अरबों में खेलने वाले कॉरपोरेट कैसे प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया को लगा रहे हैं लाखों का चूना?

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राजधानी स्थित पत्रकारों के सबसे बड़े अड्डे प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया की आर्थिक हालत अरबपति कॉरपोरेट सदस्‍यों के कारण खस्‍ता है। क्‍लब पर 16 अगस्‍त, 2017 की तारीख तक 1.15 करोड रुपये का बकाया था जिसमें सबसे ज्‍यादा हिस्‍सा क्‍लब के उन कॉरपोरेट सदस्‍यों का है जो केवल सौदेबाज़ी, जनसंपर्क और दलाली करने के लिए प्रेस क्‍लब का हिस्‍सा बनते हैं।

सदस्‍यों को भेजे गए एक आधिकारिक ईमेल में प्रबंधन समिति ने इस बात पर चिंता जाहिर की है कि कई-कई साल के बकाये के चलते क्‍लब पर एक करोड़ से ज्‍यादा का कर्ज चढ़ गया है। बकायेदार सदस्‍यों को अपना बकाया चुकाने के लिए 1 सितंबर की आखिरी तारीख दी गई है। ऐसा न करने पर अनुच्‍छेद 13-ए(4) के अंतर्गत उनकी सदस्‍यता रद्द कर दी जाएगी।

जिन सदस्‍यों पर सबसे ज्‍यादा पैसा प्रेस क्‍लब का बकाया है, उनमें सभी कॉरपोरेट सदस्‍य यानी कंपनियां हैं। सबसे बड़ी बकायेदार है सरकारी कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपेरेशन (ओएनजीसी)। बीते छह साल में इस कंपनी ने कुल 66,852 रुपये का बकाया क्‍लब के सिर पर लाद दिया है। उधार के मामले में ओएनजीसी के ठीक बाद दूसरे नंबर पर मेसर्स एस के इंजीनियर्स एंड फर्निशर्स है जिसके सिर पर 63,907 रुपया बकाया है।

आश्‍चर्यजनक बात है कि प्रेस क्‍लब की खस्‍ता हालत के लिए पत्रकार उतना जिम्‍मेदार नहीं हैं जितना अरबों का व्‍यापार करने वाली कंपनियां हैं, जिन्‍होंने कई साल की अपनी सदस्‍यता राशि तक चुकाने की ज़हमत नहीं उठायी है।

प्रबंधन द्वारा जारी की गई सूची में दर्ज कॉरपोरेट बकायेदारों की सूची मीडियाविजिल पहली बार सार्वजनिक कर रहा है।

कॉरपोरेट सदस्‍य                                                                                        बकाया राशि


मेसर्स सीएसआइआर (सार्वजनिक उपक्रम)                                   34,365.00

लिंटास इंडिया लिमिटेड (कॉरपोरेट पीआर कंपनी)                            56847.00

पेप्‍सीको (कॉरपोरेट खाद्य व पेय कंपनी)                                       34,370.00

आइटीसी लिमिटेड (कॉरपोरेट बहुधंधी कंपनी)                                34,365.00

मेसर्स एसके इंजीनियर्स एंड फर्निशर्स                                          63,907.00

मेसर्स रचना एंटरप्राइजेज़ प्रा. लिमिटेड                                        34365.00

मेसर्स पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (सार्वजनिक उपक्रम)            55,611.00

मेसर्स एस्‍कॉर्ट्स लिमिटेड                                                       34,365.00

मेसर्स दिल्‍ली ट्रांसको लिमिटेड                                                 34,364.00

मेसर्स एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज़                                               34,365.00

मेसर्स स्‍वाम सॉफ्टवेयर्स लिमिटेड                                              51,862.00

मेसर्स फुकॉन टेक्‍नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड                                  34,365.00

मेसर्स मंगली कैपिटल लिमिटेड                                                56,851.00

मेसर्स ओएनजीसी लिमिटेड                                                    66,852.00

मेसर्स सहारा इंडिया                                                            50,606.00

मेसर्स एमके इनफ्रास्‍टक्‍चर्स प्राइवेट लिमिटेड                                  33,057.00

मेसर्स केयर्न इंडिया लिमिटेड                                                  45,751.00

 

महज 17 कॉरपोरेट सदस्‍यों की कुल बकाया राशि 7,56,268 बैठती है जो सभी प्रकार के सदस्‍यों के क्‍लब पर कुल बकाये के एक-तिहाई के करीब है। पत्रकार और गैर-पत्रकार सभी प्रकार के कुल बकायेदारों की संख्‍या बकाया सूची में 287 है जबकि कॉरपोरेट बकायदेार केवल 17 हैं यानी बमुश्किल 6 फीसदी, लेकिन कुल बकाये 24,02,875 में अकेले कॉरपोरेट बकायेदारों का हिस्‍सा 30 फीसदी से ज्‍यादा है।


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