जैर बोलसेनारो को गणतंत्र दिवस का प्रधान अतिथि बनाना किसानों का अपमान है-AIKSCC

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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने मोदी सरकार द्वारा ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारों को 71वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया है। भारत गहरे व निरन्तर कृषि संकट से गुजर रहा है। 20 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा के गन्ना किसानों का भुगतान बकाया है। खाद, बीज, डीजल, बिजली के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका लाभ कम्पनियों को हो रहा है और सरकार स्वामीनाथन आयोग के अनुसार लागत के दाम का डेढ़गुना समर्थन मूल्य देने में विफल रही है। यह दाम 450 रुपये प्रति कुंतल होना चाहिए।

भारत सरकार बोलसोनारो के नेतृत्व वाले ब्राजील की विश्व व्यापार संगठन में की गयी शिकायत के कारण गन्ने के दाम व छूट घटाने के दबाव में है। ब्राजील को शिकायत है कि भारत अपने गन्ना किसानों को अत्यधिक छूट और मिलों को चीनी के निर्यात हेतु भारी छूट देता है जो केवल कुल उत्पादन मूल्य का मात्र 10 फीसदी होना चाहिए।

भारत द्वारा चीनी का निर्यात बढ़ाने की भी शिकायत की गयी है जिससे चीनी के दाम गिरने की आशंका है। ब्राजील चीनी का सबसे बड़ा निर्यातक है और भारत एक प्रमुख प्रतिद्वन्दी है।

इस सबके वावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने बोलसेनारो के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है वह उनके किसान विरोधी कम्पनी पक्षधर चरित्र को दिखाता है।

श्री बोलसोनारो यौन बराबरी और आदिवासी व मूल निवासियों के प्रति भी काफी दक्षिणपंथी विचार व्यक्त करते हैं। उन्होंने अपने देश में भारी संख्या में मूल निवासियों को उजाड़ कर उन जमीनों पर खनन कार्य, व्यवसायिक कम्पनियों का काम तथा पशु फार्म बनवाए हैं।

एआईकेएससीसी को उम्मीद है कि भारत सरकार सद्बुद्धि का परिचय देकर किसानों के संकट को और नहीं बढ़ाएगी। एआईकेएससीसी ने इस गणतंत्र दिवस पर सभी किसानों से फसल के डेढ़ गुना दाम तथा सम्पूर्ण कर्जमुक्ति के लिए संकल्प लेने का आह्नान किया है। भारत के किसान गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि जैर बोलसोनारो का स्वागत नहीं कर रहे हैं।


विज्ञप्ति: AIKSCC मीडिया सेल द्वारा जारी