अगर आप MLA हैं, तो आपके बच्चों के लिए ‘VVIP पास’ उपलब्ध हैं!

आदर्श तिवारी
ख़बर Published On :


नितीश सरकार में आम जनता के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार

एक तरफ़ तो कोटा में फंसे बिहार के छात्रों को नितीश कुमार सरकार संक्रमण फ़ैलने के डर से वापस घर नहीं आने दे रही है। तो वहीं दूसरी तरफ़ अपनी सरकार के विधायक को वाहन का पास थमा देती है। हिसुआ से विधायक अनिल सिंह के बच्चे के कोटा में फंसे होने पर विधायक जी को बिहार सरकार द्वारा वाहन पास दे दिया गया है। जिससे वो अपने बच्चे को कोटा से वापस बिहार ला सकें। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन 3 मई 2020 तक के लिए बढ़ा दिया गया था। राजस्थान के कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के चेहरों पर इस बढे लॉकडाउन से मायूसी छा गयी। 18 वर्ष से भी कम उम्र के ये बच्चे लॉकडाउन बढ़ने के बाद वहां अकेले फंस गए। सबसे अधिक संख्या बिहार और उत्तर प्रदेश के छात्रों की ही थी। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने साफ़ कर दिया था कि वो छात्रों को राज्य में बुलाने के पक्ष में नहीं हैं वो नहीं चाहते कि कोटा में फंसे बिहार के छात्रों के आने से राज्य में कोरोना संक्रमण आये।

कोटा में फंसे बिहार के छात्रों को वापस लाने की कोई सुविधा नहीं 

नितीश बाबू की सारी बातें और नियम कोटा में अकेले फंसे छात्रों पर ही लागू हैं। बिहार सरकार के विधायक जी पर ये नियम नहीं लागू होते दिख रहे हैं। और न ही सुशासन बाबू को लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन होते दिख रहा है न ही संक्रमण का खतरा! राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद वहां फंसे बच्चों और उनके परिवार की चिंताएं बढ़ गयीं थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने गृह राज्यों के छात्रों को वापस लाने के लिए बसें कोटा भेज दीं थी। साथ ही अन्य राज्यों में उत्तराखंड, छतीसगढ़, हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकारों ने भी बसें भेजने का फ़ैसला लिया। उस समय भी बसों को भेजने के फ़ैसले को नितीश कुमार लॉकडाउन का उल्लंघन बताते रहे। कोटा में बिहार की आम जनता के जो बच्चे फंसे हैं वो मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन नितीश कुमार तक उनकी आवाज़ नहीं पहुँच रही है।

विधायक अनिल सिंह ने बताया कि सब नियमानुसार ही हुआ है 

बिहार में हिसुआ विधायक अनिल सिंह

इस मामले में विधायक अनिल सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि “मैं पहले पिता हूँ फ़िर विधायक, मैंने लॉकडाउन के किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। मैं प्रशासन की अनुमति व सरकार के नियमों को मानकर गया और आया हूँ।”

प्रशांत किशोर का नितीश से सवाल 

वहीँ इस घटना के सामने आने के बाद नितीश कुमार के पुराने साथी प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार के ऊपर ट्वीट से हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने ट्वीट में पास की फ़ोटो शेयर करते हुए लिखा है कि “कोटा में फँसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नितीश  ने यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि ऐसा करना #LOCKDOWN की मर्यादा के ख़िलाफ़ होगा। अब उन्हीं की सरकार ने BJP के एक MLA को कोटा से अपने बेटे को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। यानी कि सरकार की लॉकडाउन की सख़्ती और मुख्यमंत्री की मर्यादा – दोनों ही बस आम जनता और उनके बच्चों को निभानी है।


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