BHU: डॉ.फ़िरोज़ खान ने बनारस छोड़ा, जिला कांग्रेस कमेटी ने की VC से मुलाकात

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बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म संकाय में एक मुसलमान अध्यापक की नियुक्ति के विरोध में कुछ लोगों के धरने के कारण जहां कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं, वहीं ओर डॉ.फ़िरोज़ खान ने धमकी और असुरक्षा के चलते बनारस छोड़ दिया है। उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया है. मीडिया विजिल ने उनसे फोन पर बात करने की कोशिश की किन्तु उनका फोन कल से लगातार बंद आ रहा है। इस मुद्दे पर आज जिला कांग्रेस कमेटी (वाराणसी) का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें अजय राय (पूर्व विधायक), जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र चौबे, विकास सिंह, चंचल शर्मा, लालजी इत्यादि ने संस्कृत विद्या धर्म संकाय में डॉ फिरोज की नियुक्ति प्रकरण व दक्षिणी परिसर में डॉ किरण दामले प्रकरण को लेकर बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर जी से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।

कमेटी ने डॉ. फ़िरोज़ की नियुक्ति को मदन मोहन मालवीय के विचार और आदर्शों के अनुकल कहा गया साथ ही कुछ लोगों द्वारा इस मुद्दे पर विवाद खड़ा कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश पर चिंता वक्त करते हुए प्रशासन से उनसे निपटने का आग्रह करते हुए शीघ्र पठन -पाठन का माहौल बनाने का निवेदन किया गया है।

एक मुसलमान शोधार्थी को प्रतिष्ठित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म संकाय में छात्रों को वेद में छंद शास्त्र पढ़ाने के लिए बतौर प्रोफेसर नियुक्त किया जाता है। 6 नवम्बर को डॉ. फ़िरोज़ खान ने अपना चयन पत्र प्राप्त किया। 7 नवम्बर को पहली कक्षा लेने के पहले ही उनकी नियुक्ति के विरोध में संकाय के ही मुट्ठी भर छात्र धरने पर बैठ गए, विरोध की वजह डॉ. फ़िरोज़ खान का धर्म बताया गया। 20 नवम्बर के अखबारों से पता चला डॉ. फ़िरोज़ खान असुरक्षा कारणों से बनारस छोड़ अपने गृह जिले जयपुर चले गए।

आज शाम को 5 बजे लंका गेट पर डॉ. फ़िरोज़ खान के समर्थन में और भारतीय संविधान और विश्वविद्यालय की धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को संरक्षित करने के लिए एकत्र हों।


Joint Action Committee BHU द्वारा जारी


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