कई बड़े शहरों में बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर, पटाखों से प्रदूषित हुई दिल्ली, पटना, पंजाब की हवा!

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दिवाली की रात लोगो ने देश के अलग-अलग हिस्सों में जमकर आतिशबाज़ी की गई है। सिर्फ दिवाली के दिन ही नही उसके बाद भी लोग पटाखे फोड़ते नज़र आ रहे हैं। दिवाली पर पटाखों पर रोक का कोई असर नहीं पड़ा, जिससे देश में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया। जबरदस्त आतिशबाज़ी से आसमान में चारों तरफ प्रदूषण फैला दिख रहा है। शुक्रवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई शहर धुंध की मोटी चादर में लिपटे रहे। धुएं और बेइंतहा प्रदूषण से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की समस्या का सामना करना पड़ा।

दिल्ली में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड..

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में दीवाली के मौके पर आतिशबाज़ी के बाद वायु गुणवक्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। चिंताजनक बात यह है कि दिल्ली में प्रदूषण का 5 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। हालांकि आज दिल्लीवासियों को प्रदूषण से कुछ राहत मिल सकती है, क्योंकि आज 10 से 15 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं।

आगरा बना देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर..

दिवाली पर ताज नगरी की हवा में जहरीले रसायनों की मौजूदगी उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। गुरुवार को आगरा देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा। शुक्रवार सुबह से आगरा धुंध में लिपटा रहा। पीएम-2.5 कणों की मौजूदगी खतरनाक स्तर को पार कर गई। शहर के पांच प्रमुख केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर रहा। सबसे खतरनाक स्थिति ताजमहल के पास शाहजहां गार्डन में दर्ज की गई। यहां का औसत एक्यूआई 458 रहा, जबकि सभी स्टेशनों पर अधिकतम स्तर 500 दर्ज किया गया। आगरा के प्रत्येक क्षेत्र में कार्बन का स्तर भी निर्धारित मानक से 20 गुना अधिक था। शाहजहाँ गार्डन में इसका औसत 80 और अधिकतम स्तर 121 mpm है, जबकि यह प्रचुर मात्रा में है।

वाराणसी में छह गुना ज़्यादा रहा प्रदुषण..

बनारस में दिवाली पर वायु गुणवत्ता बहुत ज़्यादा खराब रही। सामान्य से छह गुना ज़्यादा वायु प्रदूषण ने शहर के लोगों के लिए सांस लेना दूभर कर दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भेलूपुर, मालदहिया, बीएचयू और अर्दली बाजार में एयर एम्बिएंट क्वालिटी मशीन लगाई गई है।

  • गुरुवार – अर्दली बाजार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 204, भेलूपुर 179, बीएचयू 117 और मालदहिया 225 रहा।पीएम-2.5 का अधिकतम स्तर 384 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था।
  • शुक्रवार – यह क्रमश: 227, 230, 256 और 292 दर्ज किया गया। शुक्रवार को पीएम-2.5 का अधिकतम स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था।
  •  दिवाली पर पीएम-10 का अधिकतम स्तर 310 था, जो शुक्रवार को बढ़कर 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया। पीएम-2.5 और पीएम-10 का सामान्य स्तर क्रमश: 60 और 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।

बरेली में भी सामान्य से पांच गुना AQI ..

बरेली में भी सामान्य से पांच गुना एक्यूआई 520 के पार दर्ज किया गया। एसपीएम, आरएसपीएम और सल्फर की मात्रा भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई।

हरियाणा में भी वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में..

दिवाली की अगली सुबह हरियाणा के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई।

  •  सोनीपत में एक्यूआई 411
  •  रोहतक में एक्यूआई 449
  •  हिसार में एक्यूआई 421
  • करनाल में एक्यूआई 304
  • अंबाला में एक्यूआई 268
  •  पंचकुला में एक्यूआई 157 दर्ज किया गया।

कोलकाता में मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंची वायु गुणवत्ता..

पश्चिम बंगाल में, दक्षिण कोलकाता के कुछ इलाकों को छोड़कर काली पूजा पर पटाखे फोड़ने की घटनाएं बहुत कम थीं। इसके बावजूद कोलकाता की वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई।

  • जादवपुर में एक्यूआई 229
  • बिधाननगर में एक्यूआई 227
  • बेलीगंज में एक्यूआई 171
  • फोर्ट विलियम में एक्यूआई 189
  •  रवींद्र सरोवर में एक्यूआई 148
  • विक्टोरिया मेमोरियल में एक्यूआई 146 दर्ज किया गया।

पंजाब के इन इलाकों की हवा सबसे दमघोंटू..

पंजाब के कई शहरों में भी वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है।

  •  जालंधर में 348 के एक्यूआई के साथ बेहद खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई।
  • लुधियाना में 300 और पटियाला में 263 के एक्यूआई के साथ जलवायु खराब श्रेणी में रही।
  •  पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ में मध्यम दर्जे का एक्यूआई 152 रहा।

झारखंड में ध्वनि प्रदूषण 45 प्रतिशत तक अधिक..

झारखंड में पटाखों के कारण वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से दोगुना दर्ज किया गया, जबकि ध्वनि प्रदूषण 45 प्रतिशत तक अधिक था।

  •  रांची में वन भवन के पास पीएम-10 का स्तर 202 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
  • पीएम-2.5 का स्तर सामान्य दिनों में 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से लगभग 70 प्रतिशत अधिक था।
  •  जमशेदपुर, हजारीबाग, धनबाद और दुमका जैसे शहरों में सांस लेना मुश्किल रहा।
  • शुक्रवार शाम 5 बजे तक रांची में वायु प्रदूषण का स्तर मानक सीमा के भीतर रिकॉर्ड होना शुरू हो गया।

मेरठ की हवा भी जहरीली..

दिवाली की रात आतिशबाजी के कारण गुरुवार रात 9 बजे से शुक्रवार रात 8 बजे के बीच मेरठ में पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर 500 दर्ज किया गया। वहीं, औसत एक्यूआई 480 के करीब रहा।

पटना में मोटे धूल की मात्रा 1134 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर..

बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार सुबह पटाखों के कारण कोहरा छाया रहा। दिवाली की रात पटाखों से शहर की हवा में मोटे धूल की मात्रा 1134 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पाई गई थी।

चेन्नई में एक्यूआई श्रेणी बेहद खराब..

दिवाली के बाद तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। चेन्नई में गुरुवार को सुबह 6 बजे से शुक्रवार सुबह 6 बजे के बीच औसत एक्यूआई 342 से 385 के बीच रहा है, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।


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