किसानों ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ मोर्चा खोला, महापंचायतों का दौर जारी!

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मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन आज 88वें दिन भी जारी रहा। वहीं देशभर में किसान पंचायतों का दौर भी जारी है। इस बीच किसान संगठनों ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा है कि एक तरफ सरकार गलत फॉर्मूला लगाकर कम MSP देती है, दूसरी तरफ दिनों दिन बढ़ती तेल की कीमतें भी इनपुट लागत बढ़ा रही है। किसानों के साथ साथ देशभर के आम नागरिकों को भी पेट्रोल, डीजल, एवं गैस की बढ़ती कीमतों से भारी नुकसान हो रहा है। बढ़ती कीमतों के खिलाफ देशभर में लोग प्रदर्शन कर रहे है। AIKKMS ने हरियाणा के झज्जर एवं रेवाड़ी में पेट्रोल के बढ़ते दामों के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए देशभर में किसान महापंचायतों का दौर जारी है। आज चंडीगढ़ में विशाल सभा आयोजित की गई जिसमें चंडीगढ़ शहर के लोगों का भारी समर्थन मिला। राजस्थान के रायसिंह नगर में 18 फरवरी को और हनुमानगढ़ में 19 फरवरी को विशाल किसान पंचायतें आयोजित की गई। इन किसान पंचायतों को ‘सयुंक्त किसान मोर्चा’ के नेताओ ने संबोधित किया। सूर्यपेट तेलंगाना में 18 फरवरी को कृषि कानूनों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के नेतृत्व में बड़ी रैली हुई। इसी तरह 19 फरवरी को हिसार में महापंचायत की गई। इन सभाओं में किसानों के अलावा अन्य नागरिकों ने भी आने वाले दिनों में दिल्ली बॉर्डर्स पर आने का भरोसा दिया।

वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर उन्नाव में दलित औरतों की रहस्यमयी मौत के विरोध में और निष्पक्ष उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग को लेकर नौजवान किसान रैली  निकाली गई।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के नेताओं ने कहा कि सरकार झूठे केस लगाकर किसानों को डराना चाहती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अनेक जिलों में रेल रोको कार्यक्रमों के दौरान गिरफ्तारियां की गईं। ग्वालियर में 50 और रीवां में 47 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। रात को फूलबाग से, जहां 57 दिनों से स्थाई धरना चल रहा था वहां से, टैंट और सभी सामान जब्त कर लिया गया, जिसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर के कार्यालय पर धरना दिया गया। इसके बाद गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा किया गया। अब फिर से स्थाई धरना शुरू कर दिया गया है। छतरपुर में 32 दिन से धरना दे रहे किसानों को टैंट लगाने की अनुमति नहीं देने के कारण किसान बीमार भी हो रहे है। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि मंदसौर गोली कांड के बावजूद किसानो के हौंसला नहीं टूटा था, इसी तरह यह आंदोलन भी जारी रहेगा।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि 23 फरवरी को सभी बोर्डर्स सहित देशभर में ‘पगड़ी संभाल’ दिवस मनाया जाएगा। किसानों के आत्मसम्मान में मनाए जाने वाले इस दिन पर देशभर के महिला व पुरुष प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया जाता है कि इस दिन पर किसी भी रंग की पगड़ी पहन कर इस दिन को मनाए।

किसानों के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने वाले हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का अलग अलग जगहों पर भारी विरोध किया जा रहा है। 23 फरवरी को पगड़ी संभाल दिवस पर जेपी दलाल के अमानवीय बयानों के चलते उनके खिलाफ भिवानी में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जा रही है।


‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से डॉ दर्शन पाल द्वारा जारी


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