काँग्रेस का ‘शहीदों को सलाम दिवस’: सोनिया ने पूछा कि घुसपैठ नहीं, तो क्यों शहीद हुए जवान ?

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कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को भारत-चीन सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए ‘शहीदों को सलाम दिवस’ मना रही है। देशभर में पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी, और देश के विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं व ‘शहीद स्मारकों’ के सामने धरना दिया। इस मौके पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर “Speak up for Our Jawans”  नामक से सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक अपनी भावना व्यक्त करते हुए वीडियो पोस्ट कर रहे हैं।

“शहीदों को सलाम दिवस” के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लद्दाख में चीनी सेना के घुसपैठ को लेकर कई सवाल उठाए। सोनिया गांधी ने वीडियो संदेश के जरिये कहा कि “देश जानना चाहता है कि अगर चीन ने लद्दाख में हमारी सरजमी पर कब्जा नहीं किया, जैसा प्रधानमंत्री कहते हैं तो फिर हमारे 20 सैनिकों की शहादत क्यों और कैसे हुई?” उन्होंने पूछा कि “चीन की सेनाओं द्वारा गुस्ताखी करके लद्दाख इलाके में कब्जा की गई हमारी सरजमी को मोदी सरकार कब और कैसे वापस लेगी? क्या सरकार इस मामले में स्थिति साफ कर देश को विश्वास में लेगी?”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा “आज कांग्रेस जन और देश के नागरिक हमारे शहीदों को श्रद्धांजलि एवं सैनिकों के शौर्य को नमन करने के लिए पूरे देश में शहीदों को सलाम दिवस मना रहे हैं। मैं खुद को उनके साथ जोड़ती हूं। गलवान घाटी लद्दाख में चीनी घुसपैठ को रोकते हुए हमारे 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए। देश उनके बलिदान के लिए सदैव आभारी रहेगा। हमे हमारे सैनिकों और सेनाओं पर नाज है। देश सुरक्षित है क्योंकि हमारी सेना प्राणों की बलि देकर भी देश की हिफाजत लगातार करती है। कांग्रेस पार्टी और हर देशवासी हमारी सेना और सैनिकों के प्रति आदर भाव व्यक्त करते हुए मजबती के साथ खड़े रहने के संकंल्प को फिर दोहराते हैं।”

सोनिया गांधी ने कहा कि “आज जब भारत-चीन सीमा पर संकट की स्थिति है तो केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारी सीमा में कोई घुसपैठ नहीं हुई पर दूसरी और रक्षा मंत्री तथा विदेश मंत्रालय बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों की मौजूदगी एवं अनेकों बार चीनी घुसपैठ की चर्चा करते हैं। हमारी फौज के जनरल, रक्षा एक्सपर्ट एवं समाचार पत्र सेटेलाइट तस्वीरें दिखाकर भी चीनी घुसपैठ की पुष्टि कर रहे हैं।”

उन्होने कहा कि “आज जब हम शहीदों को नमन कर रहे हैं तो देश जानना चाहता है कि अगर चीन ने लद्दाख में हमारी सरजमी पर कब्जा नहीं किया, जैसा प्रधानमंत्री कहते हैं तो फिर हमारे 20 सैनिकों की शहादत क्यों और कैसे हुई? चीन की सेनाओं द्वारा गुस्ताखी करके लद्दाख इलाके में कब्जा की गई हमारी सरजमी को मोदी सरकार कब और कैसे वापस लेगी? क्या चीन द्वारा गलवान घाटी व पेंगांग्त्सो इलाके में नए निर्माण और नए बंकर बना हमारी भूभागीय अखंडता का उल्लंघन किया जा रहा है? क्या प्रधानमंत्री इस स्थिति पर देश को विश्वास में लेंगे? आज पूरा देश सेना और सैनिकों के साथ अडिग खड़ा है। सरकार की चाहिए  कि सेना को पूरा समर्थन, सहयोग व ताकत दे। यही सच्ची देशभक्ति है।

