SC में केंद्र का हलफ़नामा, कहा- नही होगी जातिगत जनगणना!

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सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई जातिगत जनगणना नहीं होगी। तमाम क्षेत्रीय दल OBC जनगणना की केंद्र सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर अपना पक्ष साफ कर दिया है। केंद ने कहा है कि पिछड़े वर्गों की जाति आधारित जनगणना प्रशासनिक रूप से मुश्किल और असाध्य काम है। जनगणना के दायरे से इस तरह की सूचना को अलग करना ‘सतर्क नीति निर्णय’ है। इससे पूरी या सही सूचना हासिल नहीं की जा सकती है। सरकार का कहना है कि ऐसी सूचनाओं को जनगणना के दायरे से बाहर करना नीतिगत फैसला है।

एसईसीसी 2011 में काफी गलतियां एवं अशुद्धियां..

हलफनामे के मुताबिक सरकार ने कहा है कि सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना (एसईसीसी) 2011 में काफी गलतियां एवं अशुद्धियां हैं। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र और अन्य संबंधित अधिकारियों से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित SECC 2011 के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की, और कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद यह उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा है कि SECC 2011 सर्वेक्षण एक ‘ओबीसी सर्वेक्षण’ नहीं है, बल्कि यह देश के सभी घरों में जातीय की स्थिति का पता लगाने के लिए एक व्यापक प्रक्रिया थी।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव की ओर से कहा गया है कि केंद्र ने पिछले साल जनवरी में एक अधिसूचना जारी कर जनगणना 2021 के लिए एकत्र की जाने वाली जानकारी का विवरण तय किया था और इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी समेत कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। लेकिन इसमें जाति की किसी अन्य श्रेणी का उल्लेख नहीं है।

अगली सुनवाई 26 अक्टूबर..

ओबीसी जनगणना के लिए केंद्र का रुख महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 10 दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। सिर्फ यही नहीं बल्कि बीजेपी के अपने नेता भी इसकी वकालत करते रहे हैं। ओबीसी जनगणना का यह मामला गुरुवार को न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था, बेंच ने इसपर सुनवाई की अगली तारीख 26 अक्टूबर तय की है।