दिल्ली चुनाव: EC फिर सवालों के घेरे में, कुल मतदान प्रतिशत बताने में लगा 24 घंटे का समय!

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दिल्ली विधानसभा के लिए 70 सीटों पर चुनाव बीते कल यानी 8 फरवरी की शाम को समाप्त हो चुका था, किन्तु मतदान प्रतिशत की आधिकारिक घोषणा करने में आयोग को करीब 24 घंटे से अधिक समय लग गया. कल चुनाव खत्म होने के बाद तमाम टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल की बौछार हुई और सभी में आम आदमी पार्टी को बहुमत से अधिक सीटें दी गई. किन्तु कल एक बात पर हम सबने ध्यान नहीं दिया था, वह यह कि कल चुनाव ख़त्म होने के बाद चुनाव आयोग की ओर से अधिकारिक रूप से मतदान प्रतिशत की फाइनल घोषणा नहीं की गई थी. बीते कल चुनाव खत्म होने के करीब 24 घंटे के बाद चुनाव आयोग की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर बताया गया है कि कल दिल्ली में 62.59 फीसदी मतदान हुए.

आयोग ने कहा कि देर रात तक वोटिंग हुई, इसलिए मतदान प्रतिशत जारी करने में समय लग गया!

चुनाव आयोग ने बताया कि सबसे ज्यादा 71.6 फीसदी वोट बल्लीमरान विधानसभा में पड़े और सबसे कम 45.4 फीसदी वोट दिल्ली कैंट विधानसभा में पड़े. साथ ही आयोग ने बताया विधानसभा चुनाव में लोकसभा चुनाव की तुलना 2 फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई.

चुनाव आयोग ने कहा है कि हर बूथ से वोटिंग की डिटेल जुटाए जाने के बाद फाइनल आंकड़ा जारी किया गया है.

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे कि वोटिंग संपन्न होने के इतने समय बाद तक मत प्रतिशत का आंकड़ा क्यों नहीं जारी किया गया है.

आप नेता संजय सिंह ने सवाल करते हुए पूछा कि आयोग से पहले बीजेपी महामंत्री को मत प्रतिशत कैसे पता चल गया ?

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट कर सवाल उठाए हैं कि आखिर चुनाव आयोग ने वोटिंग के इतने समय बाद भी मत प्रतिशत क्यों नहीं जारी किए.

ऐसा शायद पहलीबार हुआ है. बता दें कि 8 फरवरी को सुबह से मतदान बहुत धीमा रहा, दोपहर तक मात्र 17 फीसदी की मतदान की खबर थी, किन्तु शाम होते-होते इसमें कुछ तेजी आई और यह तेजी लगातर बदलती रही, नीचे चुनाव आयोग के प्रवक्ता द्वारा ट्वीट किये गये इन सूचनाओं को क्रम से देखिये-

कल शाम जब सभी चैनलों पर एग्जिट पोल आये और सभी में आम आदमी पार्टी को बहुमत पाते दिखाया गया, उसके बाद भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सभी एग्जिट पोल गलत सिद्ध होंगे और बीजेपी को 48 से अधिक सीटें मिलेगी और दिल्ली में भाजपा की सरकार बनेगी.

बता दें कि दिल्ली में चुनाव तारीखों की आयोग द्वारा घोषणा से पहले ही मनोज तिवारी ने चुनाव तारीख बता दिया था एक टीवी कार्यक्रम में और ऐसा पहलीबार नहीं हुआ. इससे पहले भी आयोग से पहले बीजेपी ने चुनावों से जुड़ी जानकारियां सोशल मीडिया पर साझा किया था. चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर बीते कई समय से लगातर प्रश्न चिन्ह लगे रहे हैं.


 


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