किसानों ने मनाया ‘पगड़ी संभाल दिवस’, शहीद भगत सिंह के परिजन भी शामिल!

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मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर समेत पूरे दिन में चल आंदोलन आज 91 वें दिन भी जारी रहा। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के राष्ट्रीय आह्वान पर आज किसानों द्वारा पगड़ी सम्भाल दिवस मनाया गया। दिल्ली के बॉर्डर्स पर चल रहे धरनों पर किसानों ने इस दिवस को अपने आत्मसम्मान का इजहार करते हुए मनाया। इस दौरान किसानों ने अपनी पारंपरिक पगड़ियां भी पहनी और किसान आन्दोलन के गीत भी गाए।

सिंघू बॉर्डर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस दौरान शहीद भगत सिंह के परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उनके भतीजे अभय संधू, तेजी संधू, अनुप्रिया संधू व गुरजीत कौर आदि उपस्थित रहे। किसान नेताओं ने उन्हें पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अभय संधू ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 23 मार्च (शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस) तक सरकार किसानों की मांगें नहीं मानती तो वे किसानो के समर्थन में आमरण अनशन करेंगे। अभय संधू ने किसानों के हौसले को सलाम करते हुए इस आन्दोलन के सफल होने की शुभकामनाएं दी।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के नेताओं ने मंच से पगड़ी सम्भाल लहर 1906 के बारे में सबको अवगत करवाया और कहा कि पगड़ी सम्भाल लहर में उस वक्त भी सरकार ने 3 किसान विरोधी कानून पास किए थे, जिनके विरुद्ध किसान आंदोलन शुरू हुआ और वह सफल रहा। किसानों की एकता यह साबित करती है यह आन्दोलन भी सफल रहेगा।

आज स्वामी सहजानन्द सरस्वती का जन्मदिन भी मनाया गया। किसान नेताओं ने स्वामी सहजानन्द की राष्ट्र निर्माण और जन आन्दोलनों में भूमिका का बखान किया। किसान नेताओं का कहना है कि यह किसानों की आज़ादी की लड़ाई है और वे इसमें जरूर सफल होंगे।

किसान नेताओं ने कहा कि एक समय पगड़ी किसान की शान होती थी, लेकिन सरकार उस पगड़ी को फांसी का बना रही है। किसानी पहले से ही बहुत गहरे संकट से गुजर रही है अब ये तीनों क़ानूनों का लागू होना और एमएसपी का ना मिलना, इस संकट को और बढ़ाएगा और किसानी बुरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि दक्षिण भारत के किसानों का एक  जत्था जिसमें मुख्य रूप से  कर्नाटक व तेलंगाना के किसान शामिल है, आज टिकरी बॉर्डर पर पहुंचे। उन किसानों का कहना है कि सरकार बार बार इस आंदोलन को एक विशेष क्षेत्र का आन्दोलन कहकर नकार देती है, लेकिन यह आन्दोलन देशभर के किसानों का है। उनके अनुसार इन कानूनों का रद्द होना और एमएसपी पर कानूनी गारंटी मिलना बहुत जरुरी है जो कि देशभर के किसानों का मसला है।

महाराष्ट्र के नंदुरबार में NAPM, AIKSCC, JASS और नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता सहित क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति में ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के आह्वान पर ‘पगड़ी संभाल दिवस’ को लेकर ‘जमीन संभाल साथी’ का नारा दिया गया। कृषि कानूनों का विरोध करते हुये स्वामी सहजानन्द सरस्वती और सरदार अजीत सिंह जी का परिचय दिया गया।

SKM के आह्वान पर ‘पगड़ी संभाल दिवस’ AIKKMS द्वारा आज भिवानी शहर में भी मनाया गया। दिनोद गेट से नेहरू पार्क तक सामूहिक जुलूस निकाला गया। सभी ने ‘पगड़ी संभाल आंदोलन’ के प्रतीक के रूप में सरदार अजीत सिंह और किसान अंदोलन के प्रणेता स्वामी सहजानंद सरस्वती के विचारों को आगे ले जाने का संकल्प लिया।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों के संघर्ष को बदनाम करने आये भाजपा के नेता व कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ मारपीट की। पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही करने की बजाय किसानों को ही गिरफ्तार कर लिया। सरकार के किसान विरोधी साजिशों का हम कड़ा विरोध करते हैं। भाजपा द्वारा किसान आंदोलन को बदनाम करने की रोज कोशिशें की जा रही है। हम इसे सफल नहीं होने देंगे और किसानो का यह संघर्ष जरूर कामयाब होगा।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि टिकरी धरने पर दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ पोस्टर लगाए गए हैं जिसमे किसानों से धरना खाली करने की चेतावनी दी गयी है। इस तरह के पोस्टर अप्रांसगिक है जहां किसान अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए शांतमयी प्रदर्शन कर रहे हैं। हम पुलिस के इस कदम का विरोध करते हैं और किसानों से अपील करते हैं कि शांतिपूर्ण विरोध जारी रखें। इस तरह की धमकियां और चेतावनी से किसान आंदोलन को खत्म करने की साजिशों का सख्त विरोध किया जाएगा व इससे किसान संघर्ष और मजबूत होगा।


‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से डॉ दर्शन पाल द्वारा जारी


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