तालिबान और अल-क़ायदा के नाम पर बदनाम किया जा रहा है मुसलमान: पूर्व आईपीएस वटाली


वटाली का निशाना सत्ता धारी भाजपा सरकार है। यह बात किसी से छुपी नहीं है की ‘हिन्दू को मुसलमान से खतरा है’ जैसी अवधारणा भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा होता है। इसका हालिया उदाहरण इसे भी ले सकते है की उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में पार्टी को जनता को लुभाने के लिए उनके हित में काम करने की जरूरत होती है। अक्सर पार्टियां चुनावों से पहले बड़े-बड़े वादे करती हैं। कुछ योजनाएं निकलती हैं या पहले की योजनाओं को सुधरती हैं। कहने का तात्पर्य यह है की कुल मिलाकर अपने अच्छे काम दिखाने का प्रयास करती है।


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नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व आईपीएस शफकत अली वटाली ने इस्लामिक आतंकी संगठनों के नाम पर भारत में, भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को एक ट्वीट करते हुए यह आरोप लगाया। उनका कहना है की मूल मुद्दों से राष्ट्र का ध्यान हटाने के लिए सांप्रदायिक नफरत फैलाई जा रही है।

हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए..

वटाली ने अपने ट्वीट में लिखा, तालिबान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, आईएसआई, आईएसआईएस, अल कायदा आदि का इस्तेमाल सांप्रदायिक ताकतों द्वारा भारतीय मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए ही ऐसा किया जा रहा है। वाटली ने आगे कहा, यह मूल मुद्दों से राष्ट्र का ध्यान हटाने और चुनाव जीतने के लिए बनाई गई सांप्रदायिक नफरत है।

‘हिन्दू को मुसलमान से खतरा’  एक रणनीति

वटाली का निशाना सत्ता धारी भाजपा सरकार है। यह बात किसी से छुपी नहीं है की ‘हिन्दू को मुसलमान से खतरा है’ जैसी अवधारणा भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा होता है। इसका हालिया उदाहरण इसे भी ले सकते है की उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में पार्टी को जनता को लुभाने के लिए उनके हित में काम करने की जरूरत होती है। अक्सर पार्टियां चुनावों से पहले बड़े-बड़े वादे करती हैं। कुछ योजनाएं निकलती हैं या पहले की योजनाओं को सुधरती हैं। कहने का तात्पर्य यह है की कुल मिलाकर अपने अच्छे काम दिखाने का प्रयास करती है।

जिसका उन्हे चुनाव में फायदा हो सके, लेकिन यूपी की बीजेपी सरकार उन शहरों का नाम बदल रही है जिनका नाम मुस्लिम नामों पर रखा गया था। इसका क्या मतलब निकाला जाए? की एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है? जिससे वोटों को सुनिश्चित किया जा सके? मध्य प्रदेश में एक मुस्लिम चूड़ी वाले की दूसरे समुदाय द्वारा पिटाई लोगो में सांप्रदायिक नफ़रत जगाने का उदाहरण ही है।

इसका सीधा जुड़ाव वटाली की सांप्रदायिक नफ़रत पैदा करने की बात से है। जैसा कि पूर्व आईपीएस वटाली का आरोप है की भारतीय मुसलमानों को आतंकी संगठनों से जोड़ कर हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा की जा रही है, जिससे की मूल मुद्दों से राष्ट्र का ध्यान हटाया जा सके। लेकिन भाजपा सरकार के नेताओं के पास हर मुद्दे से जुड़े मामले का सीधा जवाब है की जिसे भारत में खतरा है वह पाकिस्तान या अफगानिस्तान चला जाए!

 

 


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