Home ख़बर राष्ट्रपति की अगुवाई वाले रेडक्रॉस की ‘अनियमितताओं’ पर हाईकोर्ट का नोटिस

राष्ट्रपति की अगुवाई वाले रेडक्रॉस की ‘अनियमितताओं’ पर हाईकोर्ट का नोटिस

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राष्ट्रपति की अध्यक्षता में चलने वाली इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के कामकाज में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 1 मई को होगी।

इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी (राष्ट्रीय मुख्यालय) ( 1 रेडक्रॉस रोड, न्यू दिल्ली 110001) के विरूद्ध उच्च न्यायालय में यह जनहित याचिका (संख्या 8724/2018), ग्रेटर नोएडा के निवासी अहमद राशिद सिद्दीकी ने दायर की है। याचिकाकर्ता के वकील एन डी पंचोली ने इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी में प्रबंधकों के विरूद्ध कुप्रबंध, कुशासन, धन का दुरुपयोग, अवैध कृत्यों और अनियमित नियुक्ति जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना प्रथम विश्व युद्ध (1914-1919) के दौरान हुई थी। इसका उद्देश्य जनता से प्राप्त धन का इस्तेमाल बीमार एवम् घायलों को चिकित्सा एवं अन्य सहायता पहुंचाना था। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी अधिनियम वर्ष 1920 में अंतिम संशोधन 1992 में किया गया।

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी काफ़ी प्रतिष्ठित संस्था मानी जाती है। इसके प्रेजीडेंट भारत के माननीय राष्ट्रपति तथा चेयरमैन पद पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनोनीत रहते है। राष्ट्रीय प्रबंध मंडल 19 सदस्यों का होता है जिसमें चेयरमैन एवम 6 सदस्यों का नामांकन भारत के माननीय राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है और 12 सदस्य भारत के विभिन्न राज्यों एवम् केंद्र शासित राज्यों स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की शाखाओं से निर्वाचित किए जाते हैं। राष्टीय प्रबंध मंडल इसके पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार है। सेक्रेटरी जनरल मुख्य अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते हैं।

अहमद राशिद सिद्दीक़ी

याचिकाकर्ता ने इस याचिका के माध्यम से निम्नलिखित प्रार्थना की है:

1.   इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा राष्ट्रीय प्रबन्ध मंडल के सदस्यों का नामांकन एवम् निर्वाचन इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी अधिनियम 1920 (संशोधित 1992) के सेक्शन 4 बी (1) (ए)(बी)(सी) एवम् सेक्शन 5 (1) और (2) के अन्तर्गत किया जाए।

2.   इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा सेक्रेटरी जनरल एवम् कोषाध्यक्ष की नियुक्ति इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी अधिनियम 1920 (संशोधित 1992) के सेक्शन 4(सी) एवम् 5(1) और (2)  द्वारा की जाए।

3.   उत्तरदाता संख्या 8, श्री एम. पी.गुप्ता (आयु 86 लगभग) जो पिछले 28 वर्षों से कोषाध्यक्ष के पद पर बने हुए है उन्हें पद से हटाया जाए।

4.    सेक्रेटरी जनरल की नियुक्ति के लिए 26.06.2018 को दिया गया विज्ञापन रद्द किया जाए।

5.    इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी में प्रबंधकों द्वारा कुप्रबंध, कुशासन, धन का दुरुपयोग, अवैध कृत्यों तथा अनियमित नियुक्ति के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया जाए।

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी में 30.11.2018 को सेक्रेटरी जनरल की नियुक्ति 26.06.2018 के विज्ञापन के अन्तर्गत की जा चुकी है। बीती 26 नवंबर 2018 को जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति वी.के. राव की पीठ ने सभी 14 उत्तरदाताओं को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया की 15 जनवरी 2019 को इस याचिका का जवाब दाखिल करे। 15 जनवरी को हुई सुनवाई में प्रतिशपथपत्र दाखिल करने का आदेश जारी करते हुए सुनवाई के लिए 1 मई 2019 की तिथि निर्धारित की गई।



2 COMMENTS

    • Dear Umesh yes the Honorable President has immunity against prosecution but this public interest petition in the Honorable Delhi High Court is all about mismanagement, misuse of funds, violation of provisions of Indian Red Cross Society Act, 1920 (lastly amended in 1992), illegal appointments ( totally cases of Nepotism). The petitioner has not made the Honorable President the party to the Petition but at the same time the integrity of the President’s office will be at stake, if such high profile organizations such as Indian Red Cross Society continue to do so and be allowed to do so. You can imagine of the things happening in organizations, where no high profile personalities are on its board.

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