जुनैद जैसी घटना को दोहराने की कोशिश है फर्रूखाबाद की ट्रेन में मुस्लिम परिवार पर हुआ हमला!



पुलिस ने लचर विवेचना कर पहलू खान के हत्यारोपी को दिलवाई जमानत

मोहसिन, अखलाक, अयूब और अब पहलू खान के हत्यारोपियों को जमानत से हत्यारों के हौसले होंगे बुलंद


लखनऊ 14 जुलाई 2017। रिहाई मंच ने फर्रुखाबाद की एक ट्रेन में मुस्लिम यात्रियों पर हुए सांप्रदायिक हमले को एक बार फिर यूपी में जुनैद काण्ड को दोहराने की कोशिश करार दिया। मंच ने पहलू खान मामले में आरोपी रवीन्द्र की जमानत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह से लचर विवेचना से पुलिस मोहसिन, अखलाक, अयूब और अब पहलू खान के हत्यारोपियों को जमानत दिलवा रही है उससे साफ है कि सरकार ऐसा कर उन हत्यारोपियों के हौसले का बुलंद कर रही है जिससे वे इस तरह की हिंसा और करें।

अवामी काउंसिल फार डेमोक्रेसी एण्ड पीस के महासचिव असद हयात ने कहा कि जयपुर हाईकोर्ट ने पहलू हत्याकांड के आरोपी रवीन्द्र को जमानत दे दी है। इस घटना की कई सीडियां हैं जिनको पुलिस ने विवेचना में शामिल नहीं किया है। पुलिस ने जानबूझकर रवीन्द्र की शिनाख्त पहलू के घायल लड़कों और अन्य पीड़ितों से नहीं कराई जो गिरफ्तारी के तीस दिनों के भीतर होनी आवश्यक थी। इससे स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा रवीन्द्र और अन्य आरोपियों को बचाने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं। रवीन्द्र की जमानत ने साफ किया कि पुलिस इस घटना की निष्पक्ष विवेचना नहीं कर रही है।

फर्रुखाबाद की एक ट्रेन में मुस्लिम यात्रियों के साथ हिंसा पर रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने कहा कि जिस तरह से ट्रन का शीशा तोड़कर दर्जनों हमलावरों ने ‘मुल्ले हैं मारो इन्हें’ कहकर हमला किया और महिलाओं के साथ अभद्रता की उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जुनैद जैसी घटना को यूपी में दोहराने की कोशिशें लगातार जारी हैं।

गौरतलब है कि 53 साल के शाकिर अपनी फैमिली के साथ फर्रुखाबाद-शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे थे। कुछ लोग ट्रेन में चढ़े और महिलाओं के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। जब इस छेड़छाड़ का विरोध किया गया तो शाकिर के परिवार और उन लोगों के बीच बहस होने लगी। उन लोगों ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया और परिवार से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ितों पर रॉड से हमला किया गया। उन लोगों ने न सिर्फ उन्हें लूटा बल्कि औरतों के साथ बदतमीजी भी की। उन्होंने मानसिक तौर पर कमजोर उनके 17 साल के बेटे पर भी रहम नहीं खाया।

शाकिर के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं हैं। शाकिर के साथ उनकी पत्नी आसिया, बेटी अर्शी, तीन बेटे अरासान, फैजान, फिजू, शाकिर के भाई आरिफ, उनके भतीजे, शाकिर के साले शाहिद और उनकी दो बहनें शहनाज और मेनाज भी जख्मी हुए हैं। इनमें चार के सिर में चोट आई है। चार के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है।

द्वारा जारी-
शाहनवाज आलम
प्रवक्ता रिहाई मंच
415254919


प्रेस विज्ञप्ति


मीडिया विजिल जनता के दम पर चलने वाली वेबसाइट है। आज़ाद पत्रकारिता दमदार हो सके, इसलिए दिल खोलकर मदद कीजिए। अपनी पसंद की राशि पर क्लिक करके मीडिया विजिल ट्रस्ट के अकाउंट में सीधे आर्थिक मदद भेजें।

मीडिया विजिल से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।