रामचंद्र छत्रपति के शहादत दिवस पर ‘छत्रपति-सम्मान’ इस बार वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश को

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हरियाणा के शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की स्मृति में दिया जाने वाला ‘छत्रपति-सम्मान’ इस वर्ष देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्री उर्मिलेश को देने का फैसला हुआ है। हरियाणा के सिरसा में रामचंद्र छत्रपति शहादत दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में 19 नवम्बर को यह सम्मान श्री उर्मिलेश को दिया जायेगा। उन्होंने इसके लिये अपनी सहमति भी दे दी है।

यह सम्मान हर वर्ष देश के किसी गणमान्य लेखक, पत्रकार या बुद्धिजीवी को दिया जाता है, जिसने समाज को बेहतर बनाने के प्रयासों में बौद्धिक या रचनात्मक योगदान किया हो। विगत वर्षों यह सम्मान विख्यात पत्रकार-लेखक कुलदीप नैयर, शहीद भगत सिंह के भांजे और विख्यात लेखक प्रो.जगमोहन सिंह, लेखक प्रो. गुरुदयाल सिंह और वरिष्ठ टीवी पत्रकार रवीश कुमार सहित कई गणमान्य लेखकों-पत्रकारों को दिया गया है। 19 नवम्बर को आयोजित समारोह में श्री उर्मिलेश और पंजाब के पूर्व महाधिवक्ता आर एस चीमा अपने व्याख्यान भी देंगे। श्री उर्मिलेश ‘आज के मीडिया की चुनौतियां’ और श्री चीमा ‘आम आदमी और न्याय’ विषय पर व्याख्यान देंगे।

सिरसा के विवादास्पद डेरे के मालिक राम रहीम के कुकर्मों का पहली बार ठोस प्रमाणों के साथ अपने स्थानीय अखबार ‘पूरा सच’ में पर्दाफाश करने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को खबर छापने के कुछ ही दिनों बाद 24 अक्तूबर, 2002 को सिरसा में गोली मार दी गई। वह कई दिनों तक अस्पताल में जीवन-मौत के बीच झूलते रहे और अंततः 21 नवम्बर 2002 को उनकी मृत्यु हो गई। लगभग 15 साल बाद रामचंद्र छत्रपति द्वारा प्रकाशित ठोस साक्ष्यों के आधार और योग्य अधिवक्ता के प्रयासों से विवादास्पद डेरा मालिक गुरमीत राम रहीम सिंह अब सजायाफ्ता होकर जेल में है। उल्लेखनीय है कि एडवोकेट चीमा के अथक प्रयासों से ही यह मामला सीबीआई जांच तक गया।

सिरसा में यह समारोह स्थानीय पंचायत भवन में होगा।


शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति सम्मान समारोह समिति की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति

 


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