसी को हटाने की मांग की है.

कांग्रेस ने जेएनयू हमले की न्यायिक जांच की मांग की है. कांग्रेस ने कहा इस हमले के लिए पुलिस प्रमुख को जिम्मेदार माना जाना चाहिए.

पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मांग की है कि हमलावर षड्यंत्रकारियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाना चाहिए है.पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने जेएनयू हिंसा मामले पर कहा है कि ये हिंसा लगातार बढ़ रही अराजकता का सबूत देती है. केंद्र सरकार, गृह मंत्री, एलजी और पुलिस कमिश्नर की नाक के नीचे देश की राजधानी में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं.उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि 24 घंटे के अंदर जेएनयू हिंसा के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए.

वहीं बीजेपी की सहयोगी दल जेडीयू ने जेएनयू के वीसी को हटाने और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से इस हमले की जांच की मांग की है.जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी जेएनयू परिसर में गुंडा तत्वों की हिंसक गतिविधियों की कड़ी निंदा करती है और नकाबपोश बाहरी तत्वों ने जिस तरीके से जेएनयू छात्र संघ के निर्वाचित पदाधिकारियों पर हमला किया, उसकी समाज के सभी वर्गों को निंदा करनी चाहिए.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे कायरतापूर्ण कृत कहा है. ठाकरे ने कहा कि देश में छात्रों के बीच एक डर का माहौल है. हमें उनके साथ आकर इस डर को खत्म करना होगा.

उद्धव ठाकरे ने कहा -जो हमलावर थे, वे नकाब क्यों पहने हुए थे ? यह कायरता है और कायरता का समर्थन नहीं हो सकता. उन्होंने जेएनयू हमले को मुंबई पर हुए 26/11 के हमले के समान बताया.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने इसे तानाशाही हमला करार दिया है.

उन्होंने इसे सुनियोजित तरीके से लोकतंत्र पर हमला बताया है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार रात हुई हिंसा की एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने निंदा करते हुए बीजेपी और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाया है.

महिला छात्रों पर हमले के दिल्ली महिला आयोग ने जेएनयू के रिजिस्टर्र को समन जारी किया है.

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्र-छात्राओं पर हमले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ अवमानना की याचिका दाखिल की है.

जेएनयू पर हमले के विरोध में जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

जेएनयू के समर्थन में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन जारी है. यहां फिल्म एक्टर सुशांत सिंह भी पहुंच गए हैं और प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद हैं.

देश ही नहीं देश के बाहर भी जेएनयू पर हमले के खिलाफ छात्र एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं.

 

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