राहुल ने पूछा- जवानों को बिना हथियार किसने भेजा और क्यों भेजा?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि “पूरा देश मिलकर, एक साथ, एक होकर, सेना के साथ और सरकार के साथ खड़ा है, मगर एक बहुत जरुरी सवाल उठा है। कुछ दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि हिंदुस्तान की एक इंच जमीन किसी ने नहीं ली, कोई हिंदुस्तान के अंदर नहीं आया। मगर सुनने को मिल रहा है, लोग कह रहे हैं, सैटेलाइट फोटोग्राफ्स में दिखाई दे रहा है, लद्दाख की जनता कह रही है, आर्मी के रिटायर्ड जनरल्स कह रहे हैं कि चीन ने हमारी जमीन छीनी है, एक जगह नहीं बल्कि तीन जगह चीन ने हमारी जमीन छीनी है।”

राहुल गांधी ने कहा कि “प्रधानमंत्री जी, आपको सच बोलना ही पड़ेगा, देश को बताना पड़ेगा, घबराने की कोई जरुरत नहीं है। अगर आप कहेंगे कि जमीन नहीं गई और सचमुच में जमीन गई है, तो चीन का फायदा होगा। हमें मिलकर इनसे लड़ना है, उनको उठाकर वापस फेंकना है, निकालना है, तो आपको सच बोलना पड़ेगा। बिना घबराए, बिना डरे, आप बोलिए कि हाँ, चीन ने जमीन ली है और हम कार्यवाही करने जा रहे हैं, पूरा देश आपके साथ खड़ा है। और आखिरी सवाल- हमारे जो भी शहीद हैं, उनको बिना हथियार किसने भेजा और क्यों भेजा?”

शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं होने देंगे- प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि 15 जून को चीन की सेना ने 20 भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या कर दी। हमारे वीर सैनिक निहत्थे शहीद हुए। उनकी शहादत हमारे देश के लिए हुई। हमारी सुरक्षा के लिए हुई। हमारी अखंडता के लिए हुई। और इस शहादत की पीड़ा को उनके परिजन आजीवन सहते रहेंगे। ये एक दुख है जिसे मैं अच्छी तरह से समझती हूं, अपने अनुभव से। एक गर्व भरा गहरा दुख होता है। इसकी जिम्मेदारी हम सब की है। क्योंकि हम इस देश के नागरिक हैं। और इस देश के नागरिक होते हुए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम इस शहादत को व्यर्थ न होने दें। हम इस शहादत का पूरी तरह से आदर करें।

प्रियंका गाधी ने कहा कि “प्रधानमंत्री जी के बयानों को सुनकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। और इन सवालों को उठाना हमारा फर्ज बनता है। सिर्फ मेरा नहीं बल्कि आपका भी। क्योंकि इस देश को जानना चाहिए कि जब प्रधानमंत्री जी चीन के नेताओं के साथ दोस्ती बरत रहे थे, तो कैसे समझौते हुए? कौन सी बातचीत हुई कि जिसने आज चीन को ये हिम्मत दे दी, कि वो हमारी जमीन पर कब्जा कर पाये। इस देश की जनता जानना चाहती है कि हमारे सैनिकों को आपने निहत्थे चीन की सेना का सामना करने के लिए क्यों भेजा?

प्रियंका ने कहा कि “जिस धरती पर वे शहीद हुए वो भारत माता की धरती है। इस देश की धरती है। हमारी मां है। आप उस धरती को चीन को सौंप नहीं सकते। हम ये होने नहीं देंगे। ये देश जानना चाहता है कि हमारी इस धरती में चीन की सेना को आने की इजाजत किसने दी? कैसे आये, क्यों आये? ये सवाल पूरा देश कर रहा है। प्रधानमंत्री जी आपको इन सवालों का जवाब देना पड़ेगा। देश की जनता अपने शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं होने देगी।

प्रियंका गांधी ने कहा कि “ये देश हमारा है, इस देश की धरती में उन शहीदों का खून मिला हुआ है। इस देश के लिए हजारों शहीद हुए हैं। उनकी शहादत पर राजनीति करना पाप है। हम इस पाप को नहीं होंने देंगे। हम उनके शहादत के कर्जदार हैं। प्रधानमंत्री जी आप भी इस शहादत के कर्जदार हैं। इस पाप को हम कभी नहीं होने दे सकते कि इनकी शहादत व्यर्थ हो। इनकी शहादत का आदर न हो।


 


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