झारखंड: चापाकल हैं पर पानी नहीं; गांव घोषित हैं खुले में शौच से मुक्त !



झारखंड में भाजपा सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई कार्य हुए हैं, जो कागज पर तो खुशनुमा दिखते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत काफी दुखद है। कई जिले खुले में शौच मुक्त घोषित हैं, लेकिन उन जिलों के कई गांवों में एक भी शौचालय नहीं है। पंचायत कैशलेस घोषित है, लेकिन सभी जगह कैश से ही काम हो रहे हैं। कागज में खुशनुमा दिखने वाले जिलों के उपायुक्तों (डीसी) को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से इनाम भी मिल चुके है और उनकी किस्मत भी बदल गयी है, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी काफी दुखदायी ही है।

दुमका जिला के गोपीकांदर प्रखंड के कुशचिरा पंचायत के अन्तर्गत “गुम्मापहाड़ी” गांव के ग्रामीणों ने बैठक की और प्रेस रिलीज जारी कर अपने गांव की हकीकत बतायी है, जो सरकारी योजनाओं की औपचारिकता ही दर्शाती है। इस गांव में पीने के पानी का घोर संकट है। इस गांव में पहाड़िया, संताल और घटवार जाति के ग्रामीण रहते हैं। गांव में लगभग 200 परिवार हैं, जिसकी जनसंख्या लगभग एक हजार दो सौ है। इस गांव में कुल चार टोला हैं। सभी टोला करीब आधा से एक किलोमीटर की दूरी में स्थित हैं।

पहाड़िया टोला में करीब 115 घर हैं। यहाँ पीने के पानी के लिये चार चापाकल और एक कल्याण विभाग द्वारा सोलर ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम अधिष्ठापित है। जिसमें रामलाल गृह, जगेश्वर देहरी, सुखदेव देहरी के घर के सामने का चापाकल करीब एक वर्ष से और ज्ञानदेव देहरी के घर के सामने का चापाकल करीब तीन वर्ष से ख़राब है। सोलर ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम ठीक काम कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ‘सोलर ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम से पहाड़िया टोला को प्रयाप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है और ठण्ड के मौसम में सूर्य का प्रकाश ठीक से नहीं मिलने के कारण बहुत कम पानी निकलता है।

सोलर ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं होने और सभी चापाकल ख़राब होने के कारण हम ग्रामीण झरना/डोभा का प्रदूषित पानी पीने के लिये मजबूर हैं।’ ग्रामीणों ने आगे कहा कि ‘इस टोले में एक और सोलर टंकी नयी बोरिंग कर लगाया गयी थी लेकिन सोलर टंकी को ब्लाॅक वाले यह कहकर उठा ले गये कि यह दूसरे गांव की है, जो गलती से इस टोले में लगा दी गयी थी। पहाड़िया टोला से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर करीब 18 घर हैं। यहाँ कोई भी चापाकल नहीं है। यहाँ के ग्रामीण सिंचाई कुआँ से अपनी प्यास बुझाते है। इन ग्रामीणों की मांग है कि यहाँ दो नये डीप बोरिंग कर चापाकल लगाये जाएं।

घटवार (रॉय) टोला में करीब 21 घर हैं। यहाँ उ०प्र०विद्यालय को लेकर कुल तीन चापाकल हैं, जिसमें से सुनील कुमार मरांडी के घर के सामने का चापाकल करीब एक वर्ष से ख़राब है, उ०प्र०विद्यालय का चापाकल बहुत देर बाद गन्दा और कम पानी देता है। मरांग हेम्ब्रम के घर के सामने का चापाकल चार-पांच बाल्टी पानी देता है। उसके बाद चलाने पर गन्दा पानी निकलता है।

संताल टोला में करीब 50 घर हैं। इस टोला में आंगनबाड़ी को लेकर कुल तीन चापाकल हैं। जिसमें आंगनबाड़ी का चापाकल करीब एक वर्ष से, सोनोती मरांडी के घर के सामने का चापाकल करीब तीन वर्ष से ख़राब है। सुशील मुर्मू के घर के सामने का चापाकल करीब एक वर्ष से कम पानी देता है। संताल टोला में एक वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी और मेकाइल के घर के सामने नया बोरिंग किया गया था लेकिन अब तक उसमे हैडल/हेड नहीं लगाया गया है।

बेड़ा टोला में चापाकल ठीक है। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकार द्वारा बनाया गया शौचालय का उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं और गन्दा और प्रदूषित पानी पीने से अक्सर बीमार होने का डर बना रहता है।

ग्रामीणों द्वारा ख़राब चापाकल की मरम्मत के लिय जल सहिया एलबिना देवी के माध्यम से मुखिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी, गोपीकांदर को लिखित आवेदन दिए कई महीने हो गए हैं लेकिन अब तक चापाकल का मरम्मत नहीं किया गया है। पूछने पर कहा जाता है कि चापाकल मरम्मत के लिय फण्ड नहीं आया है।

ग्रामीणों ने उपायुक्त, दुमका से मांग किया है कि गांव के सभी चापाकल की जल्द मरम्मत करवाया जाय ताकि उ०प्र०विद्यालय के बच्चों के साथ ग्रामीणों को पीने के पानी के लिय दिक्कत ना हो और सभी टोले में सोलर टंकी लगायी जाए। पहाड़िया टोला के ग्रामीणों ने यह भी मांग किया है कि सोलर ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम, जो इस टोला में अधिष्ठापित है, उसे बिजली से चलाने की व्यवस्था की जाय।

इस मौके पर रामला गृह, लक्ष्मी देवी, विणा देवी, एलबिना देवी, लखी देहरिन, बसंती गृहण, भवानंद देहरी, सिला देवी, भीम कुमार देहरी, राम मुर्मू, परमेश्वर टुडू, पाउल टुडू, होपनी हेम्ब्रोम, उषा मुर्मू, मकलू हेम्ब्रम, सुनील कुमार मरांडी, विनीता देवी, जागेश्वर देहरी, रंजन देहरी, रामनाथ गृह, अनीता देवी, सुमित्रा देवी, हेमंती देवी आदि उपस्थित थे।


रूपेश कुमार सिंह, स्वतंत्र पत्रकार हैं।


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