19 लाख रोजगार की मांग को लेकर 1 मार्च को बिहार विधानसभा घेरेंगे छात्र-युवा!

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आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के बैनर तले बिहार के छात्र-युवा 19 लाख रोजगार की मांग को लेकर एक मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे। विधानसभा घेराव में पूरे बिहार से अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी समेत हजारों छात्र-नौजवान हिस्सा लेंगे। आज पटना में आइसा और इंक़लाबी नौजवान सभा के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइसा के राष्ट्रीय महासचिव व पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ, इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार, इंक़लाबी नौजवान सभा के राज्य सचिव सुधीर कुमार, आइसा के राज्य सचिव सबीर कुमार ,राज्य सह सचिव आकाश कश्यप, शिक्षक अभ्यर्थी नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह, अलोक कुमार, दारोगा अभ्यर्थी सनी जायसवाल, तकीनीकी छात्र संगठन के ई सावन कुमार, महिला सिपाही अभ्यर्थी मोनिका कुमारी, आरती कुमारी, एसएससी के शकील, अभिषेक शामिल थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आइसा के राष्ट्रीय महासचिव व पालीगंज विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि नीतीश सरकार अब अपने वायदे से पीछे भाग रही है। बिहार विधानसभा चुनाव में नौजवानों से किये 19 लाख रोजगार को सरकर कर्ज के रूप में लोन दे कर नौजवानों को कर्जदार बनाना चाहती है। इस तरह नौजवानों का अपमान बर्दास्त नहीं किया जायेगा। सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन तेज किया जायेगा।

इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार ने कहा कि बिहार के बजट में शिक्षा, रोजगार पर कोई ठोस बात नहीं हुई है। बिहार के स्कूल, अस्पताल और सरकारी विभाग शिक्षकों, कर्मचरियों, डॉक्टर्स, नर्स की कमी से जूझ रहे हैं। सरकार ने इन लाखों पदों को भरने के बजाए आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज और एफआईआर कर रही है। अब बिहार का छात्र-नौजवान सरकार के झांसों को बर्दाश्त नहीं करेगा। अपने भविष्य को बचाने के लिए सड़कों पर उतरेगा। इन्हीं मांगों के साथ 1 मार्च को बिहार विधानसभा का घेराव किया जायेगा।

छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि 15 साल के नीतीश कुमार के शासन का परिणाम यह हुआ कि आज बिहार का नौजवान सबसे ज्यादा बेरोजगारी की मार झेल रहा है। एक तरफ रोजगार के अवसरों को मुहैया कराने वाले सभी सरकारी संस्थानों को बेचा जा रहा है, वहीं विभागों में खाली पड़े हुए लाखों पदों पर बहालियां नहीं हो रही हैं। जिनकी बहालियां हो रही हैं वो परीक्षा पेपर लीक, अनियमितता और भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ जा रहा है। इसके कारण कई अभ्यार्थियों की उम्र ख़त्म हो जा रही है और बेरोजगार नौजवानों की फौज लगातार बढ़ रही है। इसलिए आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा ने 1 मार्च को बिहार विधानसभा घेराव का निर्णय लिया है।

नेताओं ने बताया कि इस मार्च में स्कूल शिक्षक अभ्यार्थी, बैंक अभ्यर्थी, अभियंता अभ्यर्थी, एलआईसी, रेलवे, सीजीएल, आईबीपीएस,  दारोगा, सिपाही, होम गार्ड, कार्यपालक सहायक, बिहार एसएससी, टोला सेवक, तालीमी मरकज, विकास मित्र, गेस्ट शिक्षक, सहायक प्रोफेसर, पारा मेडिकल, सांख्यकी स्वयं सेवक, फिजिकल शिक्षक अभ्यर्थी, सभी तरह के ठेके, मानदेय व प्रोत्साहन राशि पर काम कर रहे कर्मी आदि सभी तरह के रोजगार पाने के लिए प्रयासरत व सम्मानजनक रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे अभ्यर्थी व संगठन इस मार्च में शामिल होंगे।

नेताओं ने बताया कि विधानसभा घेराव के लिए पूरे बिहार से हजारों छात्र-युवा और अपने रोजगार की मांग को लेकर लड़ने वाले अन्य संगठन शामिल होंगे। पटना के गांधी मैदान से विधानसभा की ओर मार्च किया जायेगा।


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