अरब देशों के दबाव में पहले BJP की सफाई, अब नूपुर-नवीन सस्पैंड!

मयंक सक्सेना मयंक सक्सेना
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इधर कानपुर में सांप्रदायिक तनाव और उसके पहले, भाजपा प्रवक्ता की पैगंबर के ख़िलाफ़ कथित टिप्पणी के मामले में भाजपा की ओर से आधिकारिक सफाई सामने आई है। हालांकि इसमें किसी नेता का ज़िक्र नहीं है, न ही बयान के सच्चे या झूठे होने पर कोई टिप्पणी है और न ही दोषियों पर किसी भी सख़्त कार्रवाई का वादा किया गया है। लेकिन इस आधिकारिक बयान में ये बताने के बाद कि भारतीय जनता पार्टी, किसी भी धर्म विशेष के ख़िलाफ़ नहीं है और किसी भी तरह की घृणा फैलाने वाली बात के ख़िलाफ़ है, 2 घंटे के अंदर ही नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।

क्या लिखा है भाजपा की सफाई में?

भाजपा के महासचिव और सांसद अरुण सिंह के लेटरहेड से जारी हुए इस पत्र में लिखा है कि भारत की हजारों वर्षों की यात्रा है। इस में कई धर्मों का जन्म और विकास हुआ है और भारतीय जनता पार्टी को किसी भी धर्म के पूजनीयों का अपमान स्वीकार नहीं है। ये पत्र आधिकारिक तौर पर भाजपा की ओर से, ये कहा गया है कि किसी भी तरह के वैमनस्य फैलाने वाले विचार को भारतीय जनता पार्टी स्वीकार नहीं करती है। साथ ही आज़ादी के अमृतकाल यानी कि 75वें वर्ष में प्रवेश करने का उल्लेख करते हुए, संविधान और नागरिकों की बराबरी की बात भी की गई है।

अरुण सिंह की ओर से भाजपा का आधिकारिक बयान (अंग्रेज़ी में)

क्या है पूरा मामला?

मामला तब विवाद में तब्दील हुआ, जब भाजपा नेता नूपुर शर्मा ने कथित तौर पर एक टीवी डिबेट में ज्ञानवापी मस्जिद पर चर्चा के दौरान पैगंबर और उनकी पत्नी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसका वीडियो क्लिप, सोशल मीडिया से व्हॉट्सएप तक वायरल होने लगा और देश भर में इसका विरोध होने लगा। नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ न केवल देश के अलग-अलग इलाकों में एफआईआर दर्ज हुई बल्कि कानपुर में विरोध के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि नूपुर शर्मा ने इससे इनकार कर दिया लेकिन टीवी चैनल टाइम्स नाऊ ने अपने आपको उनके बयान से अलग कर लिया और कहा कि टीवी चैनल पर प्रस्तोता की ओर से उनको रोकने की कोशिश की गई और वह ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं करता है।

Times NOW के डिबेट में नूपुर शर्मा

मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा, मामले की आंच कुछ अरब मुल्कों तक पहुंची। यहां से कई प्रतिष्ठित लोगों के इस मामले पर बयान आए। साथ ही भाजपा के एक और नेता नवीन जिंदल की ट्वीट को लेकर भी वबाल कट गया।

अरब देशों से प्रतिक्रिया

भाजपा नेत्री के बयान पर अरब देशों के कुछ प्रभावशाली लोगों की तरफ से भी ट्वीट आए और इसी बीच, भाजपा के ही एक और नेता नवीन जिंदल की एक ट्वीट भी वायरल हो गई, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद अरब देशों की ओर से ट्विटर पर भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का हैशटैग वायरल हो गया।

अरब देशों की तरफ से कड़ी प्रतिक्रियाएं आने लगी, जिसमें आम नागरिकों के अलावा कई सारे प्रतिष्ठित और रसूखदार लोग भी थे। यही नहीं वहां के मीडिया में भाजपा नेताओं के बयान, बड़ी ख़बर बन गए।

ख़ासतौर पर कुवैत में इस पर भीषण विरोध शुरू हो गया। इस देश में बड़ी संख्या में भारतीय काम भी करते हैं। यहां के सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड ह्यूमैनिटेरियन लॉ के प्रमुख ने भी भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील के साथ, भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।

पहले सांप्रदायिक बयान, अब बन रहे हैं पीड़ित पर हो गए सस्पैंड

भाजपा के ये दोनो ही नेता, यानी कि नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल – अपने लगातार सांप्रदायिक बयानों के बाद अब अपनी जान पर ख़तरे और हत्या की धमकियों की बातें करने लगे हैं। निश्चित रूप से इनको धमकियां मिली हैं, कुछ आपत्तिजनक बातें इनके ख़िलाफ़ भी कही गई हैं। लेकिन अब अचानक से अपने कहे किसी भी शब्द पर खेद प्रकट किए बिना, दोनों ही नेता – पूरे मामले को सिर्फ अपने ख़िलाफ़ अपराध और हिंसा के मामले में बदलने में लगे हैं।

लगातार बिना अपनी किसी बात पर खेद जताए, इन दोनों नेताओं की ओर से ये ही नैरेटिव सामने दिख रहा है।

लेकिन ये ख़बर लिखते समय ही भाजपा की ओर से ख़बर आई है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने इन दोनों ही नेताओं को सस्पैंड कर दिया है। इनको पार्टी की सदस्या से सस्पैंड किया गया है यानी कि अब ये पदाधिकारी भी नहीं रहेंगे। 

तो क्या अंतर्राष्ट्रीय दबाव में आया है भाजपा का बयान?

हालांकि ये बयान पढ़ने में बयान कम और सफाई ज़्यादा है और ये भी साफ ही है कि पिछले 3 दिन से इस मामले पर चुपचाप तमाशा देख रही भारतीय जनता पार्टी, पहले ही ये बयान जारी कर सकती थी। कम से कम ट्विटर से टीवी तक, उसके सांप्रदायिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर कुछ अंकुश लगता। लेकिन ऐसा नहीं किया गया, ये तब किया गया जब पूरे अरब जगत में इसके ख़िलाफ़ माहौल बनने लगा।

भाजपा का बयान (हिंदी में)

ज़ाहिर है कि अब जब इतना समय बीतने के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने इन दोनों नेताओं पर एक्शन लिया है। ऐसे में अरब जगत इसको लेकर कितना मानेगा, कितना बहलेगा – ये पता नहीं है और ये सच है कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में इस समय सबसे अहम संबंधों में कुछ भारत के अरब देशों से ही हैं